सुप्रीम कोर्ट के वकील और एक्टिविस्ट प्रशांत भूषण ने गुरुवार को एक चौंकाने वाला दावा किया कि वे भारत में मौजूदा सत्ता को बदलने के लिए सरकार के खिलाफ विरोध कर रहे हैं। 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके के साथ बैठे प्रशांत भूषण ने कहा, 'हां, हम सत्ता बदलना चाहते हैं; हम सभी यही चाहते हैं। इसमें गलत क्या है? बीजेपी ने भी तो बार-बार सत्ता परिवर्तन के लिए आंदोलन चलाए हैं।'
बीजेपी सरकार पर निशाना साधते हुए, जिसने प्रदर्शनकारियों पर सरकार गिराने की साजिश रचने का आरोप लगाया था, प्रशांत भूषण ने कहा कि सत्ता परिवर्तन हर नागरिक का अधिकार है।
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'हम सभी सत्ता परिवर्तन चाहते हैं, क्या इसमें कुछ गलत है?'
अभिजीत दिपके और अभिनेता प्रकाश राज के साथ मौजूद प्रशांत भूषण ने खुले तौर पर कहा, 'यह सत्ता परिवर्तन की लड़ाई है, और हम इसे करके दिखाएंगे... सत्ता परिवर्तन जरूर होगा। हम सभी सत्ता परिवर्तन चाहते हैं। क्या इसमें कुछ गलत है?.' प्रशांत भूषण की ये टिप्पणियां ऐसे समय में आई हैं जब राष्ट्रीय राजधानी में सरकार के खिलाफ बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। यह विरोध SIR (एसआईआर) विवाद और मतदाताओं के नाम हटाए जाने को लेकर है। विपक्ष, CJP जैसे राजनीतिक दबाव समूहों और कई छात्र संगठनों ने चुनावों की निष्पक्षता पर सवाल उठाए हैं। इन सभी की मांग है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें या उन पर महाभियोग चलाया जाए। साथ ही, उनकी मांग है कि मतदाता सूची को SIR से पहले वाली स्थिति में बहाल किया जाए और ज्ञानेश कुमार के कार्यकाल में हुए सभी चुनावों को रद्द कर दिया जाए।
विपक्ष, CJP और कई छात्र संगठनों का केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध तेज
'इंडियन एक्सप्रेस' की एक रिपोर्ट के बाद विपक्ष, CJP और कई छात्र संगठनों ने केंद्र सरकार के खिलाफ अपना विरोध और तेज कर दिया है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि दो चुनाव आयुक्तों-सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी-ने 10 महीनों के दौरान 14 बार SIR प्रक्रिया पर आपत्ति जताई थी।
