कौन है खुद को 'मोहम्मद दीपक' बताने वाला ये शख्स? उत्तराखंड में मुस्लिम को धमका रही भीड़ के सामने खड़ा हुआ हिंदू, अब मिल रहीं धमकियां
- Edited by: Nitin Arora
- Updated Feb 1, 2026, 12:22 PM IST
Uttarakhand Hindu Muslim Tension: दीपक 26 जनवरी को अपने दोस्त की दुकान पर थे, जब उन्होंने देखा कि एक भीड़ 70 साल के मुस्लिम दुकानदार वकील अहमद को धमका रही है। भीड़ में मौजूद लोगों ने कहा कि अहमद को अपनी दुकान 'बाबा स्कूल ड्रेस' के नाम से 'बाबा' शब्द हटाना होगा।
कौन है खुद को 'मोहम्मद दीपक' बताने वाला ये शख्स?
Who is Mohammed Deepak: उत्तराखंड के कोटद्वार में जिम मालिक दीपक कुमार ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो में कहा, 'मैं हिंदू नहीं हूं, मैं मुसलमान नहीं हूं, मैं सिख नहीं हूं, और मैं ईसाई नहीं हूं। सबसे पहले, मैं एक इंसान हूं। क्योंकि मरने के बाद मुझे भगवान और इंसानियत को जवाब देना है, किसी धर्म को नहीं।' दीपक ये बातें कहते हुए उन धमकियों का जवाब दे रहे थे जो उन्हें इन विचारों की वजह से मिल रही हैं। दरअसल, उन्होंने हिंदुत्व संगठन बजरंग दल के होने का दावा करने वाले कुछ लोगों से एक मुस्लिम दुकानदार को बचाया था।
बीते दिन शनिवार को उनके घर पर भीड़ जमा हो गई और पुलिस को दखल देना पड़ा। इसके बाद दीपक ने टकराव के वीडियो डाले और भारत के बारे में अपने सेक्युलर विचार भी शेयर किए। उन्होंने न्यूज आउटलेट्स से कहा है, 'मैं पीछे नहीं हटूंगा।'
'मेरा नाम मोहम्मद दीपक है!'
यह घटनाक्रम दीपक का हिंदुत्व ग्रुप के सदस्यों के साथ हुए टकराव से शुरू हुआ, जिसके दौरान उन्होंने कहा, 'मेरा नाम मोहम्मद दीपक है!', उन्होंने बाद में बताया कि यह वाक्य उनकी हिंदू पहचान को साथी मुसलमानों की पहचान के साथ जोड़ने के लिए था, ताकि भारत के बारे में उनका विचार सामने आ सके।
यह वाक्यांश सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल हो गया है, लेकिन इससे उनके घर पर खतरा भी पैदा हो गया। दीपक को भीड़ का सामना करते देखा गया, जबकि पुलिस उन्हें अलग कर रही थी।
'प्यार फैलाना बहुत बड़ी बात'
उन्होंने बाद में एक वीडियो में कहा, 'मैं आप सभी से - अपने भाइयों, बहनों और दोस्तों से बस इतना कहना चाहता हूं कि हमारे देश को प्यार और स्नेह की जरूरत है, न कि नफरत की। आप जितनी चाहें उतनी नफरत फैला सकते हैं; उसे कोई रोक नहीं सकता। लेकिन प्यार फैलाना बहुत बड़ी बात है।'
सांप्रदायिक गुंडागर्दी के खिलाफ खड़े हुए दीपक, पढ़ें- पूरा मामला
दीपक 26 जनवरी को अपने दोस्त की दुकान पर थे, जब उन्होंने देखा कि एक भीड़ 70 साल के मुस्लिम दुकानदार वकील अहमद को धमका रही है। भीड़ में मौजूद लोगों ने कहा कि अहमद को अपनी दुकान 'बाबा स्कूल ड्रेस' के नाम से 'बाबा' शब्द हटाना होगा। बता दें कि बाबा शब्द आमतौर पर बूढ़े या धार्मिक लोगों के लिए इस्तेमाल होता है और अहमद को धमकाने वाले लोगों ने जोर दिया कि इसका इस्तेमाल सिर्फ हिंदू धार्मिक लोगों के लिए किया जा सकता है और वो मुसलमान है।
एक वायरल वीडियो में दीपक भीड़ का सामना करते हुए दिख रहे हैं और पूछ रहे हैं कि दूसरे लोग 'बाबा' नाम इस्तेमाल कर सकते हैं, लेकिन अहमद क्यों नहीं। वीडियो में वह उनसे पूछते दिख रहे हैं, 'दुकान 30 साल पुरानी है; क्या आप नाम बदल देंगे?'
जब ग्रुप का एक आदमी उससे उसका नाम पूछता है, खास तौर पर उसकी पहचान जानने के लिए, तो दीपक कुमार जवाब देते हैं, 'मेरा नाम मोहम्मद दीपक है।'
दीपक ने इंडियन एक्सप्रेस को घटना के बारे में बताते हुए कहा, 'मेरा मकसद यह बताना था कि मैं एक भारतीय हूं और कानून के सामने सब बराबर हैं।'
'गद्दार'....लोगों ने क्या क्या कहा?
तब से दीपक कुमार को X, इंस्टाग्राम और फेसबुक पर दक्षिणपंथी हैंडल्स द्वारा गाली दी जा रही है, और उनके इंस्टा पब्लिक प्रोफाइल पर कमेंट्स की बाढ़ आ गई है। इनमें मुसलमानों और उनके विचारों का समर्थन करने वाले दूसरे लोगों की तरफ से आभार भी शामिल है, जबकि हिंदुत्व समर्थक सोशल मीडिया यूजर्स उन्हें 'गद्दार' और दूसरे, इससे भी बुरे नामों से बुला रहे हैं।
मुस्लिम दुकानदार ने क्या कहा?
बाद में पौड़ी गढ़वाल के कोटद्वार पुलिस स्टेशन में अहमद की शिकायत के आधार पर धमकी और मारपीट की धाराओं के तहत FIR दर्ज की गई, जो 30 सालों से दुकान चला रहे हैं।
उनकी शिकायत में कहा गया है, '26 जनवरी को तीन-चार लड़के मेरी दुकान पर आए और खुद को बजरंग दल का सदस्य बताया। उन्होंने मुझसे अपनी दुकान का नाम 'बाबा' से बदलकर कुछ और रखने को कहा। मुझे धमकी दी गई और डराया गया, और उन्होंने चेतावनी दी कि अगर मैंने दुकान का नाम नहीं बदला, तो अंजाम अच्छा नहीं होगा।'
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