सीजेआई के युवाओं पर की गई एक विवादित टिप्पणी से शुरू हुई कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) अब युवाओं और छात्रों का बड़ा चेहरा बन चुकी है। इसके फाउंडर अभिजीत दिपके के नेतृत्व में कई शहरों में सरकारी नीतियों के खिलाफ लगातार युवा प्रदर्शन कर अपनी मांग रख रहे हैं। जिस तरह से सीजेपी देश के अलग अलग शहरों में प्रदर्शन कर रही है उसके बाद एक सवाल खड़ा हो रहा है कि क्या सीजेपी चुनावी राजनीति में उतरने जा रही है? अब इस सवाल को लेकर नागपुर में प्रेस कांफ्रेंस कर अभिजीत दिपके ने भी बड़ा संकेत दे दिया है।
पीएम मोदी को सुननी चाहिए छात्रों के भी ‘मन की बात’
नागपुर में उन्होंने NEET-UG परीक्षा से जुड़े विवाद को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आलोचना की। दिपके ने आरोप लगाया कि उन्होंने प्रभावित छात्रों तक पहुंचने की कोशिश नहीं की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को उन छात्रों और उनके परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करनी चाहिए थी, जिन्होंने परीक्षा विवाद के बाद कथित रूप से आत्महत्या कर ली।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री दुनिया में कहीं भी कोई घटना होने पर ट्वीट करते हैं, लेकिन देश के छात्र आत्महत्या कर रहे हैं और उनकी ओर से एक शोक संदेश तक नहीं आया। ‘मन की बात’ और ‘परीक्षा पे चर्चा’ की बात करने से पहले छात्रों की ‘मन की बात’ भी सुननी चाहिए। दिपके ने कहा कि अगर प्रधानमंत्री सीधे छात्रों से संवाद करें, तो उन्हें उनकी वास्तविक समस्याओं का बेहतर अंदाजा होगा और समाधान निकालने में मदद मिलेगी।
क्या CJP आगामी चुनावों में हिस्सा लेगी?
इस दौरान उनसे सीजेपी के भविष्य को लेकर भी सवाल किया गया। उनसे पूछा गया कि क्या CJP आगामी चुनावों में हिस्सा लेगी? इस पर दिपके ने कहा कि उनकी पार्टी का मुख्य उद्देश्य छात्रों और युवाओं के मुद्दों को उठाना है, न कि चुनाव लड़ना। इस सवाल के जवाब में दिपके ने आगे कहा कि अगर इस देश में अपने अधिकारों की मांग करने के लिए हर किसी को चुनाव लड़ना पड़े, तो फिर व्यवस्था कैसे चलेगी?
प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अपनी प्रतिबद्धिता जाहिर की। उन्होंने कहा कि प्रधान के इस्तीफे को लेकर CJP का देशव्यापी आंदोलन जारी रहेगा और जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होती, तब तक विरोध प्रदर्शन नहीं रुकेगा।
