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फलता सीट पर क्या BJP का होगा कब्जा? मैदान से हट गए थे TMC उम्मीदवार, आज आएगा चुनाव रिजल्ट

फलता सीट पुनर्मतदान 29 अप्रैल के चुनाव से जुड़े विवाद के कारण हुआ, जब कई मतदान केंद्रों से शिकायतें सामने आईं कि ईवीएम पर इत्र जैसे पदार्थ और चिपकने वाली टेप लगाई गई थीं। निर्वाचन आयोग ने फलता में पुनर्मतदान का आदेश दिया, जबकि शेष 293 विधानसभा क्षेत्रों के परिणाम चार मई को पहले ही घोषित किए जा चुके हैं।

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21 मई को फालता सीट पर हुआ पुनर्मतदान।

Photo : PTI

Falta seat election result 2026 : पश्चिम बंगाल की फलता विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव के नतीजे 24 मई को आएंगे। इस सीट पर 21 मई को पुनर्मतदान हुआ। पुनर्मतदान में वोटरों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस सीट पर 86.11 प्रतिशत वोटिंग हुई। वोटिंग से कुछ दिनों पहले तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के उम्मीदवार जहांगीर खान पीछे हट गए। इसके बाद इस सीट पर कुल पांच प्रत्याशियों के बीच मुकाबला हुआ। इस बार इस सीट पर मुख्य मुकाबला भाजपा, कांग्रेस व वाममोर्चा में माना जा रहा है। भाजपा यह सीट जीतकर टीएमसी को बड़ा राजनीतिक संदेश देना चाहती है।

207 सीटों पर विजयी हुई है भाजपा

बीते 4 मई को आए चुनाव नतीजों में भाजपा ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की। विधानसभा की 294 सीटों में से भाजपा ने 207 सीटें जीतीं जबकि टीएमसी 80 सीटों पर सिमट गई। प्रचंड जीत दर्ज करते हुए भाजपा ने 15 साल बाद टीएमसी को सत्ता से बाहर कर दिया। यहां पुनर्मतदान 29 अप्रैल के चुनाव से जुड़े विवाद के कारण हुआ, जब कई मतदान केंद्रों से शिकायतें सामने आईं कि ईवीएम पर इत्र जैसे पदार्थ और चिपकने वाली टेप लगाई गई थीं। निर्वाचन आयोग ने फाल्टा में पुनर्मतदान का आदेश दिया, जबकि शेष 293 विधानसभा क्षेत्रों के परिणाम चार मई को पहले ही घोषित किए जा चुके हैं, जिसमें भाजपा ने ऐतिहासिक जीत दर्ज करते हुए पश्चिम बंगाल में पहली बार सत्ता हासिल की है।

अपनी जीत पक्की मान रही है भाजपा

चुनाव अधिकारियों ने बताया कि शाम पांच बजे तक 2.36 लाख मतदाताओं में से 86.11 प्रतिशत ने मतदान किया । इससे पहले 29 अप्रैल को हुए मतदान में इसी समय तक 86.71 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया था। भारी मतदान पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने फाल्टा के लोगों को धन्यवाद दिया और कहा कि निर्वाचन क्षेत्र के दृश्य किसी उत्सव जैसे लग रहे हैं। उन्होंने कहा, 'दृश्यों से ऐसा प्रतीत होता है जैसे लोग किसी उत्सव में भाग ले रहे हों। पुनर्मतदान में इतना मतदान होना वास्तव में अभूतपूर्व है।’ खान के चुनाव से हटने से फाल्टा के राजनीतिक समीकरण में काफी बदलाव आ गया है। भाजपा, जो पहले से ही एकतरफा जीत का भरोसा जता रही है, टीएमसी उम्मीदवार के पुनर्मतदान से पहले ही चुनाव मैदान से हटने के बाद इस सीट पर अपनी जीत पक्की मान रही है।

इस सीट पर ये हैं उम्मीदवार

अन्य उम्मीदवारों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के देबांग्शु पांडा, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के शंभूनाथ कुर्मी और कांग्रेस के अब्दुर रज्जाक मोल्ला शामिल हैं। टीएमसी ने तुरंत खान के इस कदम से खुद को अलग कर लिया और इसे उनका ’निजी निर्णय’ बताते हुए निर्वाचन क्षेत्र में डराने-धमकाने और दबाव बनाए जाने का आरोप लगाया। इससे पहले, अधिकारी ने खान का ’मैदान छोड़ने’ के लिए मजाक उड़ाया था। अधिकारी ने दावा किया था कि खान को एहसास हो गया है कि उन्हें जमीनी स्तर पर मतदान एजेंट नहीं मिलेंगे, जबकि भाजपा उम्मीदवार ने बृहस्पतिवार को जोर देकर कहा कि फाल्टा के लोगों को ’आजादी मिल गई है’।

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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