Fagun Shayari in Hindi: होली का त्योहार आ चुका है। हवा में मस्ती घुलने लगी है। हर साल फाल्गुन मास की पूर्णिमा को रंगों का यह सबसे बड़ा पर्व मनाया जाता है। फाल्गुन के मौसम का जादू ही कुछ और होता है। हिंदू पंचांग का सबसे अंतिम महीना हमें सिखाता है कि जीवन उत्सव है। जब प्रकृति रंग बिखेरती है, तब मन भी रंगों से भर जाता है। होली की अग्नि में जलकर पुराना अहंकार राख हो जाता है और नया प्रेम, नई दोस्ती, नई उम्मीदें जन्म लेती हैं। फागुन जीवन को फिर से जीने का, प्रेम से रंगने का अवसर है।
फागुन पर बहुत कुछ लिखा पढ़ा गया है। बहुत से शायरों ने एक से बढ़कर एक खूबसूरत शेर भी इस फागुन पर लिखे हैं। आइए पढ़ते हैं फागुन पर शायरी हिंदी में:
Fagun Par Shayari ( फागुन पर शायरी हिंदी में)
1. छिड़ा है राग भौंरे का हवा की है नई धुन भी,
गजब है साल के बारह महीने में ये फागुन भी
- अकबर इलाहाबादी
2. जब फागुन रंग झमकते हों तब देख बहारें होली की,
और डफ के शोर खड़कते हों तब देख बहारें होली की
- नज़ीर अकबराबादी
3. गोरी धूप कछार की हम सरसों के फूल
जब-जब होंगे सामने तब-तब होगी भूल
- कैलाश गौतम
4. कौन रंग फागुन रंगे, रंगता कौन वसंत
प्रेम रंग फागुन रंगे, प्रीत कुसुंभ वसंत
- दिनेश शुक्ल
5. सीने से घटा उट्ठे आंकों से झड़ी बरसे
फागुन का नहीं बादल जो चार घड़ी बरसे
- इब्न-ए-इंशा
6. मजा है सैर है हर सू कमाल होली में,
सभों के ऐश को फागुन का ये महीना है
- नजीर अकबराबादी
7. बड़ी गालियां देगा फागुन का मौसम,
अगर आज ठट्ठा ठिठोली ना होगी
- नजीर बनारसी
8. बाद-ासुमूम तेरा मारा हुआ है ये दिल
फागुनों के मौसम की पुरवाई चाहता है
- जीना कुरैशी
9. दहकी-दहकी दोपहर बहकी-बहकी रात
फागुन आया गाँव में लेकर ये सौगात
- शिवओम अंबर
10. दल के दल मतवाले भौंरे काट रहे हैं चक्कर क्या-क्या
लेती हैं इनकी झनकारें दिल से दिल हर दम चक्कर क्या-क्या
- 'मुनव्वर' लखनवी
11. फजा में है फागुन की रानाइयां
हवा में बहारों की सरमस्तियां
- अब्दुल मजीद 'शम्स'
12. है छिटकी हुई चांदनी हर तरफ
है चांदी की चादर बिछी हर तरफ
- अब्दुल मजीद 'शम्स'
13. फागुन आया खिल गए, टेसू और कनेर
गदराया यौवन कहे, प्रियतम मत कर देर
- सुनील जोगी
14. भीगा फागुन रंग में, आया जो त्यौहार
लाल टेसुओं ने किया, मौसम का सिंगार
- मानसी
15. ऐसी दौडी़ फ़गुनाहट ढ़ाणी चौक फलाँग
फागुन आया खेत में गये पडो़सी जान
- पूर्णिमा वर्मन
16. धरती से आने लगी मादक मादक गंध
फागुन संग बसंत ने किया नया अनुबंध
-अज्ञात
