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क्या है संगम नोज जहां पर मची थी भगदड़, महाकुंभ में यहीं हो रही सबसे ज्यादा भीड़

Sangam Nose: महाकुंभ में बड़ा हादसा हो गया जब मौनी अमावस्या के मौके पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ संगम नोज में स्नान के लिए पहुंची। इस हादसे में 10 लोगों की मौत हो गई जबकि 45 से अधिक लोग घायल हो गए।

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जानिए क्या होता है संगम नोज

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल

Mahakumbh-2025: महाकुंभ में बुधवार को बड़ा हादसा हो गया जब मौनी अमावस्या के मौके पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ संगम नोज (Sangam Nose) में स्नान के लिए पहुंची। इस हादसे में 10 लोगों की मौत हो गई जबकि 45 से अधिक लोग घायल हो गए। ऐसे में आप के मन में भी ये सवाल उठता होगा कि आखिर ये संगम नोज क्या है? आइए जानते है कि आखिर ये संगम नोज क्या है...

जानिए क्या होता है संगम नोज

बता दें, संगम नोज नाम इस जगह के आकार के कारण पड़ा है। प्रयागराज में इस संगम नोज को स्नान के लिए सबसे महत्वपूर्ण स्थान माना जाता है। जानकारी के अनुसार, यहीं पर यमुना और सरस्वती नदी गंगा से मिलती है। साधु-संत इसी जगह पर स्नान करते हैं। महाकुंभ में आने वाले भक्त भी इसी जगह पर स्नान को सबसे ज्यादा महत्व देते हैं। 2019 की तुलना में इस बार भीड़ को देखते हुए संगम नोज के क्षेत्र को बढ़ाया भी गया था। जानकारी के अनुसार, 20219 के कुंभ में संगम नोज में हर घंटे यहां 50 हजार लोग स्नान कर सकते थे, लेकिन इस बार महाकुंभ में हर घंटे 2 लाख लोगों के स्नान करने की तैयारी की गई है। जानकारी के अनुसार आज यानि मौनी अमावस्या के दिन भारी संख्या में लोग संगम नोज पहुंचना चाह रहे थे, जिसके चलते स्थिति नियंत्रण से बाहर हुई और भगदड़ मच गई। लेकिन प्रशासन ने फिर कई रास्तों को खोला और भीड़ को डायवर्ट किया। जिसके बाद काफी मुश्किलों के बाद स्थिति को नियंत्रित किया गया।

सीएम योगी ने श्रद्धालुओं से की अपील

इस बीच, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का बयान सामने आया है जिसमें उन्होंने श्रद्धालुओं से अफवाह पर भरोसा न करने की अपील की। साथ ही लगातार अपील की जा रही है कि श्रद्धालु जिस घाट के पास हैं वहीं पर स्नान करें। सीएम ने कहा कि प्रयागराज में मौनी अमावस्या पर स्नान के लिए 8 से 10 करोड़ लोग मौजूद हैं। इनमें से पांच करोड़ लोगों ने स्नान कर लिया है। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि गंगा के जो जिस घाट के समीप है, वहीं स्नान करें। संगम नोज की ओर जाने का प्रयास न करें। स्नान के लिए कई घाट बनाए गए हैं, जहां पर स्नान किया जा सकता है। प्रशासन के निर्देशों का पालन करें। साथ ही व्यवस्था को बनाने में सहयोग करें और किसी भी अफवाह पर ध्यान ना दें।
Shashank Shekhar Mishra
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शशांक शेखर मिश्रा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल (www.timesnowhindi.com) में बतौर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। इन्हें पत्रकारिता में करीब 5 वर्षों का अनुभव है। इन पांच सालों में देश की राजनीति से लेकर देश-दुनिया में बनते-बिगड़ते सत्ता समीकरणों एवं घटनाओं को कवर करने का अनुभव है। राजनीति, रक्षा और आटोमोबाइल्स की खबरों में विशेष रूचि के साथ खोजी पत्रकारिता और स्टिंग ऑपरेशन का भी अनुभव है। टाइम्स नाउ नवभारत में देश-दुनिया की खबरों के साथ रियल टाइम डेस्क पर कार्य करने का अनुभव है। शशांक ने इन 5 वर्षों के पत्रकारिता के कैरियर के दौरान टेलीविजन और डिजिटल मीडिया में कार्य करने का अनुभव हासिल किया है। टाइम्स नाउ नवभारत में बतौर कॉपी एडिटर जुड़ने से पहले जागरण न्यू मीडिया, इनशार्ट्स, जी हिंदुस्तान और न्यूज हेल्पलाइन में सब एडिटर, रिपोर्टर और असिस्टेंट प्रोड्यूसर के तौर पर काम कर चुके हैं। पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। इसके बाद एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन से पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन एंड टीवी जर्नलिज्म किया हैं। शशांक को जिम जाना, एडवेंचर एक्टिविटी करना और नई तकनीक को जानना और समझना बेहद पसंद है। इसके अलावा शशांक को ड्राइव करना और अध्यात्म में भी काफी रुचि हैं। शशांक शेखर मिश्रा उत्तर प्रदेश की राजधानी और नवाबों के शहर के रूप में फेमस लखनऊ से ताल्लुक रखते हैं।

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