ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के चीफ मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अनुसूचित जाति (एसटी) के वर्गीकरण के मसले पर घेरा है। उन्होंने पीएम मोदी को इसके लिए अध्यादेश लाने का ओपन चैलेंज दिया है। शुक्रवार (17 नवंबर, 2023) को उन्होंने कहा, “आपको सत्ता में 10 साल हो गए। आपको ऐसा करने से किसने रोका? किसी ने नहीं, लेकिन आपने ऐसा नहीं किया। अब आपने कहा कि इस संबंध में एक समिति बनाई जाएगी। आपके पास (लोकसभा में) दो-तिहाई बहुमत है। अध्यादेश लाएं। कांग्रेस ने तेलंगाना (गठन) का जो वादा किया था, उसे पूरा किया। आपके हाथ में सत्ता है और बहुमत भी आपके साथ है।”
खरड़े ने मोदी पर निशाना साधा और आगे बताया कि पीएम ने वादा किया था कि वह हर नागरिक के बैंक खाते में 15 लाख रुपये जमा करेंगे और हर साल 2 करोड़ रुपए की नौकरियां देंगे और साथ ही किसानों की आय दोगुनी करेंगे, "“लेकिन क्या ऐसा हुआ?” उन्होंने आगे कहा, "हमने इस देश का संविधान बनाया और सभी को समान हिस्सेदारी दी। केसीआर या मोदी ने क्या दिया? ऐसे लोग (आम) जन को भड़काते हैं और गुमराह करते हैं।” खड़गे के मुताबिक, चाहे मडिगा, माला या अन्य अनुसूचित जाति के लोग हों, कांग्रेस यह सुनिश्चित करेगी कि उन्हें सशक्त बनाया जाए और पार्टी अपने वादे से पीछे नहीं हटेगी।
दरअसल, एसटी के वर्गीकरण की मांग को लेकर मडिगा (अनुसूचित जाति समुदाय) को सशक्त बनाने के लिए एक समिति गठित करने से जुड़ा पीएम मोदी ने हाल ही में बयान दिया था। 11 नवंबर, 2023 को मोदी ने मडिगा समुदाय के संगठन मडिगा आरक्षण पोराटा समिति (एमआरपीएस) की ओर से आयोजित रैली में कहा था कि केंद्र सरकार जल्द ही एक समिति गठित करेगी जो अनुसूचित जातियों के वर्गीकरण की मडिगा समुदाय की मांग के संबंध में उन्हें सशक्त बनाने के लिए सभी संभावित तरीके अपनाएगी। चूंकि, तेलुगु भाषी राज्यों में अनुसूचित जातियों में मडिगा समुदाय की सबसे बड़ी हिस्सेदारी है। ऐसे में पीएम का यह बयान सियासी तौर पर खासा मायने रखता है।
