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केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार दिल्ली की वायु गुणवत्ता लगातार 'गंभीर' श्रेणी में बनी हुई है। दिल्ली में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 'गंभीर' श्रेणी में है जिसके मद्देनजर नई दिल्ली नगर पालिका परिषद द्वारा लोधी रोड क्षेत्र में पानी का छिड़काव किया जा रहा है। उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 'बहुत खराब' श्रेणी में है।
उधर दिल्ली की महापौर शेली ओबेरॉय ने बुधवार को कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में बढ़ते वायु प्रदूषण के लिए खुले में कूड़ा जलाना, निर्माण और विध्वंस कार्यों का मलबा डालना और रेस्तरां में तंदूरों का उपयोग काफी हद तक जिम्मेदार है। ओबेरॉय ने कहा कि दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने इन गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाया है और इसका उल्लंघन करने वालों पर लगाए गए जुर्माने के तहत सात दिनों में लगभग 1.51 करोड़ रुपये वसूले हैं। ओबेरॉय ने कहा कि हमने खुले में कूड़ा जलाने और मलबा डालने पर नजर रखने के लिए विशेष दल तैनात किये हैं, ऐसी गतिविधियों पर बढ़ते वायु प्रदूषण को ध्यान में रखते हुए प्रतिबंध लगा दिया गया है। ये गतिविधियां दिल्ली में वायु प्रदूषण बढ़ाने वाली हैं।
राष्ट्रीय राजधानी में वायु प्रदूषण पर अंकुश लगाने के लिए एमसीडी ने 517 निगरानी दल तैनात किये हैं। इन दलों ने सात दिनों में खुले में कचरा जलाने के लिए 297 चालान और मलबा डालने के लिए 622 चालान किए हैं। खुले में कूड़ा जलाने पर रोक लगाने के लिए 175 दलों को दिन की निगरानी के लिए और 124 दलों को रात की निगरानी के लिए तैनात किया गया है।
