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Places to visit near Kasol: खीर गंगा से लेकर मणिकरण तक, कसोल के आसपास घूमने की ये हैं BEST जगहें

  • Authored by: दीपक पोखरिया
  • Updated Jan 4, 2023, 02:25 PM IST

Places to visit near Kasol: अगर आप कभी कसोल घूमने आएं तो इसके आसपास भी घूमने की कई सारी बढ़िया और सुंदर जगहें हैं। कसोल के पास घूमने वाली बढ़िया जगहों में मलाणा गांव, खीर गंगा, तोश गांव, तीर्थन घाटी, पार्वती नदी, मणिकरण साहिब, मून डांस कैफे, पुलगा गांव समेत कई जगहें हैं।

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Places to visit near Kasol

Photo : iStock

Best Places to visit near Kasol: हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) का कसोल (Kasol) काफी फेमस है। हर साल यहां देश समेत दुनियाभर से टूरिस्ट (Tourist) घूमने के लिए यहां आते हैं। अगर आप कभी कसोल घूमने आएं तो इसके आसपास भी घूमने की कई सारी बढ़िया और सुंदर जगहें हैं। कसोल के पास घूमने वाली बढ़िया जगहों में मलाणा गांव, खीर गंगा, तोश गांव, तीर्थन घाटी, पार्वती नदी, मणिकरण साहिब, मून डांस कैफे, पुलगा गांव समेत कई जगहें हैं। ऐसे में आज हम आपको कसोल के आसपास घूमने की कुछ बढ़िया जगहों के बारे में बता रहे हैं।

तोश (Tosh)

कसोल से 21 किलोमीटर की दूरी पर स्थित, तोश एक छोटा सा गांव है जो समुद्र तल से 2,400 मीटर की ऊंचाई पर तोश नदी के किनारे बसा है। इस गांव की संस्कृति निश्चित रूप से उन यात्रियों को आकर्षित करेगी जिनमें हिप्पी की आत्मा है। लुभावने दृश्य इस जगह को आपकी कसोल यात्रा के मुख्य आकर्षण में से एक बना देंगे।

खीर गंगा (Kheer Ganga)

कसोल में घूमने के लिए सबसे अच्छी जगहों में से खीर गंगा हरी-भरी पहाड़ियों और साफ आसमान की मनोरम सुंदरता को दर्शाती है। खीर गंगा ट्रेक को कसोल के सबसे आसान ट्रेक में गिना जाता है। शिव की भूमि के रूप में जानी जाने वाली खीर गंगा के चारों ओर पौराणिक मान्यताएं बुनी हुई हैं, जिन्हें आप भगवान शिव मंदिर की यात्रा के दौरान सुन सकते हैं। अगर आप खीर गंगा आएं तो खीर गंगा जरूर जाएं। कसोल से खीर गंगा की दूरी महज 2 किलोमीटर है।

मणिकरण (Manikaran)

पहाड़ी सुंदरता के बीच आध्यात्मिक ज्ञान चाहने वालों के लिए मणिकरण आदर्श तीर्थ स्थल है। कहा जाता है कि यहां के गुरुद्वारा, मणिकरण साहिब में एक दिन गुरु नानक आए थे। और यही वजह है कि इसे कसोल के पास सबसे सम्मानित और सम्मान के योग्य स्थान माना जाता है। चूंकि ये कसोल गांव से केवल 5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है, इसलिए अगर आप कसोल आएं तो यहां आना न भूलें।

मलाणा (Malana)

मलाणा की यात्रा करना आपके लिए एक चुनौती हो सकती है और यहां पहुंचने के बाद आपको इसका एहसास होगा। गांव काफी प्राचीन है और पार्वती घाटी के किनारे स्थित पूरी तरह से प्राचीन है। गांव अद्भुत देव टिब्बा और चंद्रखानी पहाड़ों से घिरा हुआ है। कसोल से मलाणा की दूरी महज 19 किलोमीटर है।

दीपक पोखरिया
दीपक पोखरियाauthor

पहाड़ से हूं, इसलिए घूमने फिरने का शौक है। दिल्ली-नोएडा से ज्यादा उत्तराखंड में ही मन लगता है। कई मीडिया संस्थानों से मेरी करियर यात्रा गुजरी है और मई 2022 से Times Network में timesnowhindi.com के साथ जुड़ा हूं। यहां शुरूआत खबरों से हुई और अब नजरें फीचर टीम के जरिए पाठकों की पसंद के लेख लिखने पर रहती है। घुमक्कड़ी पसंद होने की वजह से मुख्य जिम्मेदारी timesnowhindi.com/travel की है। वैसे मैं देवभूमि उत्तराखंड के नैनीताल से हूं और यहीं पर जन्म हुआ। पढ़ाई की शुरुआत फिरोजपुर (पंजाब) से हुई। इसके बाद लखनऊ (उत्तर प्रदेश), रामपुर (उत्तकर प्रदेश), हल्द्वानी (उत्तराखंड) होते हुए देश की राजधानी दिल्ली से पढ़ाई की। हल्द्वानी के एमबीपीजी कॉलेज से ग्रेजुएशन पूरा किया। साथ ही NIIT से GNIIT किया। इसके बाद दिल्ली से भारतीय विद्या भवन से पत्रकारिता की पढ़ाई की। मीडिया में 12 साल से ज्यादा का अनुभव। टीवी, वेबसाइट और मोबाइल ऐप में अब तक काम किया। नौकरी की शुरुआत 2011 से की। अभी टाइम्स नाऊ नवभारत में 2 से अधिक सीनियर करोस्पेंडट के पद पर हूं। यात्रा सेक्शन से जुड़ने से पहले करीब डेढ़ साल पहले तक न्यूज में ही काम किया।

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