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कौन है संजय भंडारी...भारत के लिए उसका प्रत्यर्पण क्यों है बड़ी जीत

  • Authored by: शिशुपाल कुमार
  • Updated Nov 7, 2022, 10:39 PM IST

यूनाइटेड किंगडम की एक अदालत ने हथियार डीलर संजय भंडारी के भारत प्रत्यर्पण की अनुमति दे दी है। भंडारी पर भारत में मनी लॉन्ड्रिंग और कर चोरी के आरोप हैं और इसकी जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो और प्रवर्तन निदेशालय द्वारा की जा रही है। अब संजय भंडारी को भारत लाया जा सकता है।

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संजय भंडारी को भारत लाने का रास्ता साफ

Photo : PTI

Who is Sanjay Bhandari: संजय भंडारी फिलहाल लंदन में है और इसे यहां गिरफ्तार भी किया गया था। भारत सरकार की काफी कोशिशों के बाद ब्रिटेन में उसके प्रत्यर्पण का मामला चल रहा है, जहां कोर्ट ने सोमवार को प्रत्यर्पण की अनुमति दे दी है। अगर भंडारी लंदन में हाईकोर्ट में इसके खिलाफ अपील नहीं करता तो जल्द ही उसे भारत लाया जा सकेगा, हालांकि अगर वो हाईकोर्ट चला जाता है तो इसमें देरी हो सकती है।

कौन है संजय भंडारी

संजय भंडारी की जिंदगी काफी दिलचस्प रही है। विदेशी गाड़ियों के इस सौदागर का जब राजनीतिक कनेक्शन बना तो हथियारों की दलाली के धंधे में उतर गया। सबसे पहले ये विदेशों से लग्जरी गाड़ियों को भारत में लाता और उसे बड़ी-बड़ी हस्तियों को बेच देता। यहीं से उसका कनेक्शन बना और हथियारों के सौदे में दलाली करने लगा। इसके लिए उसने एक कंपनी भी बनाई थी। नाम था- ऑफसेट इंडिया सलूशंज। यह कंपनी हर आर्म्स शो में भाग लेती, स्टॉल बनाती और हथियारों के लिए लॉबिंग करती।

कैसे पकड़ाया

संजय भंडारी पर 2016 से केंद्रीय एजेंसियों ने शिकंजा कसना शुरू किया। दरअसल आयकर विभाग हवाला कारोबारियों के खिलाफ छापे मार रही थी, जांच कर रही थी, इसी दौरान भंडारी का नाम सामने आया था। जब उसके घर पर छापा मारा गया तो वहां कुछ गोपनीय दस्तावेज हाथ लगे। जिसके बाद उसकी सच्चाई सामने आ गई और उसके खिलाफ केस दर्ज किया गया। सीबीआई और ईडी ने मामले की जांच शुरू कर दी। लुकआउट नोटिस जारी किया गया, लेकिन भंडारी देश छोड़कर भागने में सफल रहा। जब्त किए गए दस्तावेजों से पता चलता है कि भंडारी के पास कई उच्च-स्तरीय संपर्क थे, उसकी यूएई और लंदन के साथ-साथ पनामा स्थित एक कंपनी में भी संपत्तियां थीं।

रॉबर्ट वाड्रा से संबंध का आरोप

बीजेपी, संजय भंडारी को लेकर आरोप लगाती रही है कि उसके रॉबर्ट वाड्रा के साथ संबंध हैं। रॉबर्ट वाड्रा की कंपनी से भंडारी ने कई बार बात की थी। दावा किया जाता है भंडारी ने लंदन स्थित वाड्रा के घर का डेकोरेशन का खर्चा भी उठाया था।

प्रत्यर्पण के क्या हैं मायने

संजय भंडारी का अगर ब्रिटेन से प्रत्यर्पण हो जाता है तो भारत के लिए बड़ी जीत होगी। पहला संदेश तो उन भगोड़ों के लिए होगा जो देश में अपराध करके विदेशों में बैठे हुए हैं कि आज नहीं तो कल उन्हें भारतीय कानून का सामना करना ही पड़ेगा। दूसरा संजय भंडारी के भारत आने के बाद उस अपराध की सच्चाई भी सामने आ जाएगी, जो उसने किए हैं। उसके साथ किसके संबंध थे और उसके कितने हथियारों की दलाली में पैसे खाए हैं।

शिशुपाल कुमार
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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