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Polka Dot Dress: कभी मौत की निशानी थे पोल्का डॉट्स, आज बने प्रेग्नेंसी की पहचान, जितना सुंदर लिबास उतना रोचक इतिहास

History of Polka Dot Dress: 18वीं सदी के अंत के साथ ही पोल्का डॉट ड्रेस पॉपुलर होने लगे। दरअसल वो ये समय था जब चेचक और प्लेग जैसी महामारियों कम हो गईं। अब लोगों को डॉट्स देखकर बुरा दौर नहीं सताता था। हालांकि सिर्फ इन महामारियों के खत्म होने से ही पोल्का डॉट्स ड्रेस पॉपुलर नहीं हुए। उसकी तो अपनी एक अलग ही दास्तान है। 19वीं सदी और 20वीं सदी के मध्य में कई घटनाएं हुईं जिनके कारण इन डॉट पैटर्न्स की लोकप्रियता बढ़ी।

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Explained History and Evolution of Polka Dots

Explained History and Evolution of Polka Dot Dress: हाल ही में सोनाक्षी सिन्हा अपने हनीमून से लौटीं तो वह पोल्का डॉट ड्रेस में नजर आईं। तस्वीरें वायरल होते ही इस तरह की चर्चा होने लगी कि क्या वह प्रेग्नेंट हैं? ऐसा दरअसल इसलिए हुआ क्योंकि पिछले कुछ सालों में पोल्का डॉट ड्रेस में नजर आने वालीं ज्यादातर एक्ट्रेसेस के प्रेग्नेंसी की खबर भी आई। आज के संदर्भ में देखा जाए तो पोल्का डॉट ड्रेस प्रेग्नेंसी की पहचान बन गए हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि यही पोल्का डॉट्स कभी अपशगुन, बुरे दिन और चेचक-प्लेग जैसी जानलेवा महामारी की पहचान हुआ करते थे। आइए डालते हैं पोल्का डॉट ड्रेस के इतिहास और इससे जुड़ी जरूरी घटनाओं पर एक नजर:

कभी प्लेग और चेचक जैसी महामारी की पहचान थे Polka Dots

इंडस्ट्रियल रेवोल्यूशन से पहले कपड़ों पर डिजाइनिंग हाथों से ही होती थी। उन दिनों ज्यादा तरह के डिजाइन भी नहीं थे। सबसे आसान और सुंदर डिजाइन पोल्का डॉट्स को माना जाता था। हालांकि तब उन गोल डॉट्स को पोल्का नहीं कहा जाता था। 18वीं सदी में यूरोप के ज्यादातर देशों में प्लेग और चेचक जैसी महामारी अकसर लाखों लोगों की जान ले लेती थी। प्लेग और चेचक जैसी जानलेवा बीमारियों से ग्रसित लोगों के शरीर पर गोल दाने बन जाते थे। ये डॉट्स उन्हें हमेशा से उनके जीवन के सबसे बुरे दिनों की याद दिलाते थे। इसी कारण से वहां लोग पोल्का डॉट से नफरत करने लगे थे। वो कपड़ों पर भी इस तरह के डॉट्स नहीं बनाते थे।

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18वीं सदी के अंत के साथ ही पोल्का डॉट ड्रेस पॉपुलर होने लगे। दरअसल वो ये समय था जब चेचक और प्लेग जैसी महामारियों कम हो गईं। अब लोगों को डॉट्स देखकर बुरा दौर नहीं सताता था। हालांकि सिर्फ इन महामारियों के खत्म होने से ही पोल्का डॉट्स ड्रेस पॉपुलर नहीं हुए। उसकी तो अपनी एक अलग ही दास्तान है। 19वीं सदी और 20वीं सदी के मध्य में कई घटनाएं हुईं जिनके कारण इन डॉट पैटर्न्स की लोकप्रियता बढ़ी।

पोल्का डॉट ड्रेस- कैसा पड़ा नाम?

