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पाकिस्तान का मिशन क्लियर है...कश्मीर से खदेड़े गए तो आतंकियों ने बना डाला नया प्लान, नया टारगेट सेट!

Terrorist Attacks in Jammu: ऑपरेशन ऑल आउट के तहत कश्मीर में पाकिस्तान का सफाया हो गया और इसलिए अब वैसी जगह ढूंढ रहे हैं, जहां पर सुरक्षाबलों की कमी है। आमतौर पर जिन क्षेत्रों में शांति रही है, अब वहां आतंकी घटनाओं को अंजाम दिया जा रहा है। जिससे सुरक्षाबलों का पूरा ध्यान जम्मू में लगा रहे।

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जम्मू में बढ़ रहे आतंकी हमले।

Photo : ANI

Terrorist Attacks in Jammu: जम्मू-कश्मीर के डोडा में आतंकियों के साथ मुठभेड़ में सेना के पांच जवानों की शहीद हो गई। इनमें से एक कैप्टन रैंक का अधिकारी भी शामिल था। आतंकियों ने यह हमला तब किया जब आतंकियों की मौजूदगी की सूचना पर तलाशी अभियान चलाया जा रहा था। इस हमले की जिम्मेदारी कश्मीर टाइगर्स नाम के आतंकी संगठन ने ली है। खास बात है कि आतंकियों और सुरक्षा बलों के बीच जिस डोडा जिले में मुठभेड़ हुई वह कश्मीर नहीं जम्मू रीजन का हिस्सा है।

आतंकियों के पैटर्न को देखा जाए तो हाल के दिनों में उन्होंने जम्मू क्षेत्र को निशाना बनाना शुरू किया है। अलग-अलग आतंकी संगठन इन हमलों की जिम्मेदारी भी ले रहे हैं। आंकड़ों के अनुसार, 2023 में 43 आतंकी घटनाएं जम्मू में हुई हैं। अधिकारियों का कहना है कि अब आतंकी जम्मू में अपनी गतिविधियों को बढ़ाना चाहते हैं।

क्या है पाकिस्तान का मिशन?

जम्मू-कश्मीर के पूर्व डीजीपी कुलदीप हुड्डा ने जम्मू में बढ़ती आतंकी घटनाओं को लेकर प्रतिक्रिया दी है। न्यूज एजेंसी IANS के साथ बातचीत में उन्होंने कहा है कि पाकिस्तान का मिशन क्लियर है। वह अब जम्मू में गतिविधियों को बढ़ाना चाहता है, क्योंकि पाकिस्तान कश्मीर में कामयाब नहीं हो पाया। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन ऑल आउट के तहत कश्मीर में पाकिस्तान का सफाया हो गया और इसलिए अब वैसी जगह ढूंढ रहे हैं, जहां पर सुरक्षाबलों की कमी है। आमतौर पर जिन क्षेत्रों में शांति रही है, अब वहां आतंकी घटनाओं को अंजाम दिया जा रहा है, जिससे सेना का ध्यान जम्मू में बढ़ रही आतंकी घटनाओं की ओर जाए, जिससे वह कश्मीर में दोबारा आतंकी गतिविधियों को अंजाम दे सके।

दोबारा शुरू किया पाकिस्तान ने अपना एजेंडा

कुलदीप हुड्डा ने कहा, उरी हमले के बाद भारत की ओर से सर्जिकल स्ट्राइक की गई थी, जिसके बाद पाकिस्तान खामोश बैठ गया था। मगर अब उसने अपना एजेंडा दोबारा शुरू किया है। इसलिए अब और भी जरूरी हो जाता है कि भारत उनके खिलाफ एक्शन ले। जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद को बढ़ावा देने की जो कोशिश की जारी है, उन्हें नाकाम किया जाए।

आतंकी कर रहे गुरिल्ला वॉर

बता दें कि जम्मू के डोडा जिले में मंगलवार को आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ में पांच सुरक्षाकर्मी शहीद हो गए हैं। अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रीय राइफल्स और पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप के जवानों ने सोमवार शाम करीब 7.45 बजे उरारबागी में घेराबंदी और तलाशी अभियान शुरू किया था, जिसके बाद मुठभेड़ शुरू हुई। डोडा जम्मू संभाग के घने जंगलों वाले पहाड़ी जिलों में से एक है, जहां माना जाता है कि आतंकवादी गुरिल्ला युद्ध की नीति अपना रहे हैं।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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