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Friendship Day 2025 Date: भारत में फ्रेंडशिप डे 2025 कितनी तारीख को है, जानिए फ्रेंडशिप डे का इतिहास, दोस्ती के लिए क्यों बना खास

Friendship Day 2025 Date, History, Significance: भारत में फ्रेंडशिप डे कब मनाया जाएगा? इस साल कितनी तारीख को मनाया जाएगा फ्रेंडशिप डे? फ्रेंडशिप डे क्यों मनाते हैं? क्या है फ्रेंडशिप डे का इतिहास? आपके इन सभी सवालों का जवाब हम यहां दे रहे हैं।

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फ्रेंडशिप डे 2025 कब है (Photo: Freepik)

Friendship Day 2025 Date (फ्रेंड्शिप डे 2025 कब है): दोस्ती एक ऐसा एहसास है जिसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। इसी दोस्ती के एहसास को और भी खास बनाने के लिए हर साल फ्रेंडशिप डे मनाया जाता है। यह दिन हमें अपने दोस्तों को थैंक यू कहने, पुरानी यादें ताजा करने और नई यादें बनाने का मौका देता है। दुनियाभर में दोस्ती का यह खास उत्सव फ्रेंड्शिप डे हर साल अगस्त के पहले रविवार को मनाया जाता है। इस साल फ्रेंडशिप डे 3 अगस्त को पड़ा है। वैसे संयुक्त राष्ट्र ने 30 जुलाई को फ्रेंडशिप डे के रूप में मान्यता दी है, लेकिन भारत समेत दुनिया के ज्यादातर देश अगस्त के पहले रविवार को यह दिन सेलिब्रेट करते हैं।

फ्रेंड्शिप डे का इतिहास (History of Friendship Day)

फ्रेंडशिप डे का विचार सबसे पहले 1930 में अमेरिका में आया। ग्रीटिंग कार्ड्स बनाने वाली कंपनी हॉलमार्क ने फ्रेंडशिप डे मनाने की व्यवसायिक शुरुआत की थी, ताकि लोग अपने दोस्तों को कार्ड्स भेजकर अपने जज्बात जाहिर करें। धीरे-धीरे यह दिन लोगों के दिलों में जगह बनाने लगा। 1958 में पहली बार फ्रेंडशिप डे का औपचारिक प्रस्ताव पराग्वे में दिया गया। इसके बाद यह परंपरा कई देशों में फैल गई।

फ्रेंड्शिप डे का महत्व (Importance Of Friendship Day)

दोस्ती वह रिश्ता है जो बिना किसी स्वार्थ के जीवन को समृद्ध बनाता है। फ्रेंड्शिप डे हमें अपने दोस्तों के प्रति आभार व्यक्त करने और उनके साथ बिताए पलों को संजोने का अवसर देता है। यह दिन न केवल व्यक्तिगत रिश्तों को मजबूत करता है, बल्कि सामाजिक एकता, समावेशिता और सांस्कृतिक विविधता को भी बढ़ावा देता है। मनोवैज्ञानिक रूप से, दोस्ती तनाव, अकेलापन और चिंता को कम करती है। यह दिन हमें याद दिलाता है कि दोस्त वह परिवार हैं, जिन्हें हम खुद चुनते हैं।

Suneet Singh
सुनीत सिंहauthor

सुनीत सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में डिप्टी न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन में स्पेशल स्टोरीज प्रोजेक्ट का नेतृत्व कर रहे हैं। टीवी और डिजिटल पत्रकारिता में 13 वर्षों के अनुभव के साथ, सुनीत उन बहुमुखी पत्रकारों में शामिल हैं जिन्होंने न्यूजरूम और फील्ड—दोनों मोर्चों पर खुद को साबित किया है। माइक, कैमरा और एडिटिंग डेस्क तीनों से उनकी सहज जुगलबंदी ने उन्हें एक संतुलित और विश्वसनीय मीडिया प्रोफेशनल के रूप में स्थापित किया है। पिछले 10 वर्षों से सुनीत लाइफस्टाइल, लिटरेचर, सिनेमा और संस्कृति से जुड़ी गहन व विश्लेषणात्मक स्टोरीज लिखते रहे हैं और अबतक 12,000 से अधिक आर्टिकल पब्लिश कर चुके हैं। उनकी लेखन शैली गहराई, मौलिक दृष्टिकोण और रिसर्च-आधारित प्रस्तुति से पहचानी जाती है। वे विषयों की बारीकियों को पकड़कर उन्हें सरल, प्रभावी और पाठकों से जुड़ने वाली भाषा में ढालने में दक्ष हैं।

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