डिब्बा बंद खाद्य पदार्थों में ज्यादा चीनी,नमक और वसा की मात्रा को लेकर ICMR के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूट्रिशन (ICMR-NIN) ने FSSAI को अहम सुझाव दिए हैं। इनमें नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूट्रिशन ने कहा है कि पैक्ड फूड पर चीनी,नमक और वसा को लेकर फ्रंट-ऑफ-पैक चेतावनी लेबल लगाया जाए। ICMR-NIN ने 3 सितंबर 2026 को FSSAI के CEO को पत्र भेजकर प्रस्तावित लाल हेक्सागोनल चेतावनी लेबल के पोषण मानकों और व्यवस्था में बदलाव पर विचार करने को कहा है।
ICMR-NIN का कहना है कि खाद्य पदार्थों पर चेतावनी तय करने के लिए ICMR-NIN की Dietary Guidelines for Indians (DGI) 2024 को एक समग्र आधार माना जाना चाहिए। संस्थान के मुताबिक सिर्फ किसी एक पोषक तत्व की मात्रा को अलग से देखकर सीमा तय करने के बजाय खाद्य पदार्थ की कुल ऊर्जा, अतिरिक्त चीनी, वसा और नमक को साथ में ध्यान में रखा जाना चाहिए।
एक पोषक तत्व ज्यादा तो उसी की चेतावनी
ICMR-NIN ने खास तौर पर सुझाव दिया है कि चेतावनी तभी लागू न हो जब किसी खाद्य पदार्थ में दो या उससे ज्यादा पोषक तत्व तय सीमा से अधिक हों। अगर किसी एक पोषक तत्व की मात्रा ही तय सीमा से ज्यादा है तो उसी के आधार पर चेतावनी दी जानी चाहिए। यानी किसी पैकेट में सिर्फ चीनी ज्यादा है तो उस पर ‘HIGH SUGAR’, वसा ज्यादा है तो ‘HIGH FAT’ और नमक ज्यादा है तो ‘HIGH SALT’ की चेतावनी दिखाई जा सकती है।
लाल हेक्सागोन में अलग-अलग चेतावनी का सुझाव
ICMR-NIN ने केवल एक संयुक्त ‘HFSS’ चेतावनी के बजाय अलग-अलग और आसानी से समझ आने वाले लाल हेक्सागोन इस्तेमाल करने का सुझाव दिया है। संस्थान के मुताबिक ‘HIGH SUGAR’, ‘HIGH FAT’ और ‘HIGH SALT’ जैसे साफ शब्द उपभोक्ताओं को तुरंत बता देंगे कि खाद्य पदार्थ में किस पोषक तत्व की मात्रा ज्यादा है। ICMR-NIN ने अपने राष्ट्रीय अध्ययन का हवाला देते हुए कहा है कि सरल और आसानी से समझ आने वाले चेतावनी लेबल उपभोक्ताओं तक पोषण संबंधी जानकारी पहुंचाने में ज्यादा प्रभावी हो सकते हैं।250 कैलोरी और 70 कैलोरी का भी उल्लेख
DGI 2024 के संदर्भ में ICMR-NIN ने बताया कि ठोस खाद्य पदार्थों के लिए 250 किलो कैलोरी प्रति 100 ग्राम और तरल खाद्य पदार्थों के लिए 70 किलो कैलोरी प्रति 100 मिलीलीटर की ऊर्जा सीमा के साथ अतिरिक्त चीनी, अतिरिक्त वसा और नमक से जुड़े मानकों को भी देखा जाना चाहिए। संस्थान ने कहा कि इन पोषक तत्वों की सीमा को अलग-अलग देखने के बजाय DGI 2024 में तय कुल वसा और कुल चीनी की अनुशंसित ऊपरी सीमा और खाद्य पदार्थ की ऊर्जा मात्रा को भी ध्यान में रखना बेहतर होगा।अगर चरणबद्ध लागू हो तो समय तय हो
ICMR-NIN ने यह भी कहा है कि अगर व्यावहारिक कारणों से फ्रंट-ऑफ-पैक चेतावनी व्यवस्था को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाता है तो इसके लिए समयबद्ध संक्रमण व्यवस्था होनी चाहिए। शुरुआत में अपेक्षाकृत ज्यादा सीमा रखकर बाद के चरणों में उसे धीरे-धीरे कम किया जा सकता है। संस्थान ने साफ किया कि इस प्रक्रिया का उद्देश्य खाद्य कंपनियों को अपने उत्पादों में सुधार करने का पर्याप्त समय देना हो सकता है, लेकिन चेतावनी व्यवस्था को अनिश्चितकाल तक टालना नहीं चाहिए। ICMR-NIN ने FSSAI को HFSS की परिभाषा और फ्रंट-ऑफ-पैक चेतावनी लेबल की अंतिम रूपरेखा तैयार करने में आगे भी वैज्ञानिक और तकनीकी सहयोग देने की बात कही है।