बात 1835 के करीब की है। जगह यूरोप। तब वहां बोहेमियन समुदाय का एक डांस फॉर्म काफी पॉपुलर हो रहा था। वह डांस ना सिर्फ यूरोप बल्कि दुनिया के देशों में भी खूब लोकप्रियता बटोर रहा था। डांस फॉर्म का नाम था पोल्का डांस। पोल्का डांस का जादू दुनिया के सिर पर इस कदर चढ़कर बोल रहा था कि उससे जुड़ी चीजों से बाजार भी पट गया। इस डांस में डॉट प्रिंट वाली ड्रेस का इस्तेमाल होता था। उस तरह के प्रिंट के कपड़े भी मार्केट में आ गए। वहीं से इस तरह के प्रिंट वाले कपड़ों को पोल्का डॉट ड्रेस नाम मिला।

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जब मिस अमेरिका ने पहना पोल्का डॉट स्विम सूट

पोल्का डॉट ड्रेस जो 1835 में यूरोप से पॉपुलर हुए, 20वीं सदी आते-आते अमेरिका समेत पूरी दुनिया में छा गए। सबसे पहले अमेरिका में पोल्का डॉट्स स्विमसूट पर भी देखे गए। 1926 में तत्कालीन मिस अमेरिका नोर्मा स्मॉलवुड ने पोल्का डॉट वाले स्विम सूट में फोटोशूट कराया। तस्वीर के मीडिया में आने के बाद तो अमेरिका में पोल्का डॉट ड्रेस के लिए लड़कियां पागल सी हो गईं। नोर्मा स्मॉलवुड का वहां के लोगों पर इतना ज्यादा प्रभाव इसलिए भी था क्योंकि वह मिस अमेरिका बनने वालीं पहली अमेरिकन थीं।

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डिज्नी कार्टून की मिन्नी माउस

1928 में डिज़्नी ने मिन्नी माउस नाम का कार्टून कैरेक्टर बनाया। मिनी माउस काफी पसंद की गई। मिन्नी माउस को पोस्टर और प्रिंट्स में पोल्का डॉट ड्रेस में दिखाया गया। फैशन इंडस्ट्री पर पैनी नजर रखने वालों की मानें तो मिन्नी माउस ने पोल्का पैटर्न की लोकप्रियता में चार चांद लगा दिये थे।

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फ्रैंक सिनात्रा की पहली हिट Polka Dots and Moonbeams

बात 1940 की है। मशहूर अमेरिकन सिंगर और एक्टर फ्रैंक सिनात्रा ने अपना पहला हिट एल्बम प्रोड्यूस किया। एल्बम का नाम था पोल्का डॉट्स एंड मूनबीम्स। अपने आविष्कार के करीब 100 साल बाद एक बार फिर से फ्रैंक सिनात्रा के कारण पोल्का डांस पॉपुलर होने लगा। इसका अंजाम ये हुआ कि पोल्का डॉट ड्रेस का चलन और तेज रफ्तार से बढ़ने लगा। पोल्का डॉट कपड़ों को ऐसी रफ्तार मिली की वो पेरिस के पॉपुलर हाउते कॉउचर रनवे तक भी पहुंच गए। तब 1940 के दशक में विश्व विख्यात फैशन डिजाइनर क्रिश्चियन डायर ने अपनी "न्यू लुक" लाइन शुरू की, जिसमें भारी मात्रा में पोल्का डॉट ड्रेस शामिल थे।

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फिर आया 1960 का दशक

1960 में पोल्का डॉट ड्रेस की लोकप्रियता आसमान छूने लगी। दरअसल ये हुआ मशहूर पॉप स्टार ब्रायन हेलैंड के म्युजिक एल्बम "इट्सी बिट्सी ट्विनी विनी पोल्का डॉट बिकिनी" से। इस एल्बम में फीमेल मॉडल्स को पोल्का डॉट बिकिनी में दिखाया गया था। हम ये तो जानते ही हैं कि पॉप कल्चर का फैशन इंडस्ट्री पर कितना तगड़ा असर पड़ता है। ब्रायन हेलैंड के गाने के बाद तो मर्लिन मुनरो जैसी सुपरस्टार्स भी पोल्का डॉट ड्रेस में नजर आने लगीं। ये पोल्का डॉट्स की लोकप्रियता ही थी कि कॉमिक्स इंडस्ट्री के सरताज कहे जाने वाले डीसी कॉमिक्स ने पोल्का डॉट मैन नाम से एक खलनायक ही बना डाला।

