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बाप और बेटी ने किया कमाल; धरती पर आए 'एलियन सिग्नल' को कर दिया डिकोड; अब आगे क्या

Alien Signals: अमेरिका स्थित एक बाप और बेटी की जोड़ी ने मिलकर ईएसए के एक्सोमार्स ट्रेस गैस ऑर्बिटर से भेजे गए एक नकली 'एलियन सिग्नल' को डिकोड कर दिया, लेकिन इस अलौकिक संदेश का क्या मतलब है? यह एक रहस्य बना हुआ है। बता दें कि इस सिग्नल को यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी (ESA) के स्पेसक्राफ्ट एक्सोमार्स ट्रेस गैस ऑर्बिटर (ExoMars Trace Gas Orbiter) भेजा था।

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एलियन सिग्नल (फोटो साभार: https://www.instagram.com/asigninspace/)

KEY HIGHLIGHTS
  • ESA के स्पेसक्राफ्ट ने भेजा सिग्नल।
  • तीन वेधशालाओं ने पकड़ा एलियन सिग्नल।
  • इंटरनेट पर जारी किया गया था सिग्नल।

Alien Signals: ब्रह्मांड में क्या-क्या मौजूद है? खगोलविदों के इसके बारे में सबकुछ पता नहीं है, लेकिन थोड़ा बहुत जानने की जिज्ञासा हमेशा रहती है जिसकी वजह से विभिन्न प्रकार के अध्ययन चल रहे हैं। इन्हीं में से एक विषय 'एलियन' का भी है। खैर आज बात एलियन की नहीं, बल्कि मंगल ग्रह का चक्कर लगा रहे एक स्पेसक्राफ्ट से आए एक रहस्यमयी सिग्नल पर बात करेंगे जिसको लेकर दुनिया हैरान थी। हालांकि, एक बाप और बेटी ने मिलकर इस सिग्नल को डिकोड कर दिया है।

कब और कहां से आया था सिग्नल?

साल 2023 में मंगल ग्रह से पृथ्वी पर भेजे जाने वाले एक 'एलियन सिग्नल' को एक अमेरिकी बाप-बेटी की जोड़ी ने मिलकर डिकोड कर दिया है। इस सिग्नल को यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी (ESA) के स्पेसक्राफ्ट एक्सोमार्स ट्रेस गैस ऑर्बिटर (ExoMars Trace Gas Orbiter) भेजा था। दरअसल, मंगल ग्रह का चक्कर लगा रहे स्पेसक्राफ्ट में एक एलियन सिग्नल छिपा हुआ था,जो 'ए साइन इन स्पेस' नामक नागरिक विज्ञान परियोजना के हिस्सा के रूप में भेजा गया था।

पृथ्वी पर तीन रेडियो वेधशालाओं ने इस संदेश को सुना और फिर इस रहस्यमयी सिग्नल को इंटरनेट पर जारी कर दिया। लाइव साइंस की रिपोर्ट के मुताबिक, नागरिक विज्ञान परियोजना का पहला कदम डेटा से एलियन सिग्नल का निकलना और दूसरा इसे डिकोड करना था।

यह नकली एलियन संदेश नागरिक विज्ञान परियोजना 'ए साइन इन स्पेस' का हिस्सा है, जो यह पता लगाती है कि वास्तविक एलियन संदेश सामने आने पर कैसी प्रतिक्रिया सामने आ सकती हैं। ऑनलाइन समुदाय को डेटा से नकली एलियन संदेश निकालने में महज 10 दिन लगे, लेकिन इसे डिकोड करना बेहद मुश्किल काम था। हालांकि, यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी ने 22 अक्टूबर को एलियन सिग्नल को डिकोड किए जाने की घोषणा की।

किसने किया डिकोड

नकली एलियन सिग्नल को केन चैफिन और उनकी बेटी केली ने मिलकर डिकोड किया, लेकिन इस मैसेज का मतलब क्या है? इस परियोजना से जुड़े लोगों ने उसका खुलासा नहीं किया। ए साइन इन स्पेस के मुताबिक, यह नकली एलियन सिग्नल कुछ लोगों के दिमाज की उपज थी जिसमें SETI संस्थान और ग्रीन बैंक वेधशाला में कार्यरत डेनिएला डी पॉलिस के साथ-साथ एक कम्प्यूटर वैज्ञानिक, एक कवि, एक रेडियो इंजीनियर, एक भौतिक विज्ञानी और अंतरिक्ष वकील और कई खगोलविद और जीवविज्ञानी शामिल थे।

नकली एलियन सिग्नल में क्या था?

कुछ वैज्ञानिकों के दिमाग की उपज से बने एलियन सिग्नल में काले बैकग्राउंट पर कुछ सफेद पिक्सेल के क्लस्टर्स उभरते दिए दिखाई दे रहे हैं। यह संदेश पांच अमीनो एसिड की संरचना को दर्शाने वाली एक छवि थी। बता दें कि संदेश को डिकोड करने के लिए कई घंटों के कंप्यूटर सिमुलेशन की जरूरत थी। ईएसए ने बताया कि चैफिन्स ने कोड को तब तोड़ा जब उन्हें पता चला कि संदेश में कुछ जैविक विशेषताएं शामिल हैं।

Anurag Gupta
अनुराग गुप्ताauthor

अनुराग गुप्ता टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और मीडिया में 9 वर्षों का अनुभव रखते हैं। जर्नलिज़्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से ही वे न्यूजरूम के विभिन्न आयामों—कॉपी एडिटिंग, कंटेंट क्यूरेशन और रियल-टाइम न्यूज मॉनिटरिंग में दक्षता के साथ काम कर रहे हैं। राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और ब्रेकिंग न्यूज पर उनकी मजबूत पकड़ है। अनुराग खबरों की बारीकियों को समझने, फैक्ट चेकिंग और स्टोरी के अहम पहलुओं को पाठकों तक सरल भाषा में पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने अब तक 10 हजार से अधिक खबरें प्रकाशित की हैं, जिनमें ब्रेकिंग अपडेट्स, एनालिटिकल कंटेंट, स्पेशल स्टोरीज और न्यूज एक्सप्लेनर्स शामिल हैं।

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