Beti Ke liye Shayari, Shayari on Daughters in Hindi: बेटियां वो नर्म रोशनी हैं जो घर के हर कोने को रौशन कर देती हैं। उनकी हंसी से आंगन महक उठता है और उनके सपनों से आसमान सज जाता है। कहते हैं, बेटियां पिता की जान होती हैं और मां का आईना। नन्ही चिड़िया जैसी बेटियां अपने पंखों में अनगिनत सपने छुपाए रखती हैं। वे कभी लाडली बनकर आसमान छूटी हैं तो कभी जिम्मेदार बनकर मां-बाप का सहारा बन जाती हैं। इन्ही बेटियों पर बहुत से शायरों ने कई खूबसूरत शेर लिखे हैं। आइए पढ़ते हैं बेटियों पर शायरी हिंदी में:
1. उसे हम पर तो देते हैं मगर उड़ने नहीं देते
हमारी बेटी बुलबुल है मगर पिंजरे में रहती है
- रहमान मुसव्विर
2. अब तो ज़रा सा गांव भी बेटी न दे उसे
लगता था वर्ना चीन का दामाद आगरा
- नज़ीर अकबराबादी
3. उस की बेटी ने उठा रक्खी है दुनिया सर पर
ख़ैरियत गुज़री कि अंगूर के बेटा न हुआ
- आगाह देहलवी
4. अभी से छोटी हुई जा रही हैं दीवारें
अभी तो बेटी ज़रा सी मिरी बड़ी हुई है
- शबाना यूसुफ़
5. ये जिस की बेटी के सर की चादर कई जगह से फटी हुई है
तुम उस के गांव में जा के देखो तो आधी फ़स्लें कपास होंगी
- दानिश नक़वी
6. तो क्या हुआ जो जन्मी थी परदेस में कभी
बेटी है 'अर्शिया' भी तो हिन्दोस्तान की
- सय्यदा अरशिया हक़
7. दुख़्तर-ए-रज़ तो है बेटी सी तिरे ऊपर हराम
रिंद इस रिश्ते से सारे तिरे दामाद हैं शैख़
- क़ाएम चांदपुरी
8. मेरी मज़दूरी के पैसे मुझे दे दो मालिक
आज बेटी मिरी ससुराल से आई हुई है
- समर कबीर
9. चमन में जैसे हो बुलबुल ये ऐसे चहचहाती है
अगर बेटी न हो घर में तो घर अच्छा नहीं लगता
- फ़ैसल क़ादरी गुन्नौरी
10. बेटी के साथ मां मुझे तस्लीम है मगर
लेकिन कभी कभी इसे तन्हा भी छोड़ दे
- पॉपुलर मेरठी
11. कहा लड़के की अम्मी ने रहेगी ख़ुश सदा बेटी
कि ऊपर से भी लड़के की कमाई होती रहती है
- रूही कंजाही
बेटियां सच में ईश्वर का सबसे खूबसूरत तोहफा होती हैं, जिनकी ममता, मोहब्बत और मासूमियत से ही जीवन पूरा लगता है।
