आखिर Sunday को ही छुट्टी क्यों होती है? जानिए किस अफसर ने बनाया था ये नियम

Who introduced Sunday as a weekly holiday in India: आज रविवार की छुट्टी हमारे जीवन का हिस्सा है, लेकिन इसका इतिहास ब्रिटिश शासन से जुड़ा है। औपनिवेशिक दौर में एक प्रशासनिक फैसले ने भारत में सप्ताहिक अवकाश की नई परंपरा शुरू की, जिसने आगे चलकर मजदूर आंदोलन और कार्य-संस्कृति पर बड़ा प्रभाव डाला।

Produced by: पीयूष कुमारUpdated Jan 20 2026, 21:57 IST
<strong>भारत में पहली आधिकारिक रविवार छुट्टी की शुरुआत</strong>01 / 07

भारत में पहली आधिकारिक रविवार छुट्टी की शुरुआत

ब्रिटिश गवर्नर-जनरल लॉर्ड हार्डिंज ने 1843 में आदेश जारी कर सरकारी दफ्तरों में रविवार की छुट्टी अनिवार्य की।यह फैसला इसलिए अहम था क्योंकि उससे पहले कर्मचारियों को हफ्ते में एक भी छुट्टी नहीं मिलती थी। प्रशासनिक दबाव, थकान और बढ़ते विरोध को देखते हुए ब्रिटिश सरकार ने यह बदलाव लागू किया।​

ब्रिटिश ऑफिस सिस्टम में सुधा- who introduced Sunday holiday02 / 07

ब्रिटिश ऑफिस सिस्टम में सुधा- who introduced Sunday holiday

ब्रिटिश राज में अधिकारी और कर्मचारी रोजाना 10–12 घंटे तक काम करते थे। लगातार शिकायतों, गिरती कार्यक्षमता और स्वास्थ्य समस्याओं के चलते आराम का एक दिन तय करना आवश्यक हो गया था।हार्डिंज के फैसले को मानव हित में बड़ा सुधार माना गया और इसे भारत के पहले "वर्क-रिफॉर्म" कदमों में गिना जाता है।

1880 में लोकहांडे आंदोलन- Sunday leave history03 / 07

1880 में लोकहांडे आंदोलन- Sunday leave history

नारायण मेघाजी लोकहांडे, जिन्हें भारत का पहला ट्रेड यूनियन नेता कहा जाता है, ने 1881–1884 के बीच सप्ताहिक अवकाश को मजदूरों का अधिकार बनाने के लिए बड़ा आंदोलन चलाया।उन्होंने सरकार को ज्ञापन दिए, रैलियाँ निकालीं और "रविवार छुट्टी" को कानूनी रूप देने की मांग की। इस आंदोलन ने पूरे देश में मजदूर संगठनों को मजबूत किया।

भारतीय मजदूरों को पहली बार मिला हफ्ते का आराम- Sunday as weekly holiday reason04 / 07

भारतीय मजदूरों को पहली बार मिला हफ्ते का आराम- Sunday as weekly holiday reason

उस समय फैक्टरियों में भारतीय मजदूर बिना छुट्टी के कठिन परिस्थितियों में काम करते थे। रविवार अवकाश लागू होने के बाद सरकारी दफ्तरों से प्रेरणा लेकर कई उद्योग इकाइयों ने भी यह नियम अपनाना शुरू किया।यह मजदूरों के जीवन में पहली बार "आराम और परिवार के समय" का अवसर था।

धीरे-धीरे पूरे भारत में फैला नियम- Sunday holiday fact India05 / 07

धीरे-धीरे पूरे भारत में फैला नियम- Sunday holiday fact India

सरकारी दफ्तरों और कुछ फैक्टरियों में शुरुआत होने के बाद रविवार अवकाश धीरे-धीरे स्कूलों, रेलवे, पोस्ट ऑफिस और निजी संस्थानों में लागू होने लगा।20वीं सदी की शुरुआत तक यह एक स्थापित प्रणाली बन गई और पूरे भारत में कामकाजी ढांचे का हिस्सा बन गई।

भारत में रविवार की नई परिभाषा- Sunday rest tradition India06 / 07

भारत में रविवार की नई परिभाषा- Sunday rest tradition India

आज रविवार सिर्फ अवकाश का दिन नहीं बल्कि परिवार, सामाजिक गतिविधियों और मानसिक आराम का दिन माना जाता है।कई राज्यों में रविवार को बाजारों में विशेष गतिविधियाँ, छुट्टियां और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी इस दिन तय होते हैं, जिससे समाजिक जीवन का संतुलन बना रहता है।

बदल गई कार्यशैली और संस्कृति-  Sunday as weekly holiday reason07 / 07

बदल गई कार्यशैली और संस्कृति- Sunday as weekly holiday reason

लॉर्ड हार्डिंज का वह आदेश इतिहास में एक छोटे प्रशासनिक कदम जैसा दिखता है, लेकिन इसका असर भारत की पूरी वर्क कल्चर पर पड़ा।आज सप्ताहिक अवकाश भारतीय समाज में एक नियमित और आवश्यक व्यवस्था है—और इसकी नींव 180 साल पहले एक अंग्रेज अफसर ने रखी थी

End of Photo Gallery
Subscribe to our daily Newsletter!