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देश में पायलटों को लेकर किस बहस पर अदालत ने जारी कर दिया DGCA को नोटिस? मामला आराम और छुट्टियों से जुड़ा

DGCA News: DGCA की वकील ने यह भी कहा कि पांच दिसंबर को जारी एक अन्य पत्र के माध्यम से इंडिगो को 10 फरवरी तक रात्रि ड्यूटी के मानदंडों से विशेष छूट दी गई थी। हालांकि, अदालत ने पूछा कि जब इंडिगो को रात्रि ड्यूटी के मानदंडों में अस्थायी छूट दी गई थी, तो साप्ताहिक आराम और छुट्टियों के गैर-प्रतिस्थापन के नियम को बिना किसी समय सीमा के क्यों वापस ले लिया गया।

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देश में पायलटों को लेकर किस बहस पर अदालत ने जारी कर दिया DGCA को नोटिस?

Delhi High Court Notice to DGCA: दिल्ली उच्च न्यायालय ने डीजीसीए से पायलटों के लिए साप्ताहिक आराम और छुट्टियों से संबंधित नए मानदंडों के कार्यान्वयन के संबंध में विमानन कंपनियों को दी गई 'अनिश्चितकालीन' छूट पर शुक्रवार को सवाल उठाया। इस मुद्दे पर दायर जनहित याचिका पर मुख्य न्यायाधीश डी के उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस कारिया की पीठ ने डीजीसीए को नोटिस जारी किया। पीठ ने विमानन क्षेत्र के नियामक से उस नए उड़ान-ड्यूटी नियम को तुरंत वापस लेने के अपने निर्णय के पीछे के 'तर्क' को स्पष्ट करने के लिए कहा, जिसमें कहा गया था कि 'किसी भी छुट्टी को साप्ताहिक अवकाश से प्रतिस्थापित नहीं किया जाएगा।'

पीठ ने नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) और इंडिगो दोनों को दो सप्ताह के भीतर जनहित याचिका पर अपना जवाब दाखिल करने को कहा। पांच दिसंबर, 2025 को DGCA ने उड़ान ड्यूटी समय सीमा (FDTL) में छूट लागू की ताकि इंडिगो अधिक पायलटों को ड्यूटी पर तैनात कर सके और व्यवधानों को कम करके परिचालन को सामान्य कर सके।

इंडिगो ने पिछले साल दिसंबर के पहले सप्ताह में देश भर में सैकड़ों उड़ानें रद्द कर दीं क्योंकि एयरलाइन पायलटों के लिए नए उड़ान-ड्यूटी मानदंडों को लागू करने के लिए पर्याप्त रूप से तैयार नहीं थी।

DGCA ने अपनी सफाई में क्या कहा?

DGCA की वकील ने शुक्रवार को कहा कि नियामक एक नवंबर, 2025 को FDTL के लागू होने के बाद से स्थिति पर नजर रख रहा है और ऑडिट के साथ-साथ पायलटों द्वारा दो प्रकार की छुट्टियों को एक साथ मिलाने के संबंध में एयरलाइंस के अभ्यावेदनों के मद्देनजर इसे वापस लेने का निर्णय लिया गया।

उन्होंने स्पष्ट किया कि पांच दिसंबर के फैसले के बाद भी पायलटों के लिए साप्ताहिक आराम अनिवार्य बना हुआ है और यह नागर विमानन नियमों द्वारा नियंत्रित होता है, हालांकि छुट्टियां पायलट और एयरलाइन के बीच अनुबंध का मामला हैं।

DGCA की वकील ने यह भी कहा कि पांच दिसंबर को जारी एक अन्य पत्र के माध्यम से इंडिगो को 10 फरवरी तक रात्रि ड्यूटी के मानदंडों से विशेष छूट दी गई थी। हालांकि, अदालत ने पूछा कि जब इंडिगो को रात्रि ड्यूटी के मानदंडों में अस्थायी छूट दी गई थी, तो साप्ताहिक आराम और छुट्टियों के गैर-प्रतिस्थापन के नियम को बिना किसी समय सीमा के क्यों वापस ले लिया गया।

अदालत ने छुट्टियों को लेकर किया स्पष्ट

अदालत ने कहा,'शिकायत यह प्रतीत होती है कि छुट्टी और साप्ताहिक अवकाश को आपस में नहीं मिलाया जा सकता, जिसे आपने एक विशेष एयरलाइन में व्यवधान के कारण वापस ले लिया है। यदि आप एक ही दिन दो पत्र जारी कर रहे हैं - एक 10 फरवरी तक के लिए है, लेकिन पहला अनिश्चित काल के लिए है।'

पीठ ने कहा, 'यदि पहले पत्र का आपका जवाब व्यवधान के संबंध में था और दूसरा पत्र भी व्यवधान के कारण ही था, लेकिन आपने (रात की ड्यूटी के लिए) समय सीमा 10 फरवरी तक सीमित कर दी है, तो दूसरे पत्र के लिए ऐसा क्यों नहीं किया?'

अदालत ने डीजीसीए के वकील से पूछा, 'इसे वापस लेने का क्या औचित्य है? और यह सभी विमानन कंपनियों पर लागू होता है?'

पिछली सुनवाई में अदालत ने कहा था कि पायलटों की थकान को रोकने के लिए डीजीसीए नियमों को लागू न करने के कारण सार्वजनिक सुरक्षा को लेकर उत्पन्न चिंताओं को 'नजरअंदाज' नहीं किया जा सकता है।

याचिकाकर्ताओं, सबरी रॉय लेंका, अमन मोंगा और किरण सिंह ने आरोप लगाया है कि थकान संबंधी नियमों में छूट डीजीसीए द्वारा केवल इंडिगो को अवैध रूप से दी गई थी और यह प्रथम दृष्टया दुर्भावनापूर्ण थी। याचिका में आरोप लगाया गया है कि अंतरराष्ट्रीय नागर विमानन संगठन (आईसीएओ) के तहत डीजीसीए को थकान संबंधी नियमों और अन्य प्रावधानों को समान रूप से लागू करने की जरूरत है, लेकिन वह लगातार इस तरह की व्यवस्था को लागू करने में विफल रहा है।

मामले में अगली सुनवाई अप्रैल में होगी।

Nitin Arora
नितिन अरोड़ाauthor

नितिन अरोड़ा टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया में उनका 6 वर्षों का अनुभव है। वह राजनीति, देश–विदेश की बड़ी घटनाओं और समसामयिक मुद्दों को गहराई से समझकर उन्हें सटीक और सरल भाषा में प्रस्तुत करने में माहिर हैं। उन्होंने अपने करियर में लगातार करंट अफेयर्स, पॉलिटिकल डेवलपमेंट्स, डिप्लोमैटिक घटनाएं और डिफेंस सेक्टर से जुड़े विषयों पर प्रभावशाली कॉन्टेंट तैयार किया है और अबतक 6 हजार से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। विभिन्न टॉपिक्स पर एक्सप्लेनेर, डेटा-आधारित रिपोर्ट्स और विश्लेषणात्मक कॉपी लिखने में उनकी मजबूत पकड़ है।

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