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PM E-Bus Scheme को हरी झंडीः 100 शहरों में दौड़ेंगी 10 हजार इलेक्ट्रिक बस, PPP मॉडल पर है पूरा प्रोग्राम

  • Compiled by: अभिषेक गुप्ता
  • Updated Aug 16, 2023, 04:40 PM IST

PM E-bus Scheme: ई-बसें सार्वजनिक निजी भागीदारी (पीपीपी) के तहत इन चुने गए शहरों में परिचालित की जाएंगी। वैसे, सरकार का फोकस इस योजना के जरिए नगरीय बस परिवहन सेवा का विस्तार करने, उसे सुविधाजनक बनाने के साथ हरित आवाजाही को बढ़ाने पर है।

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बैठक के बाद संवाददाताओं को जानकारी देते हुए केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर।

Photo : ANI

PM E-bus Scheme: केंद्रीय मंत्रिमंडल ने ‘पीएम-ई बस सेवा’ को बुधवार (16 अगस्त, 2023) को हरी झंडी दे दी, जिस पर 10 साल में 57,613 करोड़ रूपए खर्च किये जाएंगे। केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने कैबिनेट की बैठक के बाद पत्रकारों को जानकारी दी कि पीएम नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में इस आशय के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। योजना के तहत उन शहरों को प्राथमिकता दी जाएगी, जहां व्यवस्थित परिवहन सेवा की कमी है।

उन्होंने आगे बताया कि इस कार्यक्रम पर 57,613 करोड़ रूपये खर्च किए जाएंगे और 10 हजार इलेक्ट्रिक बसों की सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। यह राशि 10 वर्ष में खर्च की जाएगी, जिसके लिए केंद्र सरकार 20 हजार करोड़ रूपए देगी और शेष राशि राज्यों को देनी होगी। देश में 3 लाख से 40 लाख की आबादी वाले 169 शहर हैं। कार्यक्रम के लिए इनमें से ‘चैलेंज मोड’ के आधार पर 100 शहरों का चयन किया जाएगा।

ई-बसें सार्वजनिक निजी भागीदारी (पीपीपी) के तहत इन चुने गए शहरों में परिचालित की जाएंगी। वैसे, सरकार का फोकस इस योजना के जरिए नगरीय बस परिवहन सेवा का विस्तार करने, उसे सुविधाजनक बनाने के साथ हरित आवाजाही को बढ़ाने पर है।

ठाकुर ने बताया- ये नई 10 हजार इलेक्ट्रिक बसें देशभर में चलाई जाएंगी और ये बसें 100 शहरों में दौड़ेंगी। योजना को मंजूरी पर्यावरण और आने वाले भविष्य को ध्यान में रखकर दी गई है।

अभिषेक गुप्ता
अभिषेक गुप्ताauthor

छोटे शहर से, पर सपने बड़े-बड़े. किस्सागो ऐसे जो कहने-बताने और सुनाने को बेताब. कंटेंट क्रिएशन के साथ नजर से खबर पकड़ने में पारंगत और "मीडिया की मंडी" में लगभग आठ साल का अनुभव. न्यूज, सिनेमा, बाइक्स और घूमने में दिलचस्पी.

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