Mamata Banerjee on Protest over Dearness Allowance: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की चीफ ममता बनर्जी ने डीए (महंगाई भत्ता) को लेकर विपक्ष (बीजेपी, कांग्रेस और लेफ्ट) समर्थित विरोध प्रदर्शन पर नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने साफ कर दिया कि सूबे के पास सरकारी कर्मचारियों को अधिक पैसे देने के लिए अब फंड नहीं है।
सोमवार (छह मार्च, 2023) को विधान सभा में विस्तारित बजट सत्र में बोलते हुए बनर्जी ने कहा, "वे (सरकारी कर्मचारी) लगातार मुझे और की आस लगाए हैं। अब बताएं कि मैं और कितना दूं (रकम)?"
उन्होंने आगे कहा- हमारी सरकार के लिए और डीए देना संभव नहीं है। हमारे पास पैसे नहीं हैं। हम तीन प्रतिशत अतिरिक्त डीए दे चुके हैं। आप आप उससे खुश न हों तब आप मेरा सिर कलम कर सकते हैं। आप यह और कितना चाहिए?
बकौल बंगाल सीएम, “आप (आंदोलन करने वाले सरकारीकर्मी) कितना चाहते हैं? आपको कितने से संतुष्टि मिलेगी? कृपया मेरा सिर काट दें...फिर उम्मीद है कि आप संतुष्ट हो जाएंगे...अगर आप मुझे पसंद नहीं करते हैं, तो मेरा सिर काट दें, पर आप मुझसे और नहीं पा पाएंगे।”
सदन में उन्होंने केंद्र और बंगाल सरकार के वेतन ढांचे में अंतर का हवाला दिया। साथ ही दावा किया कि राज्य में टीएमसी सरकार पहले से ही अपने कर्मचारियों को 105 प्रतिशत डीए दे रही है।
बनर्जी की ये टिप्पणियां संग्रामी जौथा मंच (संयुक्त संघर्ष मंच) सहित राज्य सरकार के कर्मचारियों के विभिन्न संगठन की ओर से केंद्र सरकार के बराबर महंगाई भत्ता बढ़ाने की अपनी मांग पर अड़े रहने के मद्देनजर आई हैं। दरअसल, बंगाल में विपक्षी दलों की मांग है कि राज्य सरकार के कर्मचारियों को उसी दर से डीए मिले, जिस हिसाब से केंद्रीय कर्मचारियों को यह दिया जाता है। (पीटीआई-भाषा इनपुट्स के साथ)
