How Sugary Drinks Disrupt Hunger Hormones: आजकल कोल्ड ड्रिंक, पैकेट जूस और अलग-अलग फ्लेवर वाले मीठे ड्रिंक्स पीना बहुत आम हो गया है। कई लोग इन्हें थकान दूर करने या स्वाद के लिए रोज पीते हैं। लेकिन यशोदा हॉस्पिटल, हैदराबाद के सीनियर कंसल्टेंट जनरल फिजिशियन डॉ. के. शेषी किरण बताते हैं कि ज्यादा शुगर वाले ड्रिंक्स सिर्फ कैलोरी ही नहीं बढ़ाते, बल्कि शरीर के उन हार्मोन पर भी असर डालते हैं जो भूख को कंट्रोल करते हैं। जब ये हार्मोन सही तरीके से काम नहीं करते, तो पेट भरने के बाद भी संतुष्टि महसूस नहीं होती और इंसान जरूरत से ज्यादा खा सकता है।
मीठे ड्रिंक्स से क्यों नहीं मिलती पेट भरने की फीलिंग
डॉ. के. शेषी किरण के अनुसार शुगर वाले ड्रिंक्स में मौजूद सुक्रोज शरीर में ऐसे हार्मोन के असर को कम कर सकता है, जो दिमाग को बताते हैं कि अब पेट भर चुका है। खासकर GLP-1 और पेप्टाइड YY जैसे हार्मोन संतुष्टि का एहसास दिलाते हैं, लेकिन ज्यादा मीठे ड्रिंक्स इनकी सक्रियता को धीमा कर सकते हैं। यही वजह है कि मीठा पीने के बाद भी जल्दी भूख लग सकती है।
लिक्विड शुगर शरीर को अलग तरीके से प्रभावित करती है
ठोस खाने की तुलना में लिक्विड कैलोरी शरीर को उतनी संतुष्टि नहीं देती। जब हम मीठा ड्रिंक पीते हैं, तो शरीर उसे उसी तरह प्रोसेस नहीं करता जैसे रोटी, दाल या फल को करता है। इससे भूख कंट्रोल करने वाला सिस्टम पूरी तरह एक्टिव नहीं हो पाता और बार-बार कुछ खाने का मन करता है।
मोटापे या इंसुलिन रेजिस्टेंस वाले लोगों में ज्यादा खतरा
डॉक्टर बताते हैं कि जिन लोगों का वजन ज्यादा है या जिनमें इंसुलिन का असर कम हो गया है, उनमें मीठे ड्रिंक्स का प्रभाव और ज्यादा देखा जा सकता है। ऐसे लोगों में भूख दबाने वाले हार्मोन कम मात्रा में बनते हैं, जिससे ओवरईटिंग की संभावना बढ़ जाती है।
लंबे समय में बढ़ सकता है वजन और मेटाबॉलिक समस्याएं
लगातार ज्यादा शुगर वाले ड्रिंक्स पीने से वजन बढ़ना, इंसुलिन रेजिस्टेंस और मेटाबॉलिक डिसऑर्डर का खतरा बढ़ सकता है। धीरे-धीरे यह आदत शरीर के लिए नुकसानदायक बन सकती है और कई हेल्थ प्रॉब्लम की वजह भी बन सकती है।
भूख को संतुलित रखने के लिए क्या करें
डॉ. के. शेषी किरण सलाह देते हैं कि मीठे ड्रिंक्स की मात्रा कम रखें और रोजमर्रा की डाइट में फाइबर से भरपूर चीजें शामिल करें। जैसे फल, सलाद, साबुत अनाज और पर्याप्त पानी पीना। इससे पेट लंबे समय तक भरा महसूस होता है और बार-बार खाने की इच्छा कम होती है।
डॉक्टर के अनुसार, छोटी-छोटी आदतों में बदलाव करके हम अपने हार्मोन और भूख दोनों को बेहतर तरीके से संतुलित रख सकते हैं। मीठे ड्रिंक्स कम करना एक आसान लेकिन असरदार कदम हो सकता है, जो लंबे समय तक हेल्दी रहने में मदद करता है।
डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।
