Citizen Amendment Act: केंद्रीय मंत्री शांतनु ठाकुर ने दावा किया है कि अगले एक हफ्ते में देशभर में नागरिकता (संशोधन) अधिनियम यानी सीएए (CAA) पूरे देश में लागू हो जाएगा। केंद्रीय मंत्री ने प. बंगाल की एक रैली में यह दावा किया। इससे पहले गृह मंत्री अमित भी संकेत दे चुके हैं कि सीएए जल्द ही लागू किया जाएगा। अब केंद्रीय मंत्री के बयान से इस मुद्दा फिर गरमा सकता है।
मंत्री ने कहा, एक सप्ताह के भीतर लागू होगा सीएए
रविवार 28 जनवरी को पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना में एक सार्वजनिक रैली में ठाकुर ने कहा कि राम मंदिर का उद्घाटन कर दिया गया है और अगले सात दिनों के भीतर सीएए- नागरिकता (संशोधन) अधिनियम पूरे देश में लागू किया जाएगा। यह मेरी गारंटी है। सिर्फ पश्चिम बंगाल में ही नहीं, सीएए को एक सप्ताह के भीतर भारत के हर राज्य में पूरे देश में लागू किया जाएगा।
आम चुनाव से पहले लागू करने की खबर
इस महीने की शुरुआत में ही खबर आई थी कि लोकसभा चुनाव से पहले सरकार नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) को लेकर बड़ा कदम उठाने जा रही है। रिपोर्टों के अनुसार आम चुनाव से पहले इस कानून के नियम एवं कायदों को सरकार अधिसूचित कर देगी। सरकार के एक शीर्ष पदाधिकारी के हवाले से कहा गया था कि सीएए के नियम अधिसूचित हो जाने के बाद पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से आए छह अल्पसंख्यक समुदाय के लोग भारत की नागरिकता पाने के पात्र होंगे। अधिसूचित होने वाले नियम बनकर तैयार हैं और इसे सरकारी पोर्टल पर डाला जाना बाकी है।
नागरिकता के लिए ऑनलाइन होगा आवेदन
अधिकारी ने बताया कि नागरिकता के लिए आवेदन, प्रक्रिया एवं मंजूरी से जुड़ी एक ऑनलाइन व्यवस्था गृह मंत्रालय की ओर से तैयार की जा रही है। नागरिकता के लिए आवेदक ऑन लाइन आवेदन दे सकेंगे। बता दें कि सरकार ने दिसंबर 2019 में सीएए को कानून बना दिया और यह 10 जनवरी 2020 को अस्तित्व में आ गया। हालांकि, इसे लेकर नियम एवं कायदे अधिसूचित नहीं किए।
6 अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों को मिलेगी नागरिकता
नियम अधिसूचित न होने से पाकिस्तान, बांग्लादेश एवं अफगानिस्तान से आए हिंदू, सिख, जैन, ईसाई, बौद्ध एवं पारसी समुदाय के लोगों को नागरिकता देने की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पाई। सीएए के तहत 2014 से पहले इन तीन देशों से आए अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों को भारतीय नागरिकता दी जाएगी। सरकार ने इन तीन देशों से आए मुस्लिम समुदाय को भारतीय नागरिकता के दायरे से बाहर रखा है।
