भारत में कहां कहां रहते हैं यहूदी लोग? ऑस्ट्रेलिया में हुए आंतकी हमले के बाद खुफिया अलर्ट जारी

Jewish People in India: ऑस्ट्रेलिया में आतंकी हमला हुआ है। सिडनी में यहूदियों के प्रोग्राम को निशाना बनाते हुए हमला किया गया। इसमें 15 लोगों की जान चली गई। इस बीच भारत में भी यहूदी लोगों की सुरक्षा को लेकर अलर्ट भेजा गया है। तो आइए ऐसे में जानते हैं भारत में यहूदियों के आशियाने के बारे में

Authored by: नितिन अरोड़ाUpdated Dec 16 2025, 14:51 IST
ऑस्ट्रेलिया में बोंडी बीच हमले के बाद भारत में यहूदी समुदाय की सुरक्षा को लेकर अलर्ट जारी हुआ है। भारतीय अधिकारियों ने यहूदियों द्वारा अक्सर विजिट किए जाने वाले इलाकों में निगरानी बढ़ाने के लिए दो इंटेलिजेंस अलर्ट जारी किए हैं।01 / 05

ऑस्ट्रेलिया में बोंडी बीच हमले के बाद भारत में यहूदी समुदाय की सुरक्षा को लेकर अलर्ट जारी हुआ है। भारतीय अधिकारियों ने यहूदियों द्वारा अक्सर विजिट किए जाने वाले इलाकों में निगरानी बढ़ाने के लिए दो इंटेलिजेंस अलर्ट जारी किए हैं।

मीडिया रिपोर्ट में बताया गया कि भारत में दो इंटेलिजेंस अलर्ट जारी किए गए। एक रविवार को जिस दिन ऑस्ट्रेलिया में हमला हुआ था और बढ़ते यहूदी समुदाय के विरुद्ध खतरे को देखते हुए दूसरा सोमवार को अलर्ट जारी हुआ। बता दें कि साजिद अकरम और उसके बेटे नवीद ने रविवार शाम को हनुक्का के यहूदी त्योहार के लिए मशहूर बीच पर जमा लोगों पर गोलियां चलाईं थी, जिसमें 15 लोग मारे गए और दर्जनों घायल हो गए।02 / 05

मीडिया रिपोर्ट में बताया गया कि भारत में दो इंटेलिजेंस अलर्ट जारी किए गए। एक रविवार को जिस दिन ऑस्ट्रेलिया में हमला हुआ था और बढ़ते यहूदी समुदाय के विरुद्ध खतरे को देखते हुए दूसरा सोमवार को अलर्ट जारी हुआ। बता दें कि साजिद अकरम और उसके बेटे नवीद ने रविवार शाम को हनुक्का के यहूदी त्योहार के लिए मशहूर बीच पर जमा लोगों पर गोलियां चलाईं थी, जिसमें 15 लोग मारे गए और दर्जनों घायल हो गए।

भारत में इंटेलिजेंस अलर्ट जारी किए गए03 / 05

भारत में इंटेलिजेंस अलर्ट जारी किए गए

ऑस्ट्रेलिया में यहूदी लोगों पर हमलों से जुड़ी हाल की हिंसक घटनाओं ने दुनिया भर में यहूदी समुदायों को निशाना बनाने वाली विचारधारा से प्रेरित हिंसा में संभावित बढ़ोतरी के बारे में चिंताएं बढ़ा दी हैं। अधिकारियों ने कहा कि फिलहाल भारत में यहूदी संस्थानों या व्यक्तियों के खिलाफ सीधे खतरे की ओर इशारा करने वाली 'कोई कार्रवाई योग्य खुफिया जानकारी' नहीं है। हालांकि, अधिकारियों ने चेतावनी दी कि चरमपंथी प्रचार के वैश्विक प्रसार और ऑनलाइन कट्टरपंथ के कारण एहतियात के तौर पर ज्यादा सतर्कता बरतने की जरूरत है।

आखिर भारत में कहां रहते हैं यहूदी?04 / 05

आखिर भारत में कहां रहते हैं यहूदी?

भारत में मुख्यता यहूदी समुदाय को तीन अलग-अलग भागों में बांटा गया है। पहले पश्चिमी भारत के बेने इजरायली यहूदी. दूसरे पश्चिम बंगाल के बगदादी यहूदी और तीसरे केरल के कोचीन यहूदी। हालांकि, इसके अलावा बेनेई मेनाशे यहूदी और आंध्र प्रदेश के बेने एफ्रैम यहूदी भी यहीं रहते हैं। बेने एफ्रैम यहूदी खुद को तेलुगु यहूदी भी कहते हैं, ऐसा इसलिए भी क्योंकि ये लोग तेलुगु भाषा बोलते हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, भारत के पूर्वोत्तर राज्यों यानी मणिपुर व मिजोरम में रहने वाले बेनेई मेनाशे यहूदी समुदाय के लोगों का कहना है कि उनके पूर्वज इजरायल के हैं। ऐसे में भारत में यहूदी लोगों की बात करें तो वे देश में 5 हिस्सों में रहते हैं।

​बताया जाता है कि भारत में यहूदी 2000 साल पहले आए थे। पहली बार केरल के मालाबार तट पर उनके कदम पड़े थे, फिर धीरे धीरे भारत के हर हिस्से में पहुंच गए। जर्मन न्यूज वेबसाइट डीडब्लू की रिपोर्ट के अनुसार, 1940 के दशक के दौरान भारत में यहूदियों की आबादी करीब 50 हजार थी। ऐसी भी जानकारी है कि भारत में यहूदी लोग सेना में भी रहे. 1924 में जन्मे जे.एफ.आर. जैकब ने भारतीय सेना में शामिल होकर देश की सेवा की थी। उन्होंने 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।​05 / 05

​बताया जाता है कि भारत में यहूदी 2000 साल पहले आए थे। पहली बार केरल के मालाबार तट पर उनके कदम पड़े थे, फिर धीरे धीरे भारत के हर हिस्से में पहुंच गए। जर्मन न्यूज वेबसाइट डीडब्लू की रिपोर्ट के अनुसार, 1940 के दशक के दौरान भारत में यहूदियों की आबादी करीब 50 हजार थी। ऐसी भी जानकारी है कि भारत में यहूदी लोग सेना में भी रहे. 1924 में जन्मे जे.एफ.आर. जैकब ने भारतीय सेना में शामिल होकर देश की सेवा की थी। उन्होंने 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।​

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