Flame Nebula: ब्रह्मांड का अपना अलग साम्राज्य है, जहां पर गैस और धूल से बने हुए नेबुला ब्रह्मांडीय दुनिया के चमदार सितारों को जन्म देते हैं, अलौकिक दुनिया को रोशन तो करते ही हैं। साथ ही मंत्रमुग्ध कर देने वाला नजारा भी पेश करते हैं। जी, हां। आज बात ब्रह्मांडीय दुनिया की अनोखी आकृत्तियां बनाने वाले नेबुला (Nebula) की करेंगे।
पृथ्वी से कितना दूर है फ्लेम नेबुला?
हाल ही में अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (NASA) ने फ्लेम नेबुला की एक मंत्रमुग्ध करने वाले छवि साझा की है। फ्लेम नेबुला को एनजीसी 2024 (NGC 2024) नाम भी दिया गया है और यह ओरियन तारामंडल में एक बड़ा तारा-निर्माण क्षेत्र है, जो पृथ्वी से लगभग 1,400 प्रकाश वर्ष की दूरी पर स्थित है।
कितने पुराने हैं तारे?
आमतौर पर तारे गैस और धूल के विशाल बादलों में समूहों में पैदा होते हैं। ऐसे में खगोलविदों ने नासा चंद्रएक्स-रे टेलीस्कोप से एक्स-रे डेटा का इस्तेमाल कर तारा समूह का अध्ययन किया, जो नेबुला के केंद्र में बैंगनी रंग में दिखाई दे रहा है। बकौल नासा, खगोलविदों को अध्ययन से पता चला है कि तारा समूह के केंद्र में लगभग दो लाख वर्ष पुराने तारे हैं, जबकि बाहरी इलाकों में लगभग 15 लाख वर्ष पुराने तारे स्थित हैं।
क्या है नेबुला ?
अंतरिक्ष में गैस और धूल के विशाल बादल नेबुला होते हैं। कुछ नेबुला सुपरनोवा के विस्फोट से निकली धूल और गैस से बनते हैं, जबकि अन्य नेबुला ऐसे क्षेत्र होते हैं, जहां पर नए तारों का जन्म होता है। हालांकि, तारों का जन्म लेना और उनकी मृत्यु हो जाना यह एक सतत प्रक्रिया है।
बता दें कि ब्रिटिश खगोलविद विलियम हेर्शल ने 16वीं शताब्दी में नेबुला शब्द की खोज की थी और तब से लेकर अबतक विभिन्न प्रकार के नेबुला देखे गए हैं। पृथ्वी का सबसे नजदीकी ज्ञात नेबुला लगभग 700 प्रकाश वर्ष दूर स्थित है, जिसे हम हेलिक्स नेबुला के नाम से जानते हैं और वह एक मरते हुए तारे का अवशेष है।
