Femina Miss India World Nikita Porwal: मध्य प्रदेश की पहली फेमिना मिस इंडिया वर्ल्ड निकिता पोरवाल 73rd Miss World Festival में भारत का प्रतिनिधित्व करने जा रही हैं। यह प्रतिष्ठित प्रतियोगिता सितंबर में आयोजित की जाएगी। इस प्रतियोगिता के लिए निकिता पोरवाल की तैयारियां कैसी हैं? वह इस मुकाम तक कैसे पहुंचीं? उनकी इस यात्रा में किन-किन लोगों ने उनका साथ दिया? आइए इस बारे में जानते हैं।
निकिता- मैंने कई चुनौतियों का सामना किया
जब निकिता पोरवाल से पूछा गया कि आपकी जर्नी कैसी रही? 73rd Miss World Festival के लिए आपकी तैयारी कैसी है? तो उन्होंने बताया कि अब तक मैंने अपने जीवन में कई चुनौतियों का सामना किया है। यहां तक पहुंचने के लिए मैंने बहुत मेहनत की है। मैंने अपने पहनावे, बोलने के तरीके, चलने-बैठने, खान-पान और अपने व्यक्तित्व के हर पहलू पर ध्यान दिया है। मैंने ये समझने की भी कोशिश की है कि एक मिस वर्ल्ड किस तरह सोचती है और खुद को प्रस्तुत करती होगी। मुझे बेहद खुशी और गर्व है कि मैं 73rd Miss World Festival का हिस्सा बनने जा रही हूं।
निकिता ने किससे ली प्रेरणा?
निकिता से जब उनकी प्रेरणा के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, मैंने प्रियंका चोपड़ा से प्रेरणा ली है। सुंदरता और व्यक्तित्व से जुड़ी कई बातें मैंने ऐश्वर्या राय बच्चन से सीखी हैं। इसके साथ ही मैंने हर मिस वर्ल्ड विजेता से कुछ न कुछ सीखने और प्रेरणा लेने की कोशिश की है। मैंने बॉलीवुड, टॉलीवुड और मनोरंजन जगत की कई प्रतिभाशाली हस्तियों से भी प्रेरणा लेकर अपने व्यक्तित्व को निखारने व सुधारने का प्रयास किया है।

Femina Miss India World Nikita Porwal
मां ने किया बहुत सपोर्ट
जब निकिता पोरवाल से पूछा गया कि उनका सबसे बड़ा सपोर्टर कौन है तो उन्होंने बताया वैसे तो मुझे मेरे ग्रैंड पेरेंट्स, माता-पिता, भाई-बहन और दोस्तों यानी सभी ने सपोर्ट किया, लेकिन यदि किसी एक व्यक्ति का नाम लेना हो, तो वह मेरी मां हैं। उन्होंने न केवल हर कदम पर मेरा साथ दिया, बल्कि मेरे सपनों को पूरा करने के लिए खुद में भी कई सकारात्मक बदलाव किए। वो मेरी सबसे बड़ी समर्थक और मेरी सबसे बड़ी प्रेरणा हैं। मुझे गर्व है कि मैं उनकी बेटी हूं।
इसी के आगे वो कहती हैं कि आज मैं यहां तक पहुंची हूं तो इसके पीछे कई लोगों का योगदान है और मैं उन सभी की दिल से आभारी हूं। मैं अपने परिवार, अपनी टीम, अपने दोस्तों, संगठन, पैनल के सभी सदस्यों, डॉ. माइकल और डॉ. जामुना पाई का हृदय से धन्यवाद करती हूं। इन सभी के विश्वास और साथ ने मेरी इस यात्रा को संभव बनाया है।
लोग कहते हैं 'भारत की बेटी'
आगे निकिता बताती हैं कि लोग मुझे "भारत की बेटी" कहते हैं। यह सुनकर मुझे बहुत खुशी होती है, लेकिन मैं इसे केवल एक सम्मान नहीं, बल्कि एक बहुत बड़ी जिम्मेदारी मानती हूं। मुझे जंगलों और प्रकृति के बीच रहना पसंद है, लेकिन जब मैंने मध्य प्रदेश के दूर-दराज के आदिवासी इलाकों का दौरा किया, तो मैंने महसूस किया कि जो समुदाय सदियों से हमारे जंगलों की रक्षा करते आए हैं, वो ही आज स्वच्छ पानी, स्वच्छता, पोषण और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं। ये देखकर मुझे बहुत दुख हुआ और मैंने तय किया कि यदि मैं सच में "मिट्टी की पुत्री" कहलाना चाहती हूं तो मुझे इन समुदायों के लिए काम करना होगा।
