जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में मंगवालर को बड़ा आतंकवादी हमला हुआ जिसमें कम से कम 25 लोगों की मौत हुई है। अगस्त 2019 में जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म होने के बाद इसे सबसे बड़ा आतंकी हमला माना जा रहा है। पहलगाम हमले ने अतीत की खौफनाक यादों को फिर से जिंदा कर दिया। यह हमला ऐसे समय में हुआ जब अमेरिकी उपराष्ट्रपति जे डी वेंस भारत के दौरे पर हैं। यह पहली बार नहीं है जब विदेशी नेताओं और अधिकारियों के भारत यात्रा के दौरान क्रूर आतंकी हमला हुआ हो।
साल 2000 में हुआ था चिट्टी सिंहपोरा गांव में हमला
20 मार्च, 2000 की रात को पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवादियों ने जम्मू और कश्मीर के अनंतनाग जिले के चिट्टी सिंहपोरा गांव में 36 सिख ग्रामीणों को मौत के घाट उतार दिया था। यह भीषण हमला अमेरिकी राष्ट्रपति बिल क्लिंटन की 21-25 मार्च की यात्रा से ठीक पहले हुआ था। तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने क्लिंटन के समक्ष पाकिस्तान की संलिप्तता का मुद्दा उठाया था।
2002 में कालूचक के पास हुआ था हमला
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक दो साल बाद, जब दक्षिण एशियाई मामलों के लिए अमेरिकी सहायक विदेश मंत्री क्रिस्टीना बी रोका भारत की यात्रा पर थीं, तब 14 मई, 2002 को जम्मू-कश्मीर के कालूचक के पास एक आतंकवादी हमला हुआ। तीन आतंकवादियों ने मनाली से जम्मू जा रही हिमाचल सड़क परिवहन निगम की बस पर हमला किया और सात लोगों की हत्या कर दी। इसके बाद वे सेना के पारिवारिक क्वार्टर में घुस गए और अंधाधुंध गोलीबारी की, जिसमें 10 बच्चों, आठ महिलाओं और पांच सैन्यकर्मियों सहित 23 लोग मारे गए। मारे गए बच्चों की उम्र चार से 10 साल के बीच थी। हमले में 34 लोग घायल हुए।
IANS की रिपोर्ट
