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पश्चिम बंगाल में बड़ा सड़क हादसा: लॉरी-एम्बुलेंस की जोरदार टक्कर, दो महिलाओं समेत छह की मौत

West Bengal Road Accident News: पश्चिम बंगाल में हुए सड़क हादसे में छह लोगों की मौत हो गई। इसमें दो महिलाएंं शामिल हैं। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि लॉरी और एम्बुलेंस के बीच टक्कर इतनी जोरदार थी कि एम्बुलेंस के परखच्चे उड़ गए।

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Road Accident

Photo : BCCL

West Bengal Road Accident News: पश्चिम बंगाल में भीषण सड़क हादसा हुआ है। यहां लॉरी और एम्बुलेंस की जोरदार टक्कर हो गई। इस हादसे में छह लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। सभी घायलों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया है।

अधिकारियों ने बताया कि एक एम्बुलेंस घाटाल से मरीजों को लेकर मेदिनीपुर मेडिकल कॉलेज आ रही थी तो लॉरी मेदिनीपुर दिशा से केशपुर की ओर जा रही थी। तभी पंचमी के पास बड़े पोल के पास हादसा हो गया। दोनों वाहन की जोरदार टक्कर हो गई। हादसे में एम्बुलेंस सवार ज्यादा लोग हताहत हुए।

एम्बुलेंस के उड़े परखच्चे

एम्बुलेंस और लॉरी में टक्कर इतनी जोरदार थी कि एम्बुलेंस पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई। हादसे में दो महिलाओं समेत छह लोगों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। प्रत्यक्षदर्शी के मुताबिक एम्बुलेंस में सात और लॉरी में ड्राइवर समेत दो लोग सवार थे। बता दें कि हादसे की सूचना मिलने के बाद मौके पर पुलिस टीम के साथ अधिकारी भी पहुंच गए। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है, जबकि घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया है।

घायलों को भेजा गया अस्पताल

पुलिस अधीक्षक धृतिमान सरकार ने घटना की जानकारी दी। उन्होंने बताया, सीमेंट से भरी एक लॉरी और केशपुर की एम्बुलेंस से टक्कर हो गई। छह लोगों की मौत हो गई और दो लोग घायल हो गए। घायलों को मेदिनीपुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घायल चंद्रकोना खिरपाई इलाके के रहने वाले हैं। मृतकों में दो महिलाएं भी शामिल हैं।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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