ऑस्ट्रेलिया में यहूदी लोगों पर हमलों से जुड़ी हाल की हिंसक घटनाओं ने दुनिया भर में यहूदी समुदायों को निशाना बनाने वाली विचारधारा से प्रेरित हिंसा में संभावित बढ़ोतरी के बारे में चिंताएं बढ़ा दी हैं। अधिकारियों ने कहा कि फिलहाल भारत में यहूदी संस्थानों या व्यक्तियों के खिलाफ सीधे खतरे की ओर इशारा करने वाली 'कोई कार्रवाई योग्य खुफिया जानकारी' नहीं है। हालांकि, अधिकारियों ने चेतावनी दी कि चरमपंथी प्रचार के वैश्विक प्रसार और ऑनलाइन कट्टरपंथ के कारण एहतियात के तौर पर ज्यादा सतर्कता बरतने की जरूरत है।
भारत में मुख्यता यहूदी समुदाय को तीन अलग-अलग भागों में बांटा गया है। पहले पश्चिमी भारत के बेने इजरायली यहूदी. दूसरे पश्चिम बंगाल के बगदादी यहूदी और तीसरे केरल के कोचीन यहूदी। हालांकि, इसके अलावा बेनेई मेनाशे यहूदी और आंध्र प्रदेश के बेने एफ्रैम यहूदी भी यहीं रहते हैं। बेने एफ्रैम यहूदी खुद को तेलुगु यहूदी भी कहते हैं, ऐसा इसलिए भी क्योंकि ये लोग तेलुगु भाषा बोलते हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, भारत के पूर्वोत्तर राज्यों यानी मणिपुर व मिजोरम में रहने वाले बेनेई मेनाशे यहूदी समुदाय के लोगों का कहना है कि उनके पूर्वज इजरायल के हैं। ऐसे में भारत में यहूदी लोगों की बात करें तो वे देश में 5 हिस्सों में रहते हैं।