देश

40 बैंक खातों में 106 करोड़ रुपये- छांगुर बाबा को कौन भेजता था धर्मांतरण के लिए पैसे? एक-एक सच जानने में जुटी ED

उत्तर प्रदेश में अवैध धर्मांतरण का सरगना जलालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा के एक-एक पैसे की जांच ईडी कर रही है। जलालुद्दीन ने अपने और सहयोगियों के नाम लगभग 40 बैंक खातों में करीब 106 करोड़ रुपये जमा किए हैं, जिनमें से अधिकांश राशि पश्चिम एशिया से आई है।

Image

ATS के शिकंज में छांगुर बाबा (फोटो- IANS)

उत्तर प्रदेश में अवैध धर्मांतरण के आरोपों में फंसे गिरोह के सरगना जलालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा की संपत्तियों, बैंक खातों और वित्तीय लेन-देन की जांच के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बृहस्पतिवार को उत्तर प्रदेश आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस), राज्य सरकार के अधिकारियों और कुछ बैंकों को पत्र लिखे हैं। यह जानकारी आधिकारिक सूत्रों ने दी।

ईडी कर रही है जांच

ईडी की लखनऊ जोनल इकाई ने बुधवार को धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत एक आपराधिक मामला दर्ज किया था, जिसमें लखनऊ के गोमती नगर पुलिस थाने में जलालुद्दीन और अन्य के खिलाफ एटीएस की प्राथमिकी को संज्ञान में लिया गया है। जलालुद्दीन, उसके बेटे महबूब, और साथियों नवीन उर्फ जमालुद्दीन तथा नीतू उर्फ नसरीन को एटीएस ने गिरफ्तार कर जेल में रखा हुआ है। जांच एजेंसी जल्द ही अदालत में याचिका दायर कर बलरामपुर जिले के रहने वाले करीमुल्ला शाह से पूछताछ के लिए हिरासत में रिमांड का अनुरोध करेगी।

40 बैंक खातों में करीब 106 करोड़ रुपये

सूत्रों के अनुसार, जलालुद्दीन ने अपने और सहयोगियों के नाम लगभग 40 बैंक खातों में करीब 106 करोड़ रुपये जमा किए हैं, जिनमें से अधिकांश राशि पश्चिम एशिया से आई है। बताया गया है कि जलालुद्दीन ने एक व्यापक नेटवर्क बनाया था जो बलरामपुर में स्थित ‘चांद औलिया दरगाह’ के परिसर से संचालित होता था। यहां वह नियमित रूप से बड़ी सभाएं आयोजित करता था, जिनमें भारतीय और विदेशी दोनों नागरिक शामिल होते थे।

धर्म परिवर्तन के लिए कर देता था मजबूर

अधिकारियों ने यह भी दावा किया कि जलालुद्दीन ने धार्मिक प्रवचनों और अपनी पुस्तक ‘शिजरा-ए-तैय्यबा’ के प्रकाशन के माध्यम से इस्लाम को बढ़ावा दिया, जबकि हिंदू, अनुसूचित जाति और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को व्यवस्थित रूप से धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित और मजबूर किया गया।

ईडी खंगाल रही हर जानकारी

प्रवर्तन निदेशालय ने इस अपराध से प्राप्त आय की जांच के लिए एटीएस, बलरामपुर जिला प्रशासन और संबंधित बैंकों के धन शोधन निरोधक प्रकोष्ठों को पत्र भेजकर जलालुद्दीन, उसके परिवार और सहयोगियों की चल-अचल संपत्तियों, बैंक खातों और वित्तीय स्थिति की पूरी जानकारी मांगी है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को कहा था कि प्रारंभिक जांच से स्पष्ट हुआ है कि जलालुद्दीन की गतिविधियां न केवल समाज के लिए, बल्कि पूरे राष्ट्र के लिए खतरनाक हैं। उन्होंने ऐसे गिरोहों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का संकल्प जताया है।

Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

और पढ़ें
End of Article