INDIA Bloc Meeting Delhi: देश की राजधानी नई दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में सोमवार को विपक्षी 'INDIA' गठबंधन के दिग्गज नेताओं की एक बेहद महत्वपूर्ण और हाई-प्रोफाइल बैठक संपन्न हुई। हालिया राजनीतिक घटनाक्रमों और देश के सामने खड़ी चुनौतियों पर चर्चा करने के लिए बुलाई गई इस बैठक में विपक्ष ने एक बार फिर एकजुटता का संदेश दिया है।
बैठक की शुरुआत में ही सोशल मीडिया पर एक ऐसी तस्वीर सामने आई, जिसने तुरंत सुर्खियां बटोर लीं।
सोनिया गांधी और ममता बनर्जी की गर्मजोशी वाली तस्वीर वायरल
बैठक के दौरान कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी और पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री व टीएमसी (TMC) प्रमुख ममता बनर्जी के बीच की केमिस्ट्री ने सबका ध्यान खींचा। जैसा कि साफ देखा जा सकता है, बैठक स्थल पर पहुंचते ही दोनों महिला नेताओं ने बेहद गर्मजोशी के साथ एक-दूसरे को गले लगाया।
इस वायरल तस्वीर में ममता बनर्जी के चेहरे पर मुस्कान और दोनों नेताओं के बीच का गहरा तालमेल साफ नजर आ रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, गठबंधन के भीतर अंदरूनी खींचतान की खबरों के बीच यह तस्वीर विपक्ष की मजबूती और एकजुटता का एक बड़ा संदेश देती है।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे का बड़ा बयान
बैठक की शुरुआत करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने अपने शुरुआती वक्तव्य में केंद्र की मोदी सरकार पर जमकर निशाना साधा। कांग्रेस ने 'X' (ट्विटर) पर खड़गे के संबोधन को साझा किया। उन्होंने कहा, 'मैं INDIA गठबंधन के नेताओं की इस बैठक में आप सभी का स्वागत करता हूं। यह समूह लगभग 3 साल पहले अस्तित्व में आया था। मैं ज्यादा नहीं बोलना चाहता, क्योंकि हमारे सामने मौजूद मुद्दे आप सभी अच्छी तरह जानते हैं। हमने 17 अप्रैल, 2026 को लोकसभा में अपनी एकजुटता और एकता को बहुत निर्णायक तरीके से दिखाया, जब हम सबने मजबूती से एकजुट होकर डिलिमिटेशन पर मोदी सरकार के दुर्भावनापूर्ण बिलों को परास्त किया।'
उन्होंने आगे कहा, 'अब हमें उसी भावना को और मजबूत करना है और आगे बढ़ाना है, ताकि मोदी सरकार के कुशासन के कारण देश के सामने खड़ी कई राजनीतिक, आर्थिक, सामाजिक और विदेश नीति से जुड़ी चुनौतियों का सामना किया जा सके। SIR के कारण हमारे करोड़ों लोगों से उनका मताधिकार छीना जा रहा है। संविधान पर हमला लगातार जारी है। जांच एजेंसियों का इस्तेमाल राजनीतिक विरोधियों को परेशान करने और डराने-धमकाने के औजार के रूप में लगातार किया जा रहा है।'
उन्होंने कहा कि गैर-BJP सरकारों के साथ भेदभाव किया जा रहा है। जरूरी वस्तुओं की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं और आर्थिक माहौल बेहद नकारात्मक है। नई नौकरियां पैदा करने के लिए जिस रफ्तार से नए निवेश आने चाहिए, वे बिल्कुल उस रफ्तार से नहीं आ रहे हैं। कई क्षेत्रों में निजी एकाधिकार बढ़ रहा है और MSMEs का भविष्य गंभीर संकट में है।
खड़गे ने कहा, 'परीक्षा प्रणाली के पूर्ण कुप्रबंधन के कारण हमारे लाखों युवाओं की आशाओं और आकांक्षाओं के साथ विश्वासघात किया जा रहा है। समाज के कमजोर वर्गों पर अत्याचार, खासकर BJP शासित राज्यों में, लगातार जारी हैं। हमारी विदेश नीति के साथ पूरी तरह से समझौता किया गया है और उन पारंपरिक मूल्यों को कायम नहीं रखा गया है, जिनकी भारत लंबे समय से पुरजोर समर्थन करता रहा है।'
बैठक में कौन-कौन से बड़े चेहरे रहे मौजूद?
इस महाबैठक में विपक्ष के लगभग सभी शीर्ष नेताओं ने शिरकत की। मंच पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, सोनिया गांधी, टीएमसी नेता ममता बनर्जी, राजद (RJD) नेता तेजस्वी यादव, सपा (SP) अध्यक्ष अखिलेश यादव, राकांपा (NCP SP) की सुप्रिया सुले, नेशनल कॉन्फ्रेंस के उमर अब्दुल्ला और पीडीपी की महबूबा मुफ्ती जैसे दिग्गज नेता एक साथ नजर आए।
विपक्षी बैठक में शामिल होने वाले दलों व स्वतंत्र सांसद की सूची
-कांग्रेस (Congress)
-समाजवादी पार्टी (SP)
-तृणमूल कांग्रेस (TMC)
-राष्ट्रीय जनता दल (RJD)
-नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC)
-पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP)
-झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM)
-शिवसेना - यूबीटी (Shiv Sena UBT)
-एनसीपी - शरदचंद्र पवार (NCP SP)
-सीपीआई - एम (CPM)
-भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI)
-सीपीआई - एमएल (CPI ML)
-रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी (RSP)
-इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML)
-विदुथलाई चिरुथैगल कत्छी (VCK)
-मरुमलारची द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (MDMK)
-केरल कांग्रेस (Kerala Congress)
-केरल कांग्रेस - एम (Kerala Congress M)
-राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP)
-भारत आदिवासी पार्टी (BAP)
-लोक दल (Lok Dal)
-फॉरवर्ड ब्लॉक (Forward Bloc)
-शेतकारी कामगार पक्ष (SKP)
-कपिल सिब्बल (स्वतंत्र राज्यसभा सांसद)
इस सूची में कपिल सिब्बल एक निर्दलीय (Independent) सांसद के तौर पर शामिल हुए, जिन्हें मिलाकर कुल संख्या 24 तक पहुंच गई। इस बैठक के बाद अब यह साफ है कि विपक्ष आने वाले समय में आर्थिक मुद्दों, बेरोजगारी, पेपर लीक और संघीय ढांचे पर हो रहे हमलों को लेकर सड़क से लेकर संसद तक सरकार को घेरने की एक साझा रणनीति पर काम कर रहा है।
