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Diwali Story for Kids in Hindi : दिवाली पर सुनाएं बच्चों को ये रोचक कहानी, हर स्टोरी में छुपी है प्यारी सी सीख

Diwali Story for Kids in Hindi : आज धनतेरस के दिन से 5 दिन का दिवाली का त्योहार शुरु हो गया है। 20 अक्टूबर 2025 के दिन दिवाली का त्योहार धूमधाम से मनाया जाएगा। देशभर में मनाया जाने वाला ये त्योहार बेहद खास है। इसे और खास बनाने के लिए इस दिवाली आप अपने बच्चों को कुछ प्रेरणादायक कहानियां सुना सकते हैं। जिससे उन्हें जीवन की बड़ी सीख मिल सके। यहां पढ़ें बच्चों के लिए दिवाली की रोचक कहानियां...

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diwali story for kids in hindi

Diwali Story for Kids in Hindi : 20 अक्टूबर 2025 के दिन दिवाली का त्योहार मनाया जाएगा। देशभर में धूमधाम से मनाया जाने वाला ये त्योहार बेहद खास है। भारत में दिवाली सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि अंधकार पर प्रकाश की जीत और अज्ञान पर ज्ञान की विजय का प्रतीक है। दिवाली का त्योहार वनवास के बाद न केवल भगवान राम के अयोध्या लौटने की याद दिलाता है, बल्कि ये हमें सच्चाई, धैर्य और प्रेम की सीख भी देता है। यह त्योहार हिन्दू कैलेंडर के अनुसार कार्तिक मास की अमावस्या तिथि को मनाया जाता है जो आमतौर पर अक्टूबर से नवम्बर के बीच आता है। इस साल दिवाली का पर्व 20 अक्टूबर के दिन मनाया जाएगा। इस दिन आप अपने बच्चों को कुछ प्रेरणादायक कहानियां सुना सकते हैं। यहां बच्चों के लिए दिवाली की रोचक कहानियां...

दिवाली पर बच्चों के लिए रोचक कहानियां - Diwali Story for Kids in Hindi

बुराई पर अच्छाई की जीत की कहानी

रामायण से जुड़ी कहानी है कि अयोध्या में राजा दशरथ के पुत्र भगवान श्रीराम रहते थे। वे सत्य, प्रेम और धर्म के मार्ग पर चलने वाले थे। वनवास के दौरान जब रावण ने माता सीता का हरण किया, तो श्रीराम ने अपने भाई लक्ष्मण और हनुमान सहित पूरी वानर सेना के साथ लंका पर चढ़ाई की। एक लंबे संघर्ष के बाद श्रीराम ने रावण का वध किया और अच्छाई ने बुराई पर विजय प्राप्त की। लंका विजय के बाद श्रीराम के अयोध्या वापस लौटने के दिन को दिवाली के रूप में मनाया जाता है।

diwali story for kids (Image - AI)

diwali story for kids (Image - AI)

दीप जलाने की कहानी

दिवाली में दीपक जलाने का कार्यक्रम सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है। जिसके पीछे की कहानी की बात करें तो जब भगवान श्रीराम चौदह साल के वनवास के बाद अयोध्या लौटे, तो पूरे नगर ने उनका स्वागत हर्स और उल्लास के साथ किया। जिसमें लोगों ने अपने घरों को दीपक और फूलों से सजाया, मिठाइयाँ बाँटी और एक-दूसरे को गले लगाया। यही कारण है कि उस दिन से दिवाली में दिए जलाने की परंपरा देश भर में शुरू हुई। दिए जलाना उम्मीद और सकारात्मकता का भी प्रतीक माना जाता है।

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गुलशन कुमारauthor

गुलशन कुमार टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल के हेल्थ सेक्शन से जुड़े हैं। फिटनेस और योग के प्रति उनकी रुचि उन्हें हेल्थ जर्नलिज्म की ओर लेकर आई, जहां वे आम लोगों की जीवनशैली, सेहत और वेलनेस से जुड़े विषयों पर लगातार काम कर रहे हैं। गुलशन अबतक 2,000 से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। उनके लेखों में आसान भाषा में दी गई जानकारी, रिसर्च-बेस्ड टिप्स और रोजमर्रा की सेहत से जुड़े विषयों की स्पष्ट समझ दिखाई देती है। हेल्थ अवेयरनेस को बढ़ावा देना, फिटनेस को सरल तरीके से समझाना और बेहतर लाइफस्टाइल के लिए उपयोगी सुझाव देना—गुलशन की लेखन शैली की खासियत है।

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