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'वो तेरे सूखे लबों का थरथराना याद है..', सीधे दिल तक पहुंचेंगे अलविदा पर लिखे ये शेर, पढें अलविदा शायरी हिंदी में

Alvida Shayari: जब हम किसी को अलविदा कहते हैं तो इसमें में एक उम्मीद भी होती है कि शायद फिर मिलेंगे। कभी हम खुद से दूर होते हैं तो कभी जिंदगी मजबूर कर देती है किसी अपने को अलविदा कहने के लिए। आइए पढ़ें कुछ खूबसूरत अलविदा शायरी हिंदी में।

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अलविदा शायरी हिंदी में (Photo: YRF)

Alvida Shayari in Hindi: कभी भी किसी से बिछड़ना आासान नहीं होता। जब हम अपनों को अलविदा कहते हैं तो दिल में कई तरह की भावनाएं अपने ऊफान पर होता हैं। इस एक शब्द में जुदाई की कसक के साथ ही दोबारा मुलाकात की अनिश्चितता भी छिपी होती है। हालांकि अलविदा शब्द में एक उम्मीद भी छिपी होती है कि हम फिर से मिलेंगे। अलविदा कहीं रिश्तों पर ब्रेक की तरह होता है तो कभी यह नई शुरुआत का सिंबल भी बन जाता है। अलविदा अगर कुछ छीनता है तो कुछ देता भी है। ना जाने कितने ही एहसासों को खुद में समेटे इस एक शब्द अलविदा पर कई शेर भी लिखे गए हैं। आइए पढ़ें अलविदा पर लिखे चंद मशहूर शेर:

अलविदा शायरी | Farewell Shayari in Hindi

1. कलेजा रह गया उस वक़्त फट कर

कहा जब अलविदा उस ने पलट कर

- पवन कुमार

2. मुझे छोड़ कर जो चला गया उसे याद करने से क्या ग़रज़

जो ठहर गए उन्हें शुक्रिया जो चले गए उन्हें अलविदा

- अश्विनी यादव

3. वक़्त-ए-रुख़्सत अलविदा का लफ़्ज़ कहने के लिए

वो तिरे सूखे लबों का थरथराना याद है

- अज्ञात

4. हसीन यादों के चांद को अलविदा कह कर

मैं अपने घर के अंधेरे कमरों में लौट आया

हसन अब्बासी

5. एक दिन कहना ही था इक दूसरे को अलविदा

आख़िरश 'सालिम' जुदा इक बार तो होना ही था

- सलीम शुजाअ अंसारी

6. घर में रहा था कौन कि रुखसत करे हमें

चौखट को अलविदा कहा और चल पड़े

- मख़मूर सईदी

7. वो अलविदा का मंज़र वो भीगती पलकें

पस-ए-ग़ुबार भी क्या क्या दिखाई देता है

- शकेब जलाली

8. अज़ीज़ो आओ अब इक अल-विदाई जश्न कर लें

कि इस के ब'अद इक लम्बा सफ़र अफ़सोस का है

- ख़ुर्शीद तलब

9. लगा जब यूं कि उकताने लगा है दिल उजालों से

उसे महफ़िल से उस की अलविदा कह कर निकल आए

- परविंदर शोख़

10. आबदीदा हो के वो आपस में कहना अलविदा

उस की कम मेरी सिवा आवाज़ भर्राई हुई

- परवीन उम्म-ए-मुश्ताक़

11. क्यूं इशारा है उफ़ुक़ पर आज किस की दीद है

अलविदा माह-ए-रमज़ां वो हिलाल-ए-ईद है

- निसार कुबरा अज़ीमाबादी

12. उम्र भर का साथ मिट्टी में मिला

हम चले ऐ जिस्म-ए-बे-जां अलविदा

- नातिक़ गुलावठी

अलविदा पर लिखे ये शेर आपका दिन बनाने के लिए काफी हैं। आप चाहें तो इनमें से अपनी किसी भी पसंदीदा शायरी को अपने सोशल मीडिया स्टेटस पर भी लगा सकते हैं।

Suneet Singh
सुनीत सिंहauthor

सुनीत सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में डिप्टी न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन में स्पेशल स्टोरीज प्रोजेक्ट का नेतृत्व कर रहे हैं। टीवी और डिजिटल पत्रकारिता में 13 वर्षों के अनुभव के साथ, सुनीत उन बहुमुखी पत्रकारों में शामिल हैं जिन्होंने न्यूजरूम और फील्ड—दोनों मोर्चों पर खुद को साबित किया है। माइक, कैमरा और एडिटिंग डेस्क तीनों से उनकी सहज जुगलबंदी ने उन्हें एक संतुलित और विश्वसनीय मीडिया प्रोफेशनल के रूप में स्थापित किया है। पिछले 10 वर्षों से सुनीत लाइफस्टाइल, लिटरेचर, सिनेमा और संस्कृति से जुड़ी गहन व विश्लेषणात्मक स्टोरीज लिखते रहे हैं और अबतक 12,000 से अधिक आर्टिकल पब्लिश कर चुके हैं। उनकी लेखन शैली गहराई, मौलिक दृष्टिकोण और रिसर्च-आधारित प्रस्तुति से पहचानी जाती है। वे विषयों की बारीकियों को पकड़कर उन्हें सरल, प्रभावी और पाठकों से जुड़ने वाली भाषा में ढालने में दक्ष हैं।

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