K C Tyagi News: आम चुनाव 2024 से पहले गैर बीजेपी दल गठबंधन बनाने की कोशिश कर रहे हैं। पीएम नरेंद्र मोदी के खिलाफ विपक्षी दल मुखर तो हैं लेकिन विपक्ष का नेता कौन होगा इसे लेकर तस्वीर साफ नहीं है। तेलंगाना के सीएम चंद्रशेखर राव बीआरएस के जरिए ताल ठोंक रहे हैं तो पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने इतना कहा कि जहां जहां कांग्रेस मजबूत है वहां टीएमसी साथ में है। लेकिन बंगाल में कांग्रेस के साथ किस तरह से गठबंधन होगा उस पर चुप्पी साध ली। इन सबके बीच बिहार के सीएम नीतीश कुमार राष्ट्रीय स्तर पर मोर्चा बनाने की कोशिश कर रहे हैं, और अपनी इस कवायद को अमली जामा पहनाने के लिए उन्होंने अपने पुराने साथी रहे के सी त्यागी पर भरोसा जताया है। के सी त्यागी, नीतीश कुमार के सपनों को किस हद तक साकार करने में कामयाब हो पाएंगे यह तो देखने वाली बात होगी। लेकिन जेडीयू ने के सी त्यागी को विशेष सलाहकार और पार्टी का राष्ट्रीय प्रवक्ता बनाया है।
के सी त्यागी और लल्लन सिंह ने क्या कहा
बड़ी जिम्मेदारी मिलने पर के सी त्यागी ने कहा कि वो नीतीश जी के साथ हैं। 2024 के आम चुनाव में बीजेपी को हराने के लिए वो पूरी कोशिश करेंगे कि गैर बीजेपी दल एक मंच पर आकर एनडीए के खिलाफ जनमत बनाएं।
जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष लल्लन सिंह ने कहा था कि के सी त्यागी ना सिर्फ अनुभवी नेता हैं, बल्कि समाजवादी आंदोलन से जुड़े रहे हैं। उन्होंने चौधरी चरण सिंह से लेकर नीतीश कुमार के साथ काम किया था। उनके अनुभव का फायदा पार्टी सांगठनिक स्तर पर उठाना चाहती है।
पांच बड़ी वजह
- के सी त्यागी जेडीयू के राष्ट्रीय चेहरा
- संगठन में काम करने का अनुभव
- करीब 6 दशक का लंबा राजनीतिक अनुभव
- गैर बीजेपी दलों के नेताओं से भी अच्छी पकड़
- मीडिया में पुख्ता तौर पर पार्टी की बात रखने में महारत
के सी त्यागी को क्यों मिली अहम जिम्मेदारी
इस सवाल के जवाब में जानकार कहते हैं कि अगर आप जनाधार की बात करें तो त्यागी के पास कोई खास आधार नहीं है। लेकिन लड़ाई सिर्फ बयानों के जरिए नहीं लड़ी जाती। बेहतर सांगठनिक कौशल, दूसरे दलों के साथ सामंजस्य स्थापित करने की कला जरूरी है। अगर आप दिल्ली की राजनीति के बारे में सोचते हैं तो यह जरूरी है कि केंद्रीय स्तर पर कोई ऐसा चेहरा हो जिसकी पैंठ दूसरे दलों के नेताओं से हो। अगर 2024 के चुनाव की बात करें तो एक तरफ पीएम मोदी के रूप में बीजेपी एनडीए के पास करिश्माई चेहरा है, जो अलग अलग समय में कराई जाने वाली सर्वे के रिपोर्ट से भी जगजाहिर होती है। ऐसे में नीतीश कुमार को लगा कि केंद्रीय स्तर पर जेडीयू की बात रखने के लिए कद्दावर चेहरे की आवश्यकता है और उस मकसद को हासिल करने के लिए के सी त्यागी से बेहतर कोई दूसरा नहीं हो सकता।