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1960 के बाद

फिर आई 21वीं शताब्दी। इस शताब्दी में कई मशहूर मॉडल्स, एक्ट्रेस, पॉलिटिशियन्स और प्रिंसेस डायना जैसी दुनिया भर में चर्चित हस्तियां पोल्का डॉट ड्रेस में नजर आईं। पहले से पॉपुलर पोल्का डॉट्स को इन सेलेब्स ने और भी लोकप्रिय बना दिया।

प्रेग्नेंसी की पहचान बने पोल्का डॉट्स

पिछले कुछ सालों में पोल्का डॉट ड्रेस प्रेग्नेंसी की पहचान से बन गए हैं। देश विदेश की कई अभिनेत्रियों ने पोल्का डॉट्स वाली ड्रेस में अपने मैटरनिटी फोटोशूट्स कराए। कुछ अभिनेत्रियां ऐसी ड्रेस पहन बिना कुछ बोले अपनी प्रेग्नेंसी की खबर फैंस तक पहुंचा चुकी हैं। बॉलीवुड एक्ट्रेसेस भी इसमें पीछे नहीं रही हैं। बात अनुष्का शर्मा की करें या फिर आलिया भट्ट की, तमाम एक्ट्रेसेस पोल्का डॉट ड्रेस को प्रेग्नेंसी की पहचान बनाने में अपना किरदार निभा चुकी हैं।

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और अंत में एक रोचक जानकारी

मशहूर फैशन ब्रांड जारा ने साल 2019 में पोल्का डॉट्स पैटर्न वाली एक फ्रॉक रिलीज की। यह फ्रॉक इस कदर वायरल हुई कि लोग इसे "द ड्रेस" कहने लगे। आप इस ड्रेस के वायरल होने का अंदाजा इसी बात से लगा सकते हैं कि इसका अपना इंस्टाग्राम हैंडल भी है। इस ड्रेस का इंस्टाग्राम हैंडल है- hot4thespot। यह अपनी तरह का पहला मामला था जब कोई ड्रेस इतनी वायरल हुई कि उसका अपना इंस्टाग्राम हैंडल ही बन गया। आज इस हैंडल को बड़ी संख्या में लोग फॉलो करते हैं।

Suneet Singh
सुनीत सिंहauthor

सुनीत सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में डिप्टी न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन में स्पेशल स्टोरीज प्रोजेक्ट का नेतृत्व कर रहे हैं। टीवी और डिजिटल पत्रकारिता में 13 वर्षों के अनुभव के साथ, सुनीत उन बहुमुखी पत्रकारों में शामिल हैं जिन्होंने न्यूजरूम और फील्ड—दोनों मोर्चों पर खुद को साबित किया है। माइक, कैमरा और एडिटिंग डेस्क तीनों से उनकी सहज जुगलबंदी ने उन्हें एक संतुलित और विश्वसनीय मीडिया प्रोफेशनल के रूप में स्थापित किया है। पिछले 10 वर्षों से सुनीत लाइफस्टाइल, लिटरेचर, सिनेमा और संस्कृति से जुड़ी गहन व विश्लेषणात्मक स्टोरीज लिखते रहे हैं और अबतक 12,000 से अधिक आर्टिकल पब्लिश कर चुके हैं। उनकी लेखन शैली गहराई, मौलिक दृष्टिकोण और रिसर्च-आधारित प्रस्तुति से पहचानी जाती है। वे विषयों की बारीकियों को पकड़कर उन्हें सरल, प्रभावी और पाठकों से जुड़ने वाली भाषा में ढालने में दक्ष हैं।

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