इसी के आगे उन्होंने बताया कि इसी सोच से MAATI की शुरुआत हुई। MAATI पहल से हम आदिवासी समुदायों में महिलाओं की शिक्षा, कौशल विकास और आजीविका प्रशिक्षण में सहायता कर रहे हैं। पानी जैसी बुनियादी चीजों से लेकर शिक्षा और आजीविका प्रदान करने तक, मुझे लगता है कि MAATI इस समय एक ऐसा मॉडल है जो हर चीज को कवर कर रहा है, लेकिन अभी तो ये शुरुआत है। हमें बहुत लंबा सफर तय करना है।
माता सीता का रोल करना चाहती हैं निकिता
जब निकिता से पूछा गया कि रामायण फिल्म में उन्हें कोई रोल मिलता तो वो किसे चुनती तो इस पर उन्होंने कहा अगर मुझे रामायण फिल्म में काम करने का अवसर मिलता तो ये मेरे लिए बहुत सम्मान की बात होती। रामायण का हर पात्र अपने आप में प्रेरणादायक है। चाहे माता कैकेयी हों, शूर्पणखा हों या माता सीता हों, हर किरदार हमें जीवन का एक महत्वपूर्ण संदेश देता है, लेकिन मुझे किसी एक भूमिका को चुनना हो तो मैं माता सीता का किरदार निभाना चाहूंगी। उनके धैर्य, त्याग, करुणा, साहस और अटूट आत्मसम्मान ने लोगों को प्रेरित किया है। उनके जैसे महान चरित्र को निभाना मेरे लिए सौभाग्य और गर्व की बात होगी।
इसी के आगे निकिता से सवाल किया गया कि केवल एक मिनट में आपको भारत का प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिले, तो वो क्या कहेंगी। इस पर उन्होंने कहा मैं दुनिया से ये ही कहना चाहूंगी कि भारत केवल एक देश नहीं, बल्कि एक परिवार है। हम इसे भारत माता कहते हैं क्योंकि हमारे लिए यह सिर्फ भूमि नहीं, बल्कि एक मां है, जो सभी को अपनाती है, सबका ख्याल रखती है और बिना किसी भेदभाव के सबको अपना स्नेह देती है।

Nikita Porwal
कन्नड़ फिल्म में कर रही हैं काम
निकिता इसी के आगे बताती हैं कि वो साउथ इंडियन फिल्म इंडस्ट्री में एक कन्नड़ फिल्म के माध्यम से डेब्यू करने जा रही हैं। फिलहाल फिल्म की शूटिंग पूरी नहीं हुई है।
वहीं, जब उनसे सोशल मीडिया की आभासी दुनिया और उससे जुड़े सौंदर्य मानकों के दबाव के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा "मैं सोशल मीडिया का दबाव महसूस नहीं करती। अगर आप मेरे सोशल मीडिया को देखेंगे तो आपको मेरी वास्तविक पर्सनैलिटी दिखाई देगी। इसके अलावा आने वाली जनरेशन के लिए भी उनका संदेश बहुत सरल और सार्थक था 'अति सर्वत्र वर्जयेत'। इसका अर्थ है कि किसी भी चीज की अति हानिकारक होती है। सोशल मीडिया भी इसका अपवाद नहीं है। यदि आप संतुलन बनाए रखते हैं तो सोशल मीडिया आपके लिए एक सकारात्मक और सुरक्षित माध्यम बन सकता है।
मिस वर्ल्ड को लेकर मिथक
निकिता ने बताया कि मिस वर्ल्ड को लेकर एक बहुत बड़ा मिथक है कि इस प्रतियोगिता की प्रतिभागी खुद को भूखा (स्टार्विंग) रखती हैं, लेकिन ये सच नहीं है। मैंने कभी खुद को भूखा नहीं रखा। मेरा मानना है कि खाना न खाना स्वास्थ्य के लिए गलत है। मैं हमेशा संतुलित और पौष्टिक आहार लेती हूं। मैंने अपनी डाइट प्लान के अनुसार न्यूट्रिशन से भरपूर भोजन किया, ताकि मेरा शरीर स्वस्थ रहे और मुझे पर्याप्त ऊर्जा मिलती रहे।
