Odisha Train Accident: ओडिशा रेल हादसे में किसकी गलती थी, इसकी जानकारी जल्द ही सामने आ जाएगी। इस मामले पर एफआईआर दर्ज की जा चुकी है और सीबीआई बालासोर ट्रेन एक्सीडेंट की जांच की तैयारी में जुट गई है। सोमवार को ओडिशा रेल हादसे में जीआरपी ने केस दर्ज किया है।
क्या लगा है आरोप
पिछले सप्ताह शुक्रवार को बालासोर में हुई ट्रेन दुर्घटना के संबंध में बालासोर राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) स्टेशन में FIR दर्ज की गई है। भारतीय दंड संहिता की धारा 337, 338, 304ए (गैर-जमानती) और 34 के तहत मामला दर्ज किया गया है, जिसमें "लापरवाही से मौत" और रेलवे अधिनियम की धारा 153, 154 और 175 के आरोप शामिल हैं।पिछले सप्ताह शुक्रवार को बालासोर में हुई ट्रेन दुर्घटना के संबंध में बालासोर राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) स्टेशन में FIR दर्ज की गई है। भारतीय दंड संहिता की धारा 337, 338, 304ए (गैर-जमानती) और 34 के तहत मामला दर्ज किया गया है, जिसमें "लापरवाही से मौत" और रेलवे अधिनियम की धारा 153, 154 और 175 के आरोप शामिल हैं।
सच आएगा सामने
सीबीआई बालासोर ट्रेन हादसे की जांच की तैयारी में जुट गई है। पीटीआई ने एक अधिकारी के हवाले से कहा है कि सीबीआई इस मामले को अपने हाथ में लेगी। जिसमें कम से 275 लोगों की मौत हो गई है और करीब 1,100 यात्री घायल हुए हैं। मिली जानकारी के अनुसार सीबीआई ओडिशा पुलिस द्वारा तीन जून को दर्ज बालासोर जीआरपी केस नंबर-64 को अपने हाथ में लेगी। यह मामला ट्रेन हादसे के एक दिन बाद दर्ज किया गया था।क्या है प्रक्रिया
इस मामले को दिल्ली मुख्यालय में विशेष अपराध इकाई को आवंटित किए जाने की संभावना है। प्रक्रिया के अनुसार, सीबीआई स्थानीय पुलिस की प्राथमिकी को अपने मामले के रूप में फिर से दर्ज करके जांच शुरू करती है। सीबीआई अपनी जांच पूरी होने के बाद दाखिल आरोपपत्र में प्राथमिकी से आरोप जोड़ या हटा सकती है।
क्या है ओड़िशा रेल हादसा
ओडिशा के बालासोर के पास कोरोमंडल एक्सप्रेस शुक्रवार शाम करीब सात बजे ‘लूप लाइन’ पर खड़ी एक मालगाड़ी से टकरा गई, जिससे इसके (कोरोमंडल एक्सप्रेस के) अधिकतर डिब्बे पटरी से उतर गए। उसी समय वहां से गुजर रही तेज रफ्तार बेंगलुरु-हावड़ा सुपरफास्ट एक्सप्रेस के कुछ डिब्बे कोरोमंडल एक्सप्रेस से टकरा कर पटरी से उतर गए। इस हादसे में कम से कम 275 लोगों की जान चली गई।
