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करी पत्ते के पौधे में नींबू का छिलका डालने से क्या होता है, करी पत्ते के लिए सबसे अच्छा उर्वरक क्या है

Lemon peel for Curry Leaf plant: करी पत्ते के पौधे के लिए सबसे अच्छा उर्वरक जैविक खाद मानी जाती है। नींबू के छिलके से बनी खाद के अलावा गोबर की सड़ी हुई खाद भी बेहद फायदेमंद होते हैं।

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करी पत्ते के पौधे में नींबू का छिलका डालने से क्या होता है (AI Image)

Lemon peel for Curry Leaf plant: गर्मी का मौसम चल रहा है। इन दिनों दो चीजें होती हैं। पहला तो ये कि इस मौसम में तुलसी और करी पत्ते जैसे किचन गार्डन के पौधे सूखने लगते हैं और दूसरा ये कि लोग नींबू की शिकंजी खूब पीते हैं। लेकिन इन दोनों बातों में एक खास कनेक्शन है। जी हां इस्तेमाल के बाद बचे हुए नींबू के छिलके पौधों में जान डाल सकते हैं। बात करी पत्ते की करें तो इस पौधे में नींबू का छिलका जादुई खाद की तरह काम करता है।

करी पत्ते के पौधे में नींबू के छिलके डालने से क्या होता है

नींबू में पाए जाने वाला साइट्रिक एसिड और विटामिन्स पौधों को हरा-भरा बनाने और उनकी ग्रोथ को बूस्ट करने में मदद करते हैं। ये छिलके एक प्राकृतिक और प्रभावी खाद का काम करते हैं। अगर करी पत्ता सूख रहा हो तो उसमें ये खाद डाल कर आप पौधे को फिर से हरा भरा कर सकते हैं।

कैसे बनती है नींबू के छिलके की खाद

नींबू के छिलकों के छोटे-छोटे टुकड़े काट लें। चाहें तो इनमें सब्जियों के छिलके तथा चायपत्ती भी मिला सकते हैं। किसी बर्तन में सूखे पत्ते और मिट्टी डाल दें। हवा पास होने के लिए एक छोटा सा छेद करें। इस मिक्सचर को कुछ हफ्तों के लिए छोड़ दें। कंपोस्टिंग की प्रक्रिया से ऐसी खाद तैयार होगी जो किसी भी पौधे में जान डाल देगी।

करी पत्ते के लिए सबसे अच्छा उर्वरक कौन सा है

करी पत्ते के पौधे के लिए सबसे अच्छा उर्वरक जैविक खाद मानी जाती है। नींबू के छिलके से बनी खाद के अलावा गोबर की सड़ी हुई खाद, वर्मीकम्पोस्ट और नीम खली भी इस पौधे की बढ़त के लिए बेहद फायदेमंद होते हैं। इनमें मौजूद प्राकृतिक पोषक तत्व पौधे की जड़ों को मजबूत बनाते हैं और पत्तियों को हरा-भरा रखते हैं।

करी पत्ते के पौधे को नाइट्रोजन की अच्छी जरूरत होती है, इसलिए महीने में एक बार गोबर की खाद या कम्पोस्ट डालने से इसकी ग्रोथ तेजी से होती है। साथ ही, चावल का मांड और छाछ भी इसके लिए नेचुरल टॉनिक की तरह काम करते हैं। इससे पत्तियां घनी और खुशबूदार बनती हैं।

ध्यान रखें कि पौधे में ज्यादा केमिकल फर्टिलाइजर न डालें, क्योंकि इससे जड़ें कमजोर हो सकती हैं। नियमित धूप, सही पानी और जैविक खाद का संतुलन ही करी पत्ते के पौधे को स्वस्थ और लंबे समय तक हरा बनाए रखता है।

Suneet Singh
सुनीत सिंहauthor

सुनीत सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में डिप्टी न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन में स्पेशल स्टोरीज प्रोजेक्ट का नेतृत्व कर रहे हैं। टीवी और डिजिटल पत्रकारिता में 13 वर्षों के अनुभव के साथ, सुनीत उन बहुमुखी पत्रकारों में शामिल हैं जिन्होंने न्यूजरूम और फील्ड—दोनों मोर्चों पर खुद को साबित किया है। माइक, कैमरा और एडिटिंग डेस्क तीनों से उनकी सहज जुगलबंदी ने उन्हें एक संतुलित और विश्वसनीय मीडिया प्रोफेशनल के रूप में स्थापित किया है। पिछले 10 वर्षों से सुनीत लाइफस्टाइल, लिटरेचर, सिनेमा और संस्कृति से जुड़ी गहन व विश्लेषणात्मक स्टोरीज लिखते रहे हैं और अबतक 12,000 से अधिक आर्टिकल पब्लिश कर चुके हैं। उनकी लेखन शैली गहराई, मौलिक दृष्टिकोण और रिसर्च-आधारित प्रस्तुति से पहचानी जाती है। वे विषयों की बारीकियों को पकड़कर उन्हें सरल, प्रभावी और पाठकों से जुड़ने वाली भाषा में ढालने में दक्ष हैं।

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