मुंबई की जानी-मानी ज्वेलरी डिजाइनर श्वेना पोय रैतुरकार इन दिनों अपनी शादी और खास वेडिंग लुक की वजह से खूब चर्चा में हैं। उन्होंने हाल ही में विक्रम सालगांवकर से शादी की, जो देश के बड़े बिजनेस परिवार से ताल्लुक रखते हैं। विक्रम देश के बड़े अंबानी परिवार से नाता रखते हैं। वह मुकेश अंबानी के भांजे और धीरूभाई अंबानी के नाते हैं। वैसे यह शादी निजी रखी गई थी, लेकिन मेहमानों की लिस्ट और शाही अंदाज ने इसे हाई-प्रोफाइल बना दिया। सबसे ज्यादा ध्यान खींचा श्वेना के अनोखे लहंगे ने, जिसने फैशन की दुनिया में अलग पहचान बना ली।

कपल के तौर पर श्वेना और विक्रम (Photo: Zoom)
कौन हैं श्वेना पोय रैतुरकार
Shweana Poy Raiturcar मुंबई की ज्वेलरी डिजाइनर और बिजनेसवुमन हैं। उन्होंने Gemological Institute of America (GIA) से हीरों-रत्नों की पढ़ाई की और Parsons School of Design से डिजाइन सीखा। इसके अलावा उन्होंने Bentley University में भी पढ़ाई की है। वे खास ऑर्डर पर ज्वेलरी डिजाइन करती हैं, यानी हर पीस अलग और कस्टम-मेड होता है। वे पहले Rosy Blue और De Beers Group जैसी बड़ी कंपनियों के साथ काम कर चुकी हैं। हाल ही में उन्होंने Vikram Salgaocar से शादी की, जो Mukesh Ambani के परिवार से जुड़े हैं।

खास लहंगे में दुलहन बनीं श्वेना

श्वेना का स्टनिंग लुक
कैसा था उनका खास ‘नो-फैब्रिक’ लहंगा
श्वेना का लहंगा मशहूर फैशन लेबल Jade by MK ने तैयार किया। इसे नो-फैब्रिक कसाब लहंगा कहा जा रहा है, क्योंकि इसमें आम कपड़े का इस्तेमाल बहुत कम किया गया। पूरा लहंगा धातु जैसे दिखने वाले सुनहरे मेटैलिक धागों से तैयार किया गया था।

कसाब कारीगरी से तैयार हुआ श्वेना का लहंगा
कसाब काम क्या होता है?
कसाब दरअसल जरी का एक पुराना काम है, जिसमें सुनहरे या चांदी जैसे धागों से भारी कढ़ाई की जाती है। पहले यह काम राजा-महाराजाओं के कपड़ों में होता था। धीरे-धीरे यह दुल्हन के जोड़ों और खास मौकों के कपड़ों में इस्तेमाल होने लगा। श्वेना के लहंगे में इसी कसाब काम को नए अंदाज़ में पेश किया गया। इसे बनाने में करीब 15,000 घंटे लगे। कई महीनों तक कारीगरों की टीम ने हाथ से धागे बुने। इस वजह से लहंगा देखने में किसी आर्ट पीस जैसा लग रहा था, न कि सिर्फ एक कपड़ा।

लहंगे पर भारी लेकिन महीन काम हुआ है
कितनी हो सकती है कीमत?
हालांकि असली कीमत सामने नहीं आई है, लेकिन फैशन एक्सपर्ट्स का मानना है कि इतना भारी और हाथ से बना लहंगा कम से एक करोड़ रुपये तक का हो सकता है। इसमें इस्तेमाल हुआ मेटैलिक धागा और महीनों की मेहनत इसे बेहद खास और महंगा बनाती है।
क्यों बना चर्चा का विषय?
श्वेना खुद ज्वेलरी डिजाइनर हैं, इसलिए उनके लहंगे में भी गहनों जैसी चमक और स्ट्रक्चर नजर आया। यह लहंगा पारंपरिक कढ़ाई और मॉडर्न सोच का मेल था। उनका वेडिंग लुक यह दिखाता है कि आज की दुल्हन कुछ अलग और यादगार पहनना चाहती है। श्वेना का यह जोड़ा सिर्फ शादी का कपड़ा नहीं, बल्कि मेहनत, कला और शाही अंदाज का खूबसूरत उदाहरण बन गया है।
