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AAP ने राष्ट्रपति के अभिभाषण का क्यों किया बहिष्कार? मोदी सरकार पर लगा दिया ये गंभीर आरोप; जानें वजह

AAP in Parliament: आम आदमी पार्टी ने संसद में राष्ट्रपति के अभिभाषण का बहिष्कार किया, लेकिन क्या आप जानते हैं कि आखिर इसकी वजह क्या है? आप ने ये बड़ा दावा किया है कि केंद्र की मोदी सरकार ने राष्ट्रपति का अभिभाषण लिखा है। हालांकि उन्होंने एक और बड़ी बात कही, रिपोर्ट में जानें।

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आम आदमी पार्टी ने बताई ये वजह।

AAP vs Modi Sarkar: आम आदमी पार्टी (आप) के संसद सदस्यों ने अपनी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी के विरोध में बृहस्पतिवार को लोकसभा और राज्यसभा की संयुक्त बैठक में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण का बहिष्कार किया। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने कथित आबाकारी नीति घोटाले की जांच के सिलसिले में बुधवार को दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल को गिरफ्तार कर लिया।

राष्ट्रपति के अभिभाषण का क्यों किया बहिष्कार?

‘आप’ के सांसदों ने राष्ट्रपति के अभिभाषण का बहिष्कार किया और दावा किया कि यह अभिभाषण केंद्र सरकार ने लिखा है। साथ ही उन्होंने कहा कि वे राष्ट्रपति का पूरा सम्मान करते हैं। उन्होंने केजरीवाल की गिरफ्तारी के खिलाफ संसद के बाहर प्रदर्शन किया और आरोप लगाया कि यह 'जांच एजेंसियों का घोर दुरुपयोग है।'

प्रदर्शन किया और लगाए ‘पीएम जवाब दो’ जैसे नारे

उन्होंने ‘ईडी, सीबीआई का दुरुपयोग बंद करो’, ‘तानाशाही नहीं चलेगी’, ‘केजरीवाल को रिहा करो’ की तख्तियों के साथ प्रदर्शन किया और ‘पीएम जवाब दो’ जैसे नारे लगाए। ‘आप’ सांसद संजय सिंह ने प्रदर्शन के दौरान कहा, 'यह तानाशाही के खिलाफ प्रदर्शन है। यह प्रदर्शन संविधान तथा लोकतंत्र को बचाने के लिए है। एक निर्वाचित मुख्यमंत्री को गिरफ्तार किया गया और जेल में डाल दिया गया। हम प्रधानमंत्री से जांच एजेंसियों के दुरुपयोग को बंद करने तथा केजरीवाल को रिहा करने के लिए कह रहे हैं।'

बहिष्कार करने की वजह संजय सिंह ने बताई

संजय सिंह ने कहा, 'हम राष्ट्रपति के अभिभाषण का बहिष्कार कर रहे हैं क्योंकि इसे सरकार ने लिखा है। हम चर्चा में भाग लेंगे और सरकार को नींद से जगाने का काम करेंगे।' संगरूर से ‘आप’ सांसद गुरमीत सिंह मीत हायर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में संविधान और लोकतंत्र को 'पूरे देश में कुचला' जा रहा है। हायर ने आरोप लगाया, 'दिल्ली से लेकर पश्चिम बंगाल, झारखंड और महाराष्ट्र तक जांच एजेंसियों का खुलकर दुरुपयोग किया जा रहा है।'

उन्होंने कहा, 'दिल्ली के मौजूदा मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को जेल में डाला गया। झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को भी जेल में डाला गया। हमारे (दिल्ली) शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया और स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन को गिरफ्तार किया गया तथा वे करीब दो साल से जेल में हैं। आप सांसद संजय सिंह को बिना किसी वजह के छह महीने तक जेल में रखा गया। यह देश के लोकतंत्र के लिए बहुत खतरनाक है।' हायर ने कहा कि सीबीआई ने केजरीवाल को जल्दबाजी में गिरफ्तार किया क्योंकि उन्हें उच्चतम न्यायालय से जमानत मिलने की पूरी संभावना थी। उन्होंने कहा, 'यह तानाशाही का बड़ा उदाहरण है।'

‘आप’ सांसद ने कहा कि पार्टी ‘इंडिया’ गठबंधन के सहयोगियों के साथ मामले पर चर्चा कर रही है और उनके समर्थन से जोरदार ढंग से आवाज उठायी जाएगी। राष्ट्रपति मुर्मू ने 18वीं लोकसभा के गठन के बाद बृहस्पतिवार को संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित किया।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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