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ट्रेनी महिला डॉक्टर के साथ बर्बरता मामले में सामने आई CBI की नई थ्योरी, अब इस एंगल से हो रही जांच

Kolkala Rape & Murder Case: कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज व अस्पताल को लेकर केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) कई अलग-अलग थ्योरी की जांच कर रही है, लेकिन जांच का फोकस अभी सबूतों से छेड़छाड़ की आशंका पर टिका हुआ है। सूत्रों से प्राप्त जानकारी के मुताबिक, सीबीआई का मानना है कि सबूतों के साथ छेड़छाड़ करने में भी कई लोग शामिल हो सकते हैं।​

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आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल मामले की CBI जांच (फाइल फोटो)

Photo : Times Now Digital
KEY HIGHLIGHTS
  • कोलकाता घटना को लेकर पूरा देश आक्रोशित।
  • CBI को सबूतों से छेड़छाड़ की आंशका।
  • CBI ने बदला जांच का एंगल!

Kolkala Rape & Murder Case: कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज व अस्पताल (RG Kar Medical College and Hospital) में ट्रेनी महिला डॉक्टर के साथ हुई बर्बरता को लेकर देशभर में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) के अधिकारी सबूतों को एकत्रित करने में जुटे हैं। हालांकि, सीबीआई को आशंका है कि सबूतों से छेड़छाड़ हो सकती है। फिलहाल अधिकारी मामले में सबूतों से छेड़छाड़ की आशंका पर फोकस कर रहे हैं।

क्या कई लोगों ने सबूतों से की छेड़छाड़?

सूत्रों ने कहा कि सीबीआई के अधिकारी ये मानकर चल रहे हैं कि अगर दुष्कर्म और हत्या की घटना में कुछ लोग शामिल थे तो सबूतों के साथ छेड़छाड़ करने में भी कई लोग शामिल हो सकते हैं।

VIDEO में नहीं दिख रहा शव

इस थ्योरी के आधार पर सीबीआई सबूतों से छेड़छाड़ के सुराग खोजने की कोशिश कर रही है, ताकि वह आरजी कर दुष्कर्म और हत्या मामले के पीछे की सच्चाई तक पहुंच सके। इस मामले की जांच में सीबीआई के लिए जो बात सबसे महत्वपूर्ण हो गई है वह है एक वीडियो, जो हाल ही में सोशल मीडिया (Social Media) पर वायरल हुआ है। जिसमें कथित रूप से आरजी कर के पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष के करीबियों को 9 अगस्त की सुबह पीड़िता के शव बरामद होने के तुरंत बाद सेमिनार हॉल में देखा गया था, लेकिन इस वीडियो में पीड़िता का शव नहीं दिखाई दिया था। हालांकि, टाइम्स नाउ नवभारत इस वायरल हो रहे वीडियो की पुष्टि नहीं करता है।

पूरे हॉल को क्यों नहीं किया गया सील?

सूत्रों ने बताया कि कोलकाता पुलिस ने दावा किया है कि शव बरामद होने के बाद से सेमिनार हॉल के बड़े हिस्से की घेराबंदी कर दी गई थी, लेकिन सीबीआई अधिकारी इस तर्क को नहीं मान रहे हैं। प्रोटोकॉल के अनुसार, पूरा सेमिनार हॉल अपराध से जुड़ा एक पार्ट है। इसलिए इसके एक हिस्से को सील करने के बजाए पूरे हॉल को सील किया जाना चाहिए था और कमरे में अन्य लोगों के प्रवेश पर रोक लगानी चाहिए थी।

CBI लेटरहेड की भी हो रही जांच

केंद्रीय एजेंसी के जांच अधिकारी हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल हुए फर्जी सीबीआई लेटरहेड की भी जांच कर रहे हैं। जिसमें कथित केंद्रीय एजेंसी के ‘अधिकारी’ मामले के विभिन्न पहलुओं पर टिप्पणी कर रहे हैं। सूत्रों ने कहा कि आईओ का मानना है कि फर्जी पत्र जानबूझकर गलत सूचना फैलाने और जांच प्रक्रिया के बारे में लोगों को गुमराह करने के लिए प्रसारित किए जा रहे हैं।

क्या घोष ने किसी को दी थी घटना की जानकारी?

इसके अलावा सीबीआई अधिकारी, मुख्य अपराध के पीछे की सच्चाई के करीब पहुंचने के लिए इस तरह के फर्जी पत्रों के सोर्स तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं। साथ ही सीबीआई के अधिकारी शव मिलने के तुरंत बाद संदीप घोष के मोबाइल फोन से की गई फोन डिटेल का भी पता लगा रहे हैं।

जांच अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि बातचीत के दौरान वास्तव में क्या हुआ था। वे यह पता लगाना चाहते हैं कि घोष ने उस सुबह क्या किसी को इस घटना के बारे में कोई जानकारी दी थी?

(इनपुट: आईएएनएस)

Anurag Gupta
अनुराग गुप्ताauthor

अनुराग गुप्ता टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और मीडिया में 9 वर्षों का अनुभव रखते हैं। जर्नलिज़्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से ही वे न्यूजरूम के विभिन्न आयामों—कॉपी एडिटिंग, कंटेंट क्यूरेशन और रियल-टाइम न्यूज मॉनिटरिंग में दक्षता के साथ काम कर रहे हैं। राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और ब्रेकिंग न्यूज पर उनकी मजबूत पकड़ है। अनुराग खबरों की बारीकियों को समझने, फैक्ट चेकिंग और स्टोरी के अहम पहलुओं को पाठकों तक सरल भाषा में पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने अब तक 10 हजार से अधिक खबरें प्रकाशित की हैं, जिनमें ब्रेकिंग अपडेट्स, एनालिटिकल कंटेंट, स्पेशल स्टोरीज और न्यूज एक्सप्लेनर्स शामिल हैं।

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