Aabid Adeeb Shayari in Hindi: आबिद अदीब उर्दू शायरी का बेहद मुकम्मल नाम हैं। उनकी शायरी में जीवन, प्रेम और सामाजिक मुद्दों का अनोखा संगम देखने को मिलता है। आबिद अदीब की रचनाओं का सबसे खास बात ये है कि वह बेहद सरल भाषा और गहन भावनाओं को समेटे होती थीं। आबिद अदीब की इसी खासियत के कारण उनकी कलम के दीवाने लाखों की तादाद में थे। आबिद अदीब की कलम से चंद बेहतरीन शेर निकले हैं। आइए पढ़ते हैं उनके गजलों के कुछ मशहूर शेर:
1. जहां पहुंच के क़दम डगमगाए हैं सब के
उसी मक़ाम से अब अपना रास्ता होगा
2. सफ़र में ऐसे कई मरहले भी आते हैं
हर एक मोड़ पे कुछ लोग छूट जाते हैं
3. अमीर-ए-कारवाँ है तंग हम से
हमारा रास्ता सब से अलग है
4. जिन्हें ये फ़िक्र नहीं सर रहे रहे न रहे
वो सच ही कहते हैं जब बोलने पे आते हैं
5. शाहराहें दफ़अ'तन शो'ले उगलने लग गईं
घर की जानिब चल पड़ा है शहर घेरा कर तमाम
6. ज़माना मुझ से जुदा हो गया ज़माना हुआ
रहा है अब तो बिछड़ने को मुझ से तू बाक़ी
7. हम से 'आबिद' अपने रहबर को शिकायत ये रही
आंख मूंदे उन के पीछे चलने वाले हम नहीं
8. ये जान कर भी कि पत्थर हर एक हाथ में है
जियाले लोग हैं शीशों के घर बनाते हैं
9. कभी जो बात कही थी तिरे तअ'ल्लुक़ से
अब उस के भी कई मतलब निकाले जाते हैं
10. वो मेरे दोस्त जो एक एक कर के दूर हुए
मैं उन को आज भी अपने क़रीब पाता हूँ
11. सफ़र का शौक़ न मंज़िल की जुस्तुजू बाक़ी
मुसाफ़िरों के बदन में नहीं लहू बाक़ी
आबिद अदीब के इन शेरों की खासियत ये है कि आप इन्हें जब पढ़ें या सुनें, हमेशा ताजी हवा के झोंके से लगते हैं। आप चाहें तो इन खूबसूरत शायरियों को अपने किसी करीबी संग साझा कर सकते हैं।
