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Honey Singh Death threats: यो यो हनी सिंह को गोल्डी बराड़ ने दी जान से मारने की धमकी, मिला वॉइस नोट

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Jun 21, 2023, 06:41 PM IST

Honey Singh Death Threats: रैपर हनी सिंह को गैंगस्टर गोल्डी बराड़ की ओर से जान से मारने की धमकी दी गई है। इसके बाद हनी सिंह की ओर से दिल्ली पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई है।

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हनी सिंह को मिली जान की धमकी

Photo : BCCL

Honey Singh Death Threats: जाने-माने सिंगर और रैपर यो यो हनी सिंह को जान से मारने की धमकी मिली है। यह धमकी गैंगस्टर गोल्डी बराड़ की ओर से दी गई है। हनी सिंह को कनाडा में बैठे गैंगस्टर की ओर से वॉइस नोट मिला है, जिसके बाद हनी सिंह की ओर से दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल में शिकायत दर्ज कराई गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हनी सिंह खुद-ब-खुद दिल्ली पुलिस के हेडक्वार्टर भी पहुंचे थे।

वॉयस नोट के सामने आने के बाद दिल्ली पुलिस जांच में जुट गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हनी सिंह ने कहा, धमकी मिलने के बाद उन्होंने दिल्ली पुलिस कमिश्नर के साथ मुलाकात की। उन्होंने बताया, मुझे और मेरे स्टाफ को किसी ने कॉल की थी। फोन करने वाले ने अपना नाम गोल्डी बराड़ बताया था। उन्होंने कहा, इस कॉल के बाद मैं बहुत डरा हुआ हूं।

मूसेवाला हत्याकांड में आया था गोल्डी बराड़ का नाम

बता दें, पंजाब में सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड के बाद गोल्डी बराड़ का नाम सामने आया था। गोल्डी बराड़ इस हत्याकांड का मुख्य आरोपी है और पुलिस लगातार उसकी तलाश कर रही है। जानकारी के मुताबिक, गोल्डी बराड़, जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का करीबी है और कनाडा से ही अपना गैंग चला रहा है। उसके खिलाफ हत्या, रंगदारी, अपहरण जैसे कई मामले दर्ज हैं।

लंबे समय बाद हनी सिंह ने किया है कमबैक

जाने-माने रैपर हनी सिंह ने बॉलीवुड इंडस्ट्री को एक से एक हिट गाने दिए हैं। हालांकि, वह अचानक से इंडस्ड्री से गायब हो गए थे। कई मीडिया रिपोर्ट्स में सामने आया कि हनी सिंह नशे के आदी हो गए थे, जिस कारण वे बीमार भी रहने लगे। हालांकि, अब उन्होंने लंबे समय के बाद कमबैक किया है और फिर से एक के बाद एक हिट गाने दिए हैं। लेकिन, धमकी मिलने के बाद वे काफी डरे हुए हैं। उन्होंने कहा है कि उनके साथ पहली बार ऐसा हुआ है।

प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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