JMM MLA: झारखंड में भले ही झामुमो ने सरकार बना ली है। चंपई सोरेन सीएम बन गए हैं, लेकिन ऑपरेशन लोटस के खतरे के कारण झामुओ और कांग्रेस अपने विधायकों को हैदराबाद भेज चुकी है। झामुमो का आरोप है कि बीजेपी उसके विधायकों को तोड़ने में लगी है। यही कारण है कि वो अपने विधायकों को हैदराबाद भेजी। ताकि विधायकों को टूटने से बचाया जा सके।
चौबीसों घंटे नजर
दरअसल हैदराबाद में कांग्रेस की सरकार है। जिस रिसोर्ट में कांग्रेस ने इस विधायकों को रखा है, वहां सुरक्षा के ऐसे सख्त प्रबंध हैं कि कोई भी नजर बचाकर उनतक नहीं पहुंच सकता है। पीटीआई को सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार विधायकों के खाने पीने के लिए एक अलग स्थान निश्चित है, कमरों की पहरेदारी के लिए खास पुलिसकर्मी तैनात हैं। साथ ही उनपर 24 घंटे नजर है।
दीपा दास मुंशी की निगरानी
- करीब 40 विधायकों को एआईसीसी सचिव और पार्टी की तेलंगाना प्रभारी दीपा दास मुंशी की निगरानी में रखा गया है। विधायकों को ओ बिज ब्लॉक में ठहराया गया है।
- रिजॉर्ट में जिस तल पर विधायकों का ठहराया गया है वहां जाने के लिए केवल एक लिफ्ट का उपयोग किया जा सकता है।
- विधायक के अलावा केवल उपयुक्त अधिकृत व्यक्ति ही इसका इस्तेमाल कर सकते हैं।
- कोई भी व्यक्ति अन्य लिफ्ट या साीढ़ियों का उपयोग कर उस स्थान पर नहीं जा सकता जहां विधायकों को ठहराया गया है।
- पुलिस अधिकारी निकास और प्रवेश द्वारों की चौबीसों घंटे पहरेदारी कर रहे हैं।
- विधायकों को जिन कमरों में ठहराया गया है, उसकी पुलिस कर्मी पहरेदारी कर रहे हैं और अनधिकृत निकास या प्रवेश वर्जित है।
- पहली मंजिल पर विधायकों के खानपान के लिए अलग स्थान निर्धारित किया गया है।
- यहां अन्य अतिथि नहीं जा सकते। डाइनिंग हॉल की भी पुलिस कर्मी कड़ी सुरक्षा कर रहे हैं।
- मोबाइल फोन अब भी विधायकों के पास हैं और रिजॉर्ट में सादे लिबास में पुलिस कर्मी हैं।
- पुलिस ने रिजॉर्ट की ओर जाने वाली एक सहायक सड़क पर अवरोधक लगाये हैं और वाहनों का प्रवेश निषिद्ध कर दिया है।
कब जाएंगे विधायक
झारखंड में झामुमो नीत सत्तारूढ़ गठबंधन के करीब 40 विधायक शुक्रवार को विमान से तेलंगाना की राजधानी आए थे। विश्वास मत से पहले उनकी खरीद-फरोख्त करने का भाजपा द्वारा प्रयास किये जाने की आशंका के चलते यह कदम उठाया गया। कांग्रेस की तेलंगाना इकाई के सूत्रों ने कहा कि झारखंड के विधायक पांच फरवरी को रांची के लिए रवाना होंगे जब चंपई सोरेन सरकार विश्वास मत का सामना करेगी।
