पूर्वोत्तर के तीन राज्यों त्रिपुरा, नागालैंड और मेघालय में सरकार गठन की कवायद तेज हो गई है त्रिपुरा में बीजेपी अपने दम पर बीजेपी सरकार बना रही है गृहमंत्री अमित शाह के घर पर संडे को इस बारे में अहम बैठक हुई, इस बैठक में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और असम के सीएम हिमंत बिस्वा सहित कई अहम चेहरे शामिल रहे।
त्रिपुरा में नए सीएम को लेकर गुटबाजी
माना जा रहा है कि त्रिपुरा में नए सीएम को लेकर गुटबाजी नजर आ रही है इसी को देखते हुए ये बैठक अहम मानी जा रही है, बैठक में नागालैंड के मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो भी इस बैठक में मौजूद रहे बताया जा रहा है कि एक पक्ष निवर्तमान सीएम माणिक साहा के पक्ष में है जबकि पूर्व सीएम बिप्लब देब के समर्थकों वाला एक अन्य गुट केंद्रीय मंत्री प्रतिमा भौमिक के पक्ष में है
मेघालय में भी सरकार गठन को लेकर हलचल जारी
वहीं मेघालय में भी सरकार गठन को लेकर हलचल जारी हैं, गौर हो कि एनपीपी सरकार बनाने का दावा पेश कर चुकी है वहीं बीजेपी के साथ अब यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी (UDP) और पीपुल्स डेमोक्रेटिक फ्रंट (PDF) ने भी राज्य में सरकार बनाने के लिए एनपीपी को अपना समर्थन दिया है।
बीजेपी की उसकी नजर दक्षिण के वोटों पर है
हाल में संपन्न चुनाव में पूर्वोत्तर में मिली शानदार सफलता तथा कुछ दक्षिणी राज्यों में 2019 और 2024 के बीच राजनीतिक परिदृश्य में बदलाव से बीजेपी उत्साहित है तथा लगातार तीसरी बार केंद्र की सत्ता पर राजग के आरूढ़ होने की अपनी कोशिश के तहत उसकी नजर दक्षिण के वोटों पर है।
भाजपा-शासित कर्नाटक और भारत राष्ट्र समिति शासित तेलंगाना में इस साल के अंत में जो विधानसभा चुनाव होंगे, उससे इसका संकेत मिल जाएगा कि दक्षिण में कमल के खिलने के लिए माहौल अनूकूल है या नहीं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केरल में पार्टी के विजयी होने का विश्वास प्रकट किया है, जहां बीजेपी से एक सांसद एवं एक विधायक है।
बीआरएस को टक्कर देने का पार्टी का मनोबल बढ़ा है
पार्टी तेलंगाना में के. चंद्रशेखर राव के नेतृत्व वाली सत्तारूढ़ भारत राष्ट्र समिति के लिए एक चुनौती बनकर उभरी है। वह हाल के दो-तीन विधानसभा उपुचनावों में विजयी हुई और उसने 2020 के हैदराबाद नगम निगम के चुनाव में उम्दा प्रदर्शन किया। इससे 2024 के चुनाव में ताकतवर बीआरएस को टक्कर देने का पार्टी का मनोबल बढ़ा है।
