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CM अब्दुल्ला ने दिखाए तेवर, बोले- क्या पहलगाम के हत्यारे तय करेंगे J&K को राज्य का दर्जा मिलेगा या नहीं

Pahalgam Terror Attack: मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने शुक्रवार को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर अपने संबोधन में तीखे तेवर अपनाते हुए जम्मू कश्मीर के राजनीतिक भविष्य को आतंकवादी गतिविधियों से जोड़ने के चलन की कड़ी आलोचना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि क्या पहलगाम के हत्यारे और पड़ोसी मुल्क में बैठे उनके आका तय करेंगे कि हमें राज्य का दर्जा मिलेगा या नहीं?

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मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला (फोटो साभार: PTI)

Photo : PTI

Pahalgam Terror Attack: मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने शुक्रवार को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर अपने संबोधन में तीखे तेवर अपनाते हुए जम्मू कश्मीर के राजनीतिक भविष्य को आतंकवादी गतिविधियों से जोड़ने के चलन की कड़ी आलोचना की तथा कहा कि पाकिस्तान को आतंकवाद के माध्यम से क्षेत्र के राज्य के दर्जे के निर्णय पर असर डालने की अनुमति नहीं दी जा सकती।

अब्दुल्ला ने यह बयान उच्चतम न्यायालय की उस टिप्पणी के एक दिन बाद दिया है जिसमें भारत के प्रधान न्यायाधीश बी आर गवई की अगुवाई वाली पीठ ने कहा कि जम्मू कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल किए जाने का निर्णय लेते वक्त क्षेत्र में ‘‘जमीनी हकीकत’’ पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए। उसने कहा कि ‘‘पहलगाम जैसी घटनाएं’’ नजरअंदाज नहीं की जा सकतीं।

CM अब्दुल्ला ने क्या कुछ कहा?

जम्मू कश्मीर का स्वतंत्रता दिवस समारोह यहां बख्शी स्टेडियम में आयोजित किया गया। उच्चतम न्यायालय में पहलगाम का जिक्र किए जाने को ‘‘दुर्भाग्यपूर्ण’’ बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि क्या पहलगाम के हत्यारे और पड़ोसी मुल्क में बैठे उनके आका तय करेंगे कि हमें राज्य का दर्जा मिलेगा या नहीं? उन्होंने कहा, ‘‘जब भी हम राज्य के दर्जे के करीब होंगे, वे कुछ न कुछ करेंगे ताकि उसे नाकाम किया जा सके। क्या यह न्याय है? हमें उस अपराध की सजा क्यों दी जा रही है, जिसमें हमारा कोई हाथ नहीं है?’’

अब्दुल्ला ने कहा कि जम्मू कश्मीर के लोग खुद ‘‘कठुआ से कुपवाड़ा तक’’ पहलगाम हमले के खिलाफ प्रदर्शन करने के लिए सड़कों पर उतरे। उन्होंने कहा कि दुर्भाग्यपूर्ण है कि आज हमें पहलगाम हमले की सजा दी जा रही है। गौरतलब है कि 22 अप्रैल को दक्षिण कश्मीर के पहलगाम की बैसरन घाटी में आतंकवादियों ने 26 नागरिकों की हत्या कर दी थी, जिनमें ज्यादातर पर्यटक थे।

हस्ताक्षर अभियान की शुरुआत करेंगे अब्दुल्ला

अब्दुल्ला ने कहा कि वह उच्चतम न्यायालय द्वारा केंद्र को याचिका पर जवाब देने के लिए दिए गए आठ सप्ताह के समय के दौरान जम्मू कश्मीर को राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग को लेकर एक बड़े हस्ताक्षर अभियान की शुरुआत करेंगे। उन्होंने कहा, ‘‘आज से, हम इन आठ सप्ताह का उपयोग सभी 90 विधानसभा क्षेत्रों में घर-घर जाकर राज्य का दर्जा बहाल करने के लिए हस्ताक्षर अभियान चलाने में करेंगे। अगर लोग दस्तावेज पर हस्ताक्षर करने को तैयार नहीं हैं, तो मैं अपनी हार मान लूंगा।’’

बहरहाल, अब्दुल्ला ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि वह और उनके सहयोगी राज्य का दर्जा देने की मांग के समर्थन में हस्ताक्षर प्राप्त करने का लक्ष्य हासिल कर लेंगे। उन्होंने कहा, ‘‘हमें इन आवाज़ों को अपने दफ्तरों से उन दरवाजों तक ले जाना होगा, जहां फैसले लिए जाते हैं।’’ मुख्यमंत्री ने कहा कि हस्ताक्षर अभियान के दस्तावेज उच्चतम न्यायालय को सौंपे जाएंगे।

Anurag Gupta
अनुराग गुप्ताauthor

अनुराग गुप्ता टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और मीडिया में 9 वर्षों का अनुभव रखते हैं। जर्नलिज़्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से ही वे न्यूजरूम के विभिन्न आयामों—कॉपी एडिटिंग, कंटेंट क्यूरेशन और रियल-टाइम न्यूज मॉनिटरिंग में दक्षता के साथ काम कर रहे हैं। राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और ब्रेकिंग न्यूज पर उनकी मजबूत पकड़ है। अनुराग खबरों की बारीकियों को समझने, फैक्ट चेकिंग और स्टोरी के अहम पहलुओं को पाठकों तक सरल भाषा में पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने अब तक 10 हजार से अधिक खबरें प्रकाशित की हैं, जिनमें ब्रेकिंग अपडेट्स, एनालिटिकल कंटेंट, स्पेशल स्टोरीज और न्यूज एक्सप्लेनर्स शामिल हैं।

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