Samrat Choudhary Pagdi: बिहार के नए नवेले डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी अपनी एक कसम के कारण बुरी तरह से फंसे दिख रहे हैं। दरअसर कभी सम्राट चौधरी ने कसम खाई थी कि जबतक वो नीतीश कुमार को सत्ता से उखाड़ नहीं फेंकेंगे, पगड़ी नहीं उतारेंगे। अब सम्राट चौधरी उसी नीतीश कुमार के साथ सत्ता में आ गए हैं, उन्हें के डिप्टी बन गए हैं। जिसके बाद से उनसे ये लगातार सवाल किया जा रहा था कि उनकी कसम तो टूट गई, अब वो क्या करेंगे? विपक्ष सम्राट चौधरी को घेरने में लगा है।
अयोध्या में सम्राट चौधरी का मुंडन?
इन सवालों के बाद अब सम्राट चौधरी सामने आए हैं और इस पर उन्होंने जवाब दिया है। सम्राट चौधरी ने कहा कि वो अयोध्या में रामलला के चरणों में अपनी पगड़ी उतारेंगे, अगर सिर मुड़वाने की बारी आई तो अयोध्या में ही मुड़वाएंगे।
बीजेपी को बताया दूसरी मां
सम्राट चौधरी ने कहा कि बीजेपी उनकी दूसरी मां है। जब पहली मां चल बसी थी, तब उन्होंने पगड़ी बांधी थी, अब दूसरी मां के लिए अगर अयोध्या में जाकर सिर मुडवाना पड़े तो मंजूर है।
कौन हैं सम्राट चौधरी
शकुनी चौधरी के पुत्र सम्राट चौधरी ने राजद सुप्रीमो की पत्नी राबड़ी देवी के नेतृत्व वाली सरकार में मंत्री के रूप में राजनीति के क्षेत्र में कदम रखा था। शकुनी चौधरी सेना में जवान रहने के बाद राजनीति में आये थे और उन्होंने कांग्रेस के सदस्य के रूप में अपनी राजनीति की शुरुआत की थी लेकिन लालू प्रसाद और नीतीश कुमार की पार्टी में कई बार उन्होंने पाला बदला । सम्राट चौधरी 2005 में सत्ता से बेदखल होने के बाद काफी समय तक राजद के साथ रहे लेकिन 2014 में एक विद्रोही गुट का हिस्सा बन गए और जीतन राम मांझी के नेतृत्व वाली जदयू सरकार में शामिल हो गए । मांझी ने नीतीश कुमार के पद छोड़ने के बाद कुछ समय के लिए सत्ता संभाली थी। तीन साल बाद उनका जदयू से मोहभंग हो गया और वह भाजपा में शामिल हो गए। भाजपा ने एक तेजतर्रार वक्ता और कोइरी जाति के बड़े नेता के रूप में उनकी क्षमता को पहचाना।भाजपा ने सम्राट चौधरी को प्रदेश का उपाध्यक्ष बनाया और बाद में उन्हें बिहार विधान परिषद में भेजी। वर्ष 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव में राजग की जीत के बाद उन्हें नीतीश कुमार सरकार के मंत्रिमंडल में जगह मिली।
