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गजब हो गया! सुदूर अंतरिक्ष में मंडरा रहा धूल और गैस का अनोखा नेबुला, जिसमें तैर रहे 15 लाख साल पुराने तारे

Flame Nebula: नेबुला गैस और धूल से बने अलौकिक दुनिया की सुंदर संरचना है जिसे देखकर अंतरिक्ष प्रेमी मंत्रमुग्ध हो जाते हैं। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (NASA) ने विभिन्न प्रकार के नेबुलाओं की दुनिया से अभी तक हम सभी लोगों का परिचय कराया है और हाल ही में फ्लेम नेबुला की एक रोचक तस्वीर जारी की है जिसमें बेहद पुराने तारे दमक रहे हैं।

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फ्लेम नेबुला (फोटो साभार: NASA)

Photo : Twitter
KEY HIGHLIGHTS
  • पुराने तारों का घर है फ्लेम नेबुला।
  • 1400 प्रकाश वर्ष दूर स्थित है फ्लेम नेबुला।
  • ओरियन तारामंडल में स्थित है तारा-निर्माण क्षेत्र।

Flame Nebula: ब्रह्मांड का अपना अलग साम्राज्य है, जहां पर गैस और धूल से बने हुए नेबुला ब्रह्मांडीय दुनिया के चमदार सितारों को जन्म देते हैं, अलौकिक दुनिया को रोशन तो करते ही हैं। साथ ही मंत्रमुग्ध कर देने वाला नजारा भी पेश करते हैं। जी, हां। आज बात ब्रह्मांडीय दुनिया की अनोखी आकृत्तियां बनाने वाले नेबुला (Nebula) की करेंगे।

पृथ्वी से कितना दूर है फ्लेम नेबुला?

हाल ही में अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (NASA) ने फ्लेम नेबुला की एक मंत्रमुग्ध करने वाले छवि साझा की है। फ्लेम नेबुला को एनजीसी 2024 (NGC 2024) नाम भी दिया गया है और यह ओरियन तारामंडल में एक बड़ा तारा-निर्माण क्षेत्र है, जो पृथ्वी से लगभग 1,400 प्रकाश वर्ष की दूरी पर स्थित है।

कितने पुराने हैं तारे?

आमतौर पर तारे गैस और धूल के विशाल बादलों में समूहों में पैदा होते हैं। ऐसे में खगोलविदों ने नासा चंद्रएक्स-रे टेलीस्कोप से एक्स-रे डेटा का इस्तेमाल कर तारा समूह का अध्ययन किया, जो नेबुला के केंद्र में बैंगनी रंग में दिखाई दे रहा है। बकौल नासा, खगोलविदों को अध्ययन से पता चला है कि तारा समूह के केंद्र में लगभग दो लाख वर्ष पुराने तारे हैं, जबकि बाहरी इलाकों में लगभग 15 लाख वर्ष पुराने तारे स्थित हैं।

क्या है नेबुला ?

अंतरिक्ष में गैस और धूल के विशाल बादल नेबुला होते हैं। कुछ नेबुला सुपरनोवा के विस्फोट से निकली धूल और गैस से बनते हैं, जबकि अन्य नेबुला ऐसे क्षेत्र होते हैं, जहां पर नए तारों का जन्म होता है। हालांकि, तारों का जन्म लेना और उनकी मृत्यु हो जाना यह एक सतत प्रक्रिया है।

बता दें कि ब्रिटिश खगोलविद विलियम हेर्शल ने 16वीं शताब्दी में नेबुला शब्द की खोज की थी और तब से लेकर अबतक विभिन्न प्रकार के नेबुला देखे गए हैं। पृथ्वी का सबसे नजदीकी ज्ञात नेबुला लगभग 700 प्रकाश वर्ष दूर स्थित है, जिसे हम हेलिक्स नेबुला के नाम से जानते हैं और वह एक मरते हुए तारे का अवशेष है।

Anurag Gupta
अनुराग गुप्ताauthor

अनुराग गुप्ता टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और मीडिया में 9 वर्षों का अनुभव रखते हैं। जर्नलिज़्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से ही वे न्यूजरूम के विभिन्न आयामों—कॉपी एडिटिंग, कंटेंट क्यूरेशन और रियल-टाइम न्यूज मॉनिटरिंग में दक्षता के साथ काम कर रहे हैं। राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और ब्रेकिंग न्यूज पर उनकी मजबूत पकड़ है। अनुराग खबरों की बारीकियों को समझने, फैक्ट चेकिंग और स्टोरी के अहम पहलुओं को पाठकों तक सरल भाषा में पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने अब तक 10 हजार से अधिक खबरें प्रकाशित की हैं, जिनमें ब्रेकिंग अपडेट्स, एनालिटिकल कंटेंट, स्पेशल स्टोरीज और न्यूज एक्सप्लेनर्स शामिल हैं।

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