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Haq Shayari: बोलते क्यूं नहीं मिरे हक में, आबले पड़ गए जबान में क्या.., पढ़ें हक पर चंद खूबसूरत शेर

Haq Shayari in Hindi text:यामी गौतम और इमरान हाशमी की फिल्म हक इन दिनों चर्चा में है। रिलीज से पहले से ही इस फिल्म को लेकर लोगों के बीच काफी उत्सुकता देखी गई। इस अल्फाज़ हक पर कई शायरों ने शायरी भी की है। आइए पढ़ते हैं हक पर शायरी हिंदी में:

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हक पर शायरी हिंदी में (Photo: iStock)

Haq Shayari in Hindi: हक ऐसा शब्द है जिसे सुनते ही दिल में एक ताकत जग जाती है। हक मतलब अपना अधिकार। हक की लड़ाई इतिहास में भरी पड़ी है। आजादी की जंग हक की थी – अपने देश पर हक। हक सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि नैतिक, सामाजिक और इंसानी भी है। बाप-दादा की जमीन पर हक, पढ़ाई पर हक, वोट देने पर हक..सब कुछ हक से चलता है। लेकिन हक के साथ जिम्मेदारी भी आती है। नैतिकता कहती है कि अपना हक छोड़ो नहीं और दूसरे का हक छीनो नहीं। इसी हक पर दुनिया भर के मशहूर शायरों ने जबरदस्त शेर लिखे हैं। आइए पढ़ें हक पर शायरी:

1. कुछ दिन तो मलाल उस का हक़ था

बिछड़ा तो ख़याल उस का हक़ था

- किश्वर नाहीद

2. बोलते क्यूं नहीं मिरे हक़ में

आबले पड़ गए ज़बान में क्या

- जौन एलिया

3. हक़-परस्ती के सज़ा-वार हुआ करते थे

हम कभी साहब-ए-किरदार हुआ करते थे

- ताशी ज़हीर

4. मुझ को भी हक़ है ज़िंदगानी का

मैं भी किरदार हूं कहानी का

- ताहिर अज़ीम

5. ज़िंदा रहने का हक़ मिलेगा उसे

जिस में मरने का हौसला होगा

- सरफ़राज़ अबद

6. बात हक़ है तो फिर क़ुबूल करो

ये न देखो कि कौन कहता है

- दिवाकर राही

7. सारी गवाहियां तो मिरे हक़ में आ गईं

लेकिन मिरा बयान ही मेरे ख़िलाफ़ था

- नफ़स अम्बालवी

8. चश्म-ए-वहदत से गर कोई देखे

बुत-परस्ती भी हक़-परस्ती है

- जोशिश अज़ीमाबादी

9. हमारे हक़ में दुआ करेगा

वो इक न इक दिन वफ़ा करेगा

- नासिर राव

10. मिरे हक़ में कोई ऐसी दुआ कर

मैं ज़िंदा रह सकूँ तुझ को भुला कर

- सीमान नवेद

11. हक़ वफ़ा के जो हम जताने लगे

आप कुछ कह के मुस्कुराने लगे

- अल्ताफ़ हुसैन हाली

12. वो सूफ़ी कि था ख़िदमत-ए-हक़ में मर्द

मोहब्बत में यकता हमीयत में फ़र्द

- अल्लामा इक़बाल

अगर ये शेर आपको पसंद आए हों तो आप इन्हें अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स से शेयर कर सकते हैं। आप अपने किसी करीबी को निजि तौर पर भी ये शायरी भेज सकते हैं।

Suneet Singh
सुनीत सिंहauthor

सुनीत सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में डिप्टी न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन में स्पेशल स्टोरीज प्रोजेक्ट का नेतृत्व कर रहे हैं। टीवी और डिजिटल पत्रकारिता में 13 वर्षों के अनुभव के साथ, सुनीत उन बहुमुखी पत्रकारों में शामिल हैं जिन्होंने न्यूजरूम और फील्ड—दोनों मोर्चों पर खुद को साबित किया है। माइक, कैमरा और एडिटिंग डेस्क तीनों से उनकी सहज जुगलबंदी ने उन्हें एक संतुलित और विश्वसनीय मीडिया प्रोफेशनल के रूप में स्थापित किया है। पिछले 10 वर्षों से सुनीत लाइफस्टाइल, लिटरेचर, सिनेमा और संस्कृति से जुड़ी गहन व विश्लेषणात्मक स्टोरीज लिखते रहे हैं और अबतक 12,000 से अधिक आर्टिकल पब्लिश कर चुके हैं। उनकी लेखन शैली गहराई, मौलिक दृष्टिकोण और रिसर्च-आधारित प्रस्तुति से पहचानी जाती है। वे विषयों की बारीकियों को पकड़कर उन्हें सरल, प्रभावी और पाठकों से जुड़ने वाली भाषा में ढालने में दक्ष हैं।

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