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Kishore Kumar Holi Ke Din Lyrics: होली के दिन धूम मचाता है किशोर कुमार का ये गाना, देखें 'होली के दिन दिल खिल जाते हैं' गीत लिरिक्स इन हिंदी

Kishore Kumar Holi Ke Din Lyrics In Hindi (किशोर कुमार होली के दिन गीत लिरिक्स): आज होली के खास मौके पर जहां देशभर में लोग रंग-अबीर खेलने की तैयारी में हैं तो वहीं हर दूसरी गली में होली के गीत सुनाई दे रहे हैं। यहां भी किशोर कुमार का फेमस गाना 'होली के दिन दिल खिल जाते हैं' के पूरे लिरिक्स हिंदी में दिए गए हैं।

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Kishore Kumar Song Holi Ke Din Lyrics In Hindi

Kishore Kumar Holi Ke Din Lyrics In Hindi (किशोर कुमार होली के दिन गीत लिरिक्स): हैप्पी होली दोस्तों! आज होली के खास मौके पर देशभर में लोग होली के गाने बजाकर झूमते नजर आ रहे हैं। रंग-गुलाल और भांग के साथ होली के गीत का नशा भी लोगों के सिर चढ़कर बोल रहा है। खासतौर से धर्मेंद्र की फिल्म में किशोर कुमार का गाया हुआ गाना 'होली के दिन दिल खिल जाते हैं' कुछ ज्यादा ही पसंद किया जाता है। इस गाने के बजते ही होली के रंग में खुशी का उमंग जुड़ जाता है। होली का ये गाना काफी खूबसूरत और खास है। अगर आप इस गाने के बोल ढूंढ रहे हैं तो यहां से मदद ले सकते हैं। यहां 'होली के दिन दिल खिल जाते हैं' गाने के पूरे लिरिक्स मौजूद हैं।

Holi Ke Din Dil Khil Jaate Hain Song Lyrics In Hindi -

चलो सहेली, चलो सहेली

चलो रे साथी चलो रे साथी

ऐ पकड़ो-पकड़ो पकड़ो-पकड़ो पकड़ो-पकड़ो रे इसे न छोड़ो

अ रा रा रा बैंया न तोड़ो ओय ज़रा ठहर जा भाभी, अरे जा रे सराबी

क्या ओ राजा, गली में आजा होली - होली, भांग की गोली

ओ नखरे वाली, दूँगी मैं गाली अरे रामू की साली, होली रे होली

होली के दिन दिल खिल जाते हैं रंगों में रंग मिल जाते हैं

होली के दिन दिल खिल जाते हैं रंगों में रंग मिल जाते हैं

गीले शिकवे भूल के दोस्तों दुश्मन भी गले मिल जाते हैं

होली के दिन दिल खिल जाते हैं रंगों में रंग मिल जाते हैं

होली के दिन दिल खिल जाते हैं रंगों में रंग मिल जाते हैं

होली है

गोरी तेरे रंग जैसा थोडासा में रंग बना लूँ

आ तेरे गुलाबी गालों से थोड़ा सा गुलाल चुरा लूँ

जा रे जा दीवाने तू होली के बहाने तू

जारे जा दीवाने तू होली के बहाने तू

छेड़ ना मुझे बेसरम

पूछ ले ज़माने से ऐसे ही बहाने से लिए और दिए दिल जाते हैं

होली के दिन दिल खिल जाते हैं रंगों में रंग मिल जाते हैं

हो ओ हो हो ओ हो हो ओ हो (हो ओ हो हो ओ हो)

यही तेरी मर्जी है तो, अच्छा चल ले तू ख़ुश हो ले

पास आ के छूना ना मुझे, चाहे मुझे दूर से भिगो ले

हीरे की कनी है तू, मट्टी से बनी है तू, हीरे की कनी है तू, मट्टी से बनी है तू

छूने से जो टूट जाएगी

काँटों के छूने से, फूलों से नाजुक नाजुक बदन छिल जाते है

होली के दिन दिल खिल जाते हैं रंगों में रंग मिल जाते हैं

गीले शिकवे भूल के दोस्तों दुश्मन भी गले मिल जाते हैं

होली के दिन दिल खिल जाते हैं रंगों में रंग मिल जाते हैं

होली के दिन दिल खिल जाते हैं रंगों में रंग मिल जाते हैं

होली के दिन दिल खिल जाते हैं रंगों में रंग मिल जाते हैं (हे हे बुरारार्रा)

होली के दिन दिल खिल जाते हैं रंगों में रंग मिल जाते हैं (हां हां हां आ अरे लगा रंग लगा अरे छोड़ना मत हां ही ही)

होली के दिन दिल खिल जाते हैं रंगों में रंग मिल जाते हैं (अरे बचा हे हे हे बुरारार्रा हां हां हां)

Srishti
सृष्टिauthor

सृष्टि टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की फीचर डेस्क से जुड़ी कंटेंट राइटर हैं, जो मुख्य रूप से धर्म और लाइफस्टाइल सेक्शन के लिए लिखती हैं। सृष्टि को आध्यात्म, भारतीय संस्कृति और साहित्य में गहरी रुचि है। यही वजह है कि उनके लेखों में परंपरा, आस्था और जीवनशैली की सहज समझ खूबसूरती से दिखाई देती है। वह धार्मिक कथाओं, ग्रंथों से जुड़े विषयों, आध्यात्मिक ट्रेंड्स और समकालीन जीवनशैली पर 5,000 से अधिक लेख लिख चुकी हैं। मॉडर्न लाइफस्टाइल और पारंपरिक मूल्यों के बीच संतुलन बनाते हुए वह ऐसे कंटेंट गढ़ती हैं, जो प्रेरक होने के साथ-साथ जानकारीपूर्ण भी होता है।

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