Army Chief on Operation Sindoor- सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने आज फिर साफ कहा कि आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर अभी भी जारी है। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने सुरक्षा चुनौतियों से निपटने में भारत की तत्परता, रणनीतिक स्पष्टता को दर्शाया। उन्होंने पाकिस्तान को चेताते हुए कहा कि ऑपरेशन सिंदूर को सटीक तरीके से अंजाम दिया गया, ये अभी जारी है।
कहा- हम जमीनी आक्रमण के लिए तैयार थे
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान तैयारियों पर सेना प्रमुख ने कहा कि हमने व्यापक सैन्य तैनाती की थी। हम जमीनी आक्रमण के लिए तैयार थे। ऑपरेशन सिंदूर तीनों सेनाओं के समन्वय का उदाहरण था। सेना प्रमुख ने कहा कि जम्मू और कश्मीर में स्थिति संवेदनशील बनी हुई है, लेकिन पूरी तरह नियंत्रण में है।
सेना प्रमुख ने उत्तरी सीमा के संदर्भ में कहा कि विश्वास बहाली के उपाय हालात के क्रमिक सुधार में लगातार योगदान दे रहे हैं। सेना प्रमुख ने चीन से लगी सीमा पर हालात को लेकर कहा कि हमारी तैनाती संतुलित और सुदृढ़ है। उन्होंने कहा कि उत्तरी सीमा पर हालात स्थिर बने हुए हैं, लेकिन सतत निगरानी जरूरी।
2025 में आतंकी भर्तियों की संख्या लगभग नगण्य
जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा कि भारत द्वारा 10 मई को पाकिस्तानी क्षेत्र में नौ आतंकी संगठनों को निशाना बनाकर शुरू किए गए ऑपरेशन सिंदूर के बाद से पश्चिमी मोर्चे और जम्मू-कश्मीर में स्थिति संवेदनशील लेकिन पूरी तरह नियंत्रण में बनी हुई है। नई दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में सकारात्मक बदलाव के स्पष्ट संकेत मिले हैं क्योंकि 2025 में आतंकी भर्तियों की संख्या लगभग नगण्य रही है। जनरल द्विवेदी ने बताया कि 2025 में 31 आतंकवादियों को मार गिराया गया। उन्होंने आगे कहा कि इनमें से 65 प्रतिशत पाकिस्तानी मूल के थे।
उन्होने कहा, 10 मई से पश्चिमी मोर्चे और जम्मू-कश्मीर में स्थिति संवेदनशील बनी हुई है, लेकिन पूरी तरह नियंत्रण में है। 2025 में 31 आतंकवादियों को मार गिराया गया, जिनमें से 65 प्रतिशत पाकिस्तानी मूल के थे, जिनमें पहलगाम हमले के तीन हमलावर भी शामिल हैं जिन्हें ऑपरेशन महादेव में मार गिराया गया। सक्रिय स्थानीय आतंकवादियों की संख्या अब एकल अंकों में है।
पर्यटन की ओर बदलाव
सेना प्रमुख ने कहा, आतंकवादी भर्ती लगभग न के बराबर है, 2025 में केवल दो भर्तियां हुईं। जम्मू-कश्मीर में सकारात्मक बदलाव के स्पष्ट संकेत हैं मजबूत विकास गतिविधियां, पर्यटन का पुनरुद्धार और शांतिपूर्ण श्री अमरनाथ यात्रा, जिसमें 4 लाख से अधिक तीर्थयात्री शामिल हुए, जो पिछले पांच वर्षों के औसत से अधिक है। आतंकवाद से पर्यटन की ओर बदलाव धीरे-धीरे आकार ले रहा है। जनरल द्विवेदी ने म्यांमार में घट रही घटनाओं के दूसरों के प्रभाव से पूर्वोत्तर को बचाने के लिए काम कर रहे असम राइफल्स, सेना और गृह मंत्रालय के सुरक्षा तंत्र के बारे में भी जानकारी दी।
