Doda Barfi Origin and Recipe: भारत मिठाइयों का देश है। यहां जितनी तरह की मिठाइयां बनती हैं उतनी शायद दुनिया में कहीं नहीं बनती होगी। भारत की एक खास मिठाई है डोडा बर्फी। डोडा बर्फी का नाम सुनते ही मुंह में मिठास घुल जाती है। यह एक ऐसी देसी मिठाई है जो उत्तर भारत, खासकर पंजाब, हरियाणा और दिल्ली के हलवाइयों की दुकानों पर खूब दिखती है। इसकी बनावट थोड़ी कुरकुरी, गाढ़ी और स्वाद में करारी होती है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि इस बर्फी का नाम डोडा बर्फी क्यों पड़ा?
पाकिस्तान के पहलवान की करामात
डोडा बर्फी किसी मशहूर हलवाई या रसोइये की पाक कला से नहीं निकली है। ऐसा प्रचलित है कि इसे बनाया था एक पहलवान ने। लोगों की मानें ये कहानी है साल 1912 की जब पंजाब (अब पाकिस्तान में) के सरगोधा जिले के एक गांव में लाला हंसराज विग नाम के एक पहलवान रहते थे। हंसराज रोज़ाना कुश्ती लड़ा करते थे और पहलवानों की तरह भारी-भरकम डाइट लेते थे – जैसे कई लीटर दूध, घी और सूखे मेवे। लेकिन एक दिन वे इस एक जैसी डाइट से बोर हो गए और सोचा कि क्यों न कुछ नया ट्राय किया जाए। वैसे भी उन्हें खाना बनाना बहुत पसंद था।
तो हुआ यूं कि हंसराज सीधे अपने घर के किचन में पहुंचे और एक एक्सपेरिमेंट कर डाला। उन्होंने दूध, मलाई, शक्कर और देसी घी को मिलाकर धीमी आंच पर पकाना शुरू किया। फिर उसमें ढेर सारे सूखे मेवे भी डाल दिए। कुछ घंटों बाद जो तैयार हुआ, वो थी एक नई और अनोखी मिठाई।
स्वाद भी स्वास्थ्य भी
यह मिठाई स्वाद में तो लाजवाब थी ही, साथ ही सेहत के लिए भी फायदेमंद थी। दूध और घी से इसमें जरूरी पोषण, जैसे फैटी एसिड, लैक्टोज और मिनरल्स थे। वहीं मेवों से फाइबर और विटामिन E मिलता है, जो त्वचा के लिए भी अच्छा होता है।
भारतीयों की जुबान पर चढ़ी डोडा बर्फी
हंसराज पहलवान का परिवार बंटवारे के बाद जब भारत आया तो उन्होंने पंजाब के कोट कपुरा में अपनी मिठाई की एक दुकान खोली और इस दुकान का नाम रखा डोडा हाउस। वहां उन्होंने हंसराज की बनाई बर्फी को डोडा बर्फी के नाम से बेचना शुरू किया। डोडा बर्फी धीरे-धीरे पंजाब, दिल्ली और फिर पूरे देश में मशहूर हो गई। अब यह मिठाई न सिर्फ त्योहारों में बल्कि शादी-ब्याह और खास मौकों पर भी खास जगह बना चुकी है।
