Shivraj Patil Passes Away: देश के पूर्व गृहमंत्री शिवराज पाटिल का 90 साल की उम्र में निधन हो गया। वे पिछले कई दिनों से बीमार चल रहे थे। शुक्रवार सुबह उन्होंने दुनिया को अलविदा कह दिया। कांग्रेस के दिग्गज नेताओं में से एक शिवराज पाटिल ने इंदिरा गांधी से लेकर राजीव गांधी के कार्यकाल में काम किया। इसके बाद यूपीए-1 सरकार के मंत्रिमंडल में उन्हें जगह मिली और वो साल 2004 से लेकर 2008 तक देश के गृह मंत्री रहे।
70 के दशक में उन्होंने सियासत में अपना कदम रखा। आखिर पलों तक वो कांग्रेस की राजनीति से जुड़े रहे। उनकी धमक इंदिरा गांधी की सरकार से लेकर मनमोहन सिंह सरकार तक बोलती रही। इंदिरा गांधी और राजीव गांधी की सरकार में उन्होंने रक्षा, वाणिज्य, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, परमाणु ऊर्जा, इलेक्ट्रॉनिक्स और अंतरिक्ष राज्य मंत्री जैसे महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी संभाली।
इसके बाद पीवी नरसिम्हा राव की सरकार में लोकसभा स्पीकर रहे और जब मनमोहन सिंह की अगुवाई में यूपीए की सरकार बनी, तो सबसे पावरफुल मंत्री बने।
मुंबई यूनिवर्सिटी से की लॉ की पढ़ाई
महाराष्ट्र के लातूर जिले में 12 अक्तूबर 1935 को जन्मे शिवराज पाटिल का स्वभाव बिलकुल सरल था। उन्होंने कानून की पढ़ाई की। उन्होंने उस्मानिया यूनिवर्सिटी से साइंस से ग्रेजुएशन किया था। इसके बाद उन्होंने मुंबई यूनिवर्सिटी से लॉ की पढ़ाई की। वह मराठवाड़ा के उस नए उभरते राजनीतिक वर्ग में शामिल हुए जिसने विकास, शिक्षा और सिंचाई को राजनीतिक बहस का केंद्र बनाने की कोशिश की।

पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री शिवराज पाटिल का हुआ निधन।(फोटो सोर्स: PTI)
1967 में पहली बार बने विधायक
उनकी राजनीतिक यात्रा की शुरुआत महाराष्ट्र विधानसभा से हुई, जहां वे 1967 में पहली बार विधायक बने। शांत स्वभाव और सधी हुई भाषा ने उन्हें शुरुआती दिनों से ही विशिष्ट बना दिया। बाद में वे लोकसभा पहुंचे और जल्दी ही संसद में अपनी शालीनता और दक्षता के लिए पहचाने जाने लगे।
लोकसभा के 10वें स्पीकर रहे
शिवराज पाटिल 1980 में पहली बार लातूर से लोकसभा चुनाव जीते थे और 1999 तक लगातार जीत हासिल करते रहे। वे सात बार सांसद बने। इसके अलावा 1991 से 1996 के बीच वे लोकसभा के स्पीकर भी रहे। उन्होंने लोकसभा के 10वें स्पीकर के तौर पर काम किया।

1991 से 1996 के बीच वे लोकसभा के स्पीकर भी रहे शिवराज पाटिल।(फोटो सोर्स: PTI)
साल 1980-1990 के दशक में उन्होंने संसद में संसदीय सदस्य की सैलरी और अलाउंस पर बनी जॉइंट कमिटी में काम किया। बाद में इसी के चेयरमैन भी बने। पाटिल पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के कार्यकाल में रक्षा राज्य मंत्री भी रह चुके हैं।
यूपीए सरकार में संभाली गृह मंत्रालय की जिम्मेदारी
2004-2008 की यूपीए सरकार के दौरान शिवराज पाटिल देश के गृहमंत्री भी रहे। हालांकि, 26/11 के मुंबई आतंकी हमले के बाद उन्होंने 30 नवंबर, 2008 को देश की सुरक्षा में हुई चूकों की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दे दिया था।

गुलाम नबी आजाद के साथ शिवराज पाटिल की फाइल फोटो।(फोटो सोर्स: Ghulam Nabi Azad)
जब विवादों में घिरे शिवराज पाटिल
करीब 4 दशक तक वह राजनीतिक जीवन में कई अहम पदों पर रहे। शिवराज पाटिल कई बार विवादों में भी घिर गए थे। साल 2008 में मुंबई में आतंकवादी हमले (Mumbai 26/11 Terror Attack) के समय पाटिल देश के गृह मंत्री थे। जब देश की सेना और मुंबई पुलिस आतंकवादियों से लोहा ले रहे थे, तो इस मुश्किल घड़ी में पाटिल को बार-बार अपने कपड़े बदलते देखा गया। बताया जाता है कि वह सुरक्षा बैठकों में देरी से पहुंचते थे। एक बैठक के बाद दूसरी बैठक में वह कपड़े बदलकर पहुंचते थे।

मुंबई आतंकी हमले के दौरान विवादों में घिरे थे शिवराज पाटिल।(फोटो सोर्स: Pralhad Joshi)
वहीं, साल 2022 में एक पुस्तक के विमोचन कार्यक्रम के दौरान उन्होंने भगवत गीता की तुलना जिहाद से कर दी थी, जिस पर विवाद खड़ा हो गया।
उन्होंने कहा था, "जिहाद केवल कुरान में नहीं, बल्कि गीता और जीसस की शिक्षाओं में भी है। जब कोई व्यक्ति सही बात समझने के बाद भी न समझे तो शक्ति का प्रयोग करना पड़ता है।" बीजेपी नेताओं ने उनके इस बयान की आलोचना की और कांग्रेस पर हिंदुओं से नफरत करने का आरोप लगाया।
पीएम मोदी ने जताया दुख
शिवराज पाटिल के निधन पर पीएम नरेंद्र मोदी ने शोक प्रकट किया। उन्होंने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा,"शिवराज पाटिल जी के निधन से व्यथित हूं। वे एक अनुभवी नेता थे, जिन्होंने अपने लंबे सार्वजनिक जीवन में विधायक, सांसद, केंद्रीय मंत्री, महाराष्ट्र विधानसभा के अध्यक्ष और लोकसभा अध्यक्ष के रूप में कार्य किया। वे समाज कल्याण में योगदान देने के लिए उत्सुक थे। वर्षों से मेरा उनसे कई बार संपर्क रहा है, सबसे हाल ही में कुछ महीने पहले जब वे मेरे आवास पर आए थे। इस दुख की घड़ी में मेरी संवेदनाएं उनके परिवार के साथ हैं। ओम शांति।"
कांग्रेस ने दी श्रद्धांजलि
भारत के पूर्व केंद्रीय मंत्री, पूर्व लोकसभा अध्यक्ष और वरिष्ठ कांग्रेस नेता श्री शिवराज पाटिल का निधन भारतीय राजनीति के लिए एक दुखद समाचार है। श्री पाटिल को उनके सरल और सौम्य व्यक्तित्व और राष्ट्र के प्रति उनकी सेवा के लिए हमेशा याद किया जाएगा ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें और शोक संतप्त परिवार को इस दुख को सहने की शक्ति दें।
