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शुक्रवार का सुविचार: मंजिल चाहे जितनी भी ऊंची क्यों ना हो, रास्ते हमेशा पैरों के नीचे ही होते हैं

Friday Thoughts (शुक्रवार का सुविचार): आज का सुविचार जीवन में धैर्य, मेहनत और आत्मविश्वास की सीख देता है। कोई भी लक्ष्य कितना भी बड़ा क्यों न लगे, उसे पाने की शुरुआत छोटे कदमों से ही होती है।

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आज का सुविचार

Friday Thought (शुक्रवार का सुविचार): आज शुक्रवार है। शुक्रवार का दिन सप्ताह का वो दिन माना जाता है जब पूरे हफ्ता का लेखा-जोखा करते हैं। हम देखते हैं कि इस पूरे सप्ताह हमने क्या कुछ नया सीखा, क्या पाया और क्या कुछ छूट गया। लेकिन हालात जो भी हो यह शुक्रवार हमें बताता है कि मौका कभी खत्म नहीं होता, फिर मिलता है। तो अपने हौसलों को बुलंद रखें। इन्हीं बुलंद हौसलों के साथ पढ़ें आज का सुविचार:

"मंजिल चाहे जितनी भी ऊंची क्यों ना हो, रास्ते हमेशा पैरों के नीचे ही होते हैं"

आज का यह सुविचार जीवन में धैर्य, मेहनत और आत्मविश्वास की सीख देता है। इसका अर्थ है कि कोई भी लक्ष्य कितना भी बड़ा या कठिन क्यों न लगे, उसे पाने की शुरुआत छोटे-छोटे कदमों से ही होती है।

अकसर लोग अपनी मंजिल को देखकर डर जाते हैं। उन्हें लगता है कि सफलता बहुत दूर है और वहां तक पहुंचना शायद उनके बस की बात नहीं। लेकिन यह विचार हमें याद दिलाता है कि हर बड़ी उपलब्धि की शुरुआत एक छोटे कदम से होती है। पहाड़ की चोटी पर पहुंचने वाला व्यक्ति भी एक-एक कदम चलकर ही वहां तक पहुंचता है।

यह सोच इंसान को वर्तमान पर ध्यान देना सिखाती है। कई बार हम मंजिल की चिंता में इतने उलझ जाते हैं कि रास्ते पर चलना ही भूल जाते हैं। जबकि सच यह है कि सफलता अचानक नहीं मिलती, बल्कि रोज की मेहनत, संघर्ष और निरंतर प्रयास से बनती है।

इस विचार का एक और सुंदर अर्थ यह भी है कि रास्ते हमेशा हमारे नियंत्रण में होते हैं। मंजिल भले दूर हो, लेकिन अगला कदम हमारे हाथ में होता है। अगर इंसान हार मानने के बजाय लगातार आगे बढ़ता रहे, तो धीरे-धीरे सबसे कठिन रास्ते भी आसान लगने लगते हैं।

जीवन में सफल वही लोग होते हैं जो बड़ी मंजिलों से घबराते नहीं, बल्कि अपने कदमों पर भरोसा रखते हैं। यह विचार हमें सिखाता है कि सपने चाहे कितने भी ऊंचे हों, उन्हें पाने का रास्ता हमेशा हमारे हौसले और मेहनत के नीचे ही होता है।

Suneet Singh
सुनीत सिंहauthor

सुनीत सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में डिप्टी न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन में स्पेशल स्टोरीज प्रोजेक्ट का नेतृत्व कर रहे हैं। टीवी और डिजिटल पत्रकारिता में 13 वर्षों के अनुभव के साथ, सुनीत उन बहुमुखी पत्रकारों में शामिल हैं जिन्होंने न्यूजरूम और फील्ड—दोनों मोर्चों पर खुद को साबित किया है। माइक, कैमरा और एडिटिंग डेस्क तीनों से उनकी सहज जुगलबंदी ने उन्हें एक संतुलित और विश्वसनीय मीडिया प्रोफेशनल के रूप में स्थापित किया है। पिछले 10 वर्षों से सुनीत लाइफस्टाइल, लिटरेचर, सिनेमा और संस्कृति से जुड़ी गहन व विश्लेषणात्मक स्टोरीज लिखते रहे हैं और अबतक 12,000 से अधिक आर्टिकल पब्लिश कर चुके हैं। उनकी लेखन शैली गहराई, मौलिक दृष्टिकोण और रिसर्च-आधारित प्रस्तुति से पहचानी जाती है। वे विषयों की बारीकियों को पकड़कर उन्हें सरल, प्रभावी और पाठकों से जुड़ने वाली भाषा में ढालने में दक्ष हैं।

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