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Summer Shayari in Hindi: चमड़ी जलाने वाली गर्मी पड़ रही बाहर.. चिलचिलाती गर्मी में ठंडक का एहसास दिलाएंगी ये शानदार शायरियां, देखें पूरा कलेक्शन

Summer Shayari in Hindi: अगर आप भी गालिब-गुलज़ार को बड़े चाव से पढ़ते हैं, तो इस चिलचिलाती गर्मी वाले मौसम में ये शायरियां आपको किसी ठंडी हवा से झोंके से कम नहीं लगेंगी। हिंदी में यहां पढ़ें गर्मी की शायरी, शायरियों का बेस्ट कलेक्शन, गर्मी की शायरी 2 लाइन, समर वेकेशन शायरी।

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Shayari on summer in Hindi

Summer Shayari in Hindi (हिंदी में शायरी): मई की इस चिलचिलाती गर्मी में हर किसी का बुरा हाल है। बढ़ते तापमान के साथ शरीर ही नहीं दिमाग का पारा भी खूब चढ़ रहा है। ऐसे में कोई हल्का सा ठंडी हवा का झोंका ही मिल जाए, तो मजा आ जाता है। अब इस सितम ढाने वाले मौसम का लुत्फ उठाना है, तो शेरो-शायरी के शौकीन लोगों के लिए ये लेटेस्ट हिंदी शायरियां एकदम कमाल की हो सकती हैं। जो आपको धधकती गर्मी में भी कलेजे में बर्फ सी ठंडक का एहसास देगी। देखें गर्मी की शायरी, गर्मी पर 2 लाइन, रोमांटिक शायरी इन हिंदी।

हिंदी में गर्मी की शायरियां, Garmi Ki Shayari In Hindi

1. गर्मी की ये जलन, धूप का ये सितम,

कब खत्म होगा ये गर्मी का मौसम

2. गर्मी की तपती दोपेहरी में, बिन मौसम की बरसात है तू..

दूर होना चाहूं तुझसे इस कदर, मगर छूटती नहीं कमबख्त ऐसी आदत है तू..

3. बहुत गर्मी पड़ी अब के बरस भी

मई और जून मुश्किल में जिया है..

Love Shayari

4. निकले थे हम भी मोहब्बत की तलाश में,

बाहर पारा इतना चढ़ा था कि,

ठंडा पीकर घर वापस लौट आए..

5. अब तो चमड़ी जलाने वाली गर्मी पड़ रही है बाहर,

मगर एक वो है जिसका दिल पिघलने का नाम ही नहीं ले रहा..

Funny Shayari in Hindi

6. लगता है सूरज की बीवी मई में मायके चली जाती होगी,

तभी तो जनाब के तेवर ही बदल जाते हैं।

7. गर्मी और बीवी दोनों एक समान हैं, जब इनका पारा चढ़ता है,

तो बड़े-बड़ों का पसीना छूट जाता है।

8. जब दिन की गर्मी सताती है तो रात की चांदनी शीतलता दे जाती है,

गर्मियों के मौसम में अक्सर इसी दरमियान तेरी याद आ जाती है।

Power Cut Shayari in Hindi

9. कैसा गजब का है ये दिन देखो तो जरा,

गर्मी से तड़पाती रातें हैं बिजली के बिना।

10. नींद ना आए रातों को, अब तो पंखे-कूलर सब फेल हुए,

गर्मी इतनी बढ़ गई, घर में ही ऐसा लगे जैसे तिहाड़ जेल गए

11. शहर क्या देखें कि हर मंज़र में जाले पड़,

गए ऐसी गर्मी है कि पीले फूल काले पड़ गए..

Avni Bagrola
अवनी बागरोलाauthor

अवनी बागरोला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के लाइफस्टाइल सेक्शन में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं। फैशन, ब्यूटी, ट्रेंड्स, पर्सनल स्टाइलिंग और आधुनिक जीवनशैली से जुड़े कंटेंट पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें युवा और स्टाइल-सेवी ऑडियंस के बीच खास पहचान दिलाती है। अवनी की लेखन शैली सरल, ट्रेंडी और यूज़र-फ्रेंडली है, जो पाठकों को तेजी से बदलते फैशन व लाइफस्टाइल ट्रेंड्स को समझने में मदद करती है। अब तक 2,500 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुकी अवनी क्रिएटिव अप्रोच, अपडेटेड नॉलेज और रियल-टाइम ट्रेंड सेंस के लिए जानी जाती हैं।

